# नासिक और चेन्नई के बीच बनने वाले नए एक्सप्रेसवे की टेंडर प्रक्रिया रुकी, जानिए परियोजना में क्यों हो रही देरी

> महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में जमीन अधिग्रहण का काम बाकी रहने के कारण नासिक-अक्कलकोट खंड के टेंडर को 30 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया है। कुल 900 किलोमीटर लंबा यह 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पांच राज्यों को जोड़ेगा और यात्रा का समय 24 घंटे से घटाकर 10 घंटे कर देगा।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/nashik-aura-chennai-ke-bicha-banane-vale-nae-eksapresave-ki-tendara-prakriya-ruki-janie-pariyojana-men-kyon-ho-rahi-deri-40353 · **Language:** Hindi
**Tags:** नासिक चेन्नई एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सड़क परिवहन, जमीन अधिग्रहण, महाराष्ट्र आधारभूत संरचना

देश के बुनियादी ढांचे के विस्तार के तहत तैयार हो रहे नए एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में नासिक और चेन्नई को जोड़ने वाले हाई-स्पीड मार्ग की प्रगति फिलहाल कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से रुक गई है। महाराष्ट्र के भीतर इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर होने वाली बिडिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर 30 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि परियोजना के एक बड़े हिस्से के लिए जमीन जुटाने का काम तेजी से निपटाया गया है, लेकिन कुछ अहम जिलों में अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी न हो पाने की वजह से निर्माण कार्य को गति नहीं मिल सकी है।

## महाराष्ट्र के प्रमुख जिलों में जमीन की स्थिति
परियोजना के महाराष्ट्र हिस्से पर नजर डालें तो नासिक से अक्कलकोट के बीच निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जमीन जुटाने की प्रक्रिया चल रही है। इस खंड के तहत आने वाले सोलापुर और धाराशिव जिलों में प्रशासन ने लगभग 90 फीसदी भूमि अधिग्रहण का काम सफलता से पूरा कर लिया है। इसके उलट अहिल्यानगर और नासिक जिलों के कुछ चिन्हित क्षेत्रों में अब भी जमीन का अधिग्रहण पूरा होना बाकी है। इसी अधूरे काम को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने निर्माण की नीलामी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकते हुए तारीख को 30 अक्टूबर तक बढ़ाने का फैसला किया है, ताकि जमीन का पूरा पैच मिलने के बाद ही ठेका जारी किया जा सके।

## नासिक से अक्कलकोट खंड का दायरा और दूरी में बचत
इस पूरे मार्ग का सबसे बड़ा और प्रमुख हिस्सा नासिक से अक्कलकोट के बीच प्रस्तावित है, जिसकी लंबाई करीब 374 किलोमीटर निर्धारित की गई है। वर्तमान सड़क नेटवर्क से इन दोनों स्थानों के बीच सफर करने पर वाहनों को लगभग 450 किलोमीटर का फासला तय करना पड़ता है। नए 6 लेन वाले एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यह दूरी सीधे तौर पर 75 किलोमीटर घट जाएगी। इसके साथ ही यात्रा समय में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अभी इस सफर में यात्रियों को 10 घंटे से भी ज्यादा का समय खर्च करना पड़ता है, जबकि इस आधुनिक सड़क के बन जाने के बाद यह पूरी दूरी महज 4 घंटे में तय की जा सकेगी। इस खास हिस्से पर लगभग 19,142 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है।

## रूट में बदलाव और पांच राज्यों को मिलने वाला फायदा
शुरुआती योजना के अनुसार यह गलियारा सूरत से शुरू होकर चेन्नई तक जाना था, जिसकी कुल लंबाई करीब 1,271 किलोमीटर तय की गई थी। बाद में परियोजना की रूपरेखा में संशोधन करते हुए सूरत से नासिक वाले हिस्से को इससे अलग कर दिया गया। अब यह प्रोजेक्ट सीधे नासिक से शुरू होकर चेन्नई तक जाएगा और इसकी कुल दूरी 900 किलोमीटर रह गई है। यह 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पांच राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु (चेन्नई) से होकर गुजरेगा। इस विशाल सड़क मार्ग के शुरू होने से न केवल अंतरराज्यीय माल ढुलाई सुगम होगी, बल्कि इन सभी राज्यों के बीच औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

## लक्ष्य, वर्तमान प्रगति और आगे की चुनौतियां
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस पूरे 900 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को वर्ष 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। परियोजना के अन्य हिस्सों की बात करें तो कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को आपस में जोड़ने वाले 177 किलोमीटर के खंड पर निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। मौजूदा समय में नासिक से चेन्नई के बीच सामान्य रास्तों से लगभग 1,400 किलोमीटर का सफर तय करने में करीब 24 घंटे का वक्त लगता है। जब यह संपूर्ण एक्सप्रेसवे चालू हो जाएगा, तो यह सफर सिमटकर महज 9 से 10 घंटे का रह जाएगा। हालांकि महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण हिस्से में भूमि अधिग्रहण पूरा न होने और टेंडर रुकने से परियोजना की तय समयसीमा पर दबाव बढ़ सकता है।

## इसका आप पर असर
इस एक्सप्रेसवे के बनने से पांच राज्यों के बीच माल ढुलाई और लंबी दूरी का सड़क सफर बेहद तेज और आसान हो जाएगा।

- **भारत में:** पांच राज्यों के बीच लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत में भारी गिरावट आएगी। नासिक और चेन्नई के बीच 1,400 किलोमीटर की यात्रा घटकर 900 किलोमीटर रह जाएगी और 24 घंटे का समय घटकर सिर्फ 9 से 10 घंटे बचेगा।
- **महाराष्ट्र में:** नासिक से अक्कलकोट की यात्रा का समय 10 घंटे से घटकर केवल 4 घंटे रह जाएगा। सोलापुर, धाराशिव, अहिल्यानगर और नासिक के स्थानीय किसानों व व्यापारियों को अपने उत्पाद तेजी से दक्षिण भारत भेजने में सहूलियत होगी।
- **यात्रियों के लिए:** दोनों छोरों के बीच सफर करने वाले वाहन चालकों को घुमावदार और भीड़भाड़ वाले पुराने रास्तों से मुक्ति मिलेगी। 75 किलोमीटर कम दूरी और 6 लेन की ग्रीनफील्ड सड़क से ईंधन व समय दोनों की भारी बचत होगी।
- **निवेश और रोजगार:** मार्ग पर पड़ने वाले अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स हब के नए अवसर खुलेंगे। 19,142 करोड़ रुपये के इस खंड से स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री और श्रमिकों के लिए रोजगार पैदा होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
नासिक-चेन्नई एक्सप्रेसवे के महाराष्ट्र खंड में निर्माण शुरू होने में आई रुकावट की मुख्य वजह जमीन अधिग्रहण का पूरी तरह संपन्न न होना है। प्रशासन चाहता है कि ठेकेदारों को काम सौंपने से पहले पूरा जमीनी गलियारा कानूनी और भौतिक रूप से उपलब्ध हो।

- **अधूरा भूमि अधिग्रहण:** अहिल्यानगर और नासिक जिलों में जमीन अधिग्रहण का कार्य अभी पूरा नहीं हो पाया है। जब तक आवश्यक भूखंडों का कब्जा पूरी तरह नहीं मिल जाता, तब तक निर्माण कार्य शुरू करना जोखिम भरा माना जाता है।
- **बिडिंग की तारीख आगे बढ़ना:** जमीनी औपचारिकताएं अधूरी रहने के कारण नासिक से अक्कलकोट तक के निर्माण टेंडर की समयसीमा को बढ़ाकर 30 अक्टूबर कर दिया गया है। इससे पहले कि ठेकेदारों का चयन हो, सरकार बाकी बचे भूखंडों को सुरक्षित करना चाहती है।
- **परियोजना प्रारूप में बदलाव:** शुरुआत में यह कॉरिडोर 1,271 किलोमीटर का सूरत-चेन्नई मार्ग था, जिसे बाद में संशोधित कर 900 किलोमीटर का नासिक-चेन्नई मार्ग बनाया गया। इस तरह के रूट पुनर्गठन के कारण भी सर्वे और अधिग्रहण की प्राथमिकताओं में बदलाव आया है।

## सवाल-जवाब

### 1. नासिक-चेन्नई एक्सप्रेसवे के महाराष्ट्र सेक्शन पर काम क्यों रुका हुआ है?
अहिल्यानगर और नासिक जिलों में जमीन अधिग्रहण का काम अधूरा रहने के कारण नासिक-अक्कलकोट खंड की बिडिंग प्रक्रिया 30 अक्टूबर तक टाल दी गई है।

### 2. इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई कितनी है?
इस पूरे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 900 किलोमीटर है।

### 3. नासिक से अक्कलकोट के बीच का सफर कितना आसान हो जाएगा?
दोनों शहरों के बीच की दूरी 75 किलोमीटर कम होगी और यात्रा समय 10 घंटे से घटकर केवल 4 घंटे रह जाएगा।

### 4. यह एक्सप्रेसवे किन-किन राज्यों से होकर गुजरेगा?
यह 6 लेन एक्सप्रेसवे पांच राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और चेन्नई (तमिलनाडु) को जोड़ेगा।

### 5. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसे पूरा करने का क्या लक्ष्य रखा है?
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस पूरे प्रोजेक्ट को साल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।

### 6. नासिक से चेन्नई तक की यात्रा में समय की कितनी बचत होगी?
वर्तमान में इस मार्ग पर करीब 24 घंटे का समय लगता है, जो एक्सप्रेसवे बनने के बाद घटकर महज 9 से 10 घंटे रह जाएगा।

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