# एनडीए में 17 वर्षीय कैडेट के दुखद निधन के बीच जानिए क्यों जरूरी है इसी उम्र में हार्ट टेस्ट की डॉक्टर देवी शेट्टी की सलाह

> राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शारीरिक प्रशिक्षण के दौरान एक युवा कैडेट की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई, जिसके बाद प्रसिद्ध कार्डियक सर्जन की कम उम्र में कोलेस्ट्रॉल जांच कराने की सलाह चर्चा में है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-07-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/nda-men-17-varshiya-kaideta-ke-dukhada-nidhana-ke-bicha-janie-kyon-jaruri-hai-isi-umra-men-harta-testa-ki-doktara-devi-shetty-ki-s-6843 · **Language:** Hindi
**Tags:** एनडीए कैडेट मौत, अभिनव बाजपेयी, डॉक्टर देवी शेट्टी, हार्ट अटैक टेस्ट, कोलेस्ट्रॉल जांच, युवाओं में दिल की बीमारी

पुणे के खडकवासला स्थित प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से एक अत्यंत दुखद और झकझोर देने वाला समाचार सामने आया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के रहने वाले मात्र 17 वर्षीय प्रथम टर्म के कैडेट अभिनव बाजपेयी की शुक्रवार सुबह अपनी नियमित फिजिकल ट्रेनिंग (PT) के दौरान अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद मृत्यु हो गई। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना नए बैच की पहली आधिकारिक फिजिकल ट्रेनिंग परेड के दौरान घटित हुई। शारीरिक अभ्यास के दौरान अभिनव ने अचानक बहुत ज्यादा असहजता और बेचैनी महसूस होने की शिकायत की और वह कुछ ही पलों में जमीन पर गिरकर अचेत हो गए।

वहां उपस्थित सैन्य अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों ने बिना कोई समय गंवाए अभिनव को तुरंत खडकवासला स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने इस युवा कैडेट के प्राण बचाने के लिए हर संभव आपातकालीन चिकित्सा प्रयास किए, लेकिन उनके तमाम प्रयासों के बावजूद अभिनव को बचाया नहीं जा सका। इस बेहद संवेदनशील और दुखद हादसे की वास्तविक परिस्थितियों और कारणों का पता लगाने के लिए सैन्य प्रशासन की ओर से एक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (COI) के आदेश दे दिए गए हैं। इसके साथ ही मृत कैडेट के परिजनों और स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी घटना के बारे में तुरंत सूचित कर दिया गया है।

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## राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में बढ़ते हादसे और चिंताएं
इस दुखद घटना ने सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों और कैडेटों के स्वास्थ्य की निगरानी से जुड़े सवालों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पिछले साल अक्टूबर महीने के बाद से राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में किसी प्रथम टर्म कैडेट की मौत का यह तीसरा गंभीर मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे दो अन्य युवा कैडेट्स को भी अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इनमें से एक कैडेट की दुखद मृत्यु स्विमिंग प्रैक्टिस यानी तैराकी के अभ्यास के दौरान पानी में डूबने से हुई थी, जबकि दूसरे कैडेट की मौत के पीछे कथित आत्महत्या का मामला सामने आया था। इतने कम समय में प्रशिक्षण के शुरुआती दौर में तीन होनहार युवाओं की जान जाना निश्चित रूप से बेहद चिंताजनक और गंभीर विषय है।

## कार्डियक सर्जन डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सलाह
कैडेट अभिनव बाजपेयी की इस असामयिक मृत्यु के बाद देश के प्रसिद्ध कार्डियक सर्जन और नारायणा हेल्थ के संस्थापक व अध्यक्ष डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी द्वारा दी गई एक अत्यंत महत्वपूर्ण चिकित्सकीय सलाह देश भर में व्यापक रूप से चर्चा का विषय बन गई है। डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी ने देश के युवाओं के गिरते स्वास्थ्य और हृदय संबंधी छिपे हुए खतरों पर बात करते हुए एक बेहद जरूरी परामर्श साझा किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को 17 वर्ष की आयु प्राप्त करते ही अपने जीवन में कम से कम एक बार खून की जांच (ब्लड टेस्ट) कराकर अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच जरूर करानी चाहिए।

देश के इस प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि यह सुझाव अब महज एक व्यक्तिगत सलाह नहीं है, बल्कि इसे कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक गाइडलाइन में भी शामिल कर लिया गया है। डॉ. शेट्टी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में हृदय घात (हार्ट अटैक) होने का सबसे मुख्य और बड़ा कारण शरीर में कोलेस्ट्रॉल का अनियंत्रित या बढ़ा हुआ स्तर होना है। यदि बेहद कम उम्र में ही, यानी जवानी की दहलीज पर कदम रखते ही इस समस्या की समय रहते पहचान कर ली जाए, तो अपनी खान-पान की आदतों में सुधार करके, नियमित शारीरिक व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर और अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर भविष्य में होने वाले हार्ट अटैक और स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) जैसी जानलेवा बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

## बिना किसी बाहरी लक्षण के शरीर को खोखला करता है हाई कोलेस्ट्रॉल
डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी ने अपनी बात को विस्तार से समझाते हुए कहा कि हाई कोलेस्ट्रॉल की सबसे खतरनाक बात यह है कि यह बिना किसी स्पष्ट या बाहरी शारीरिक लक्षण के शरीर के भीतर लगातार बढ़ता रहता है। इसे एक साइलेंट किलर माना जाता है क्योंकि इंसान को बाहर से देखने पर किसी भी तरह की बीमारी का एहसास नहीं होता। लंबे समय तक जब इस स्थिति का पता नहीं चलता है, तो शरीर की रक्त वाहिकाओं यानी धमनियों के भीतर धीरे-धीरे वसा (फैट) या प्लाक जमा होने लगता है। समय के साथ बढ़ता हुआ यही प्लाक धमनियों को संकरा कर देता है, जिससे रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। आगे चलकर यही स्थिति गंभीर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में अचानक सामने आती है। इसीलिए, केवल शारीरिक रूप से फिट दिखना या कठोर अभ्यास कर पाना ही पूर्ण स्वास्थ्य की गारंटी नहीं है; अंदरूनी तौर पर फिट रहने के लिए समय पर आवश्यक ब्लड टेस्ट करवाना भी उतना ही जरूरी है।

## हार्ट स्क्रीनिंग के लिए उम्र और जोखिम के नियम
लोगों की सुविधा और हृदय रोगों से बचाव के लिए डॉ. देवी शेट्टी ने उम्र और जोखिम के विभिन्न पैमानों के आधार पर हार्ट स्क्रीनिंग की एक व्यवस्थित सलाह साझा की है

- **17 साल की उम्र:** प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक बार कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच के लिए ब्लड टेस्ट जरूर कराना चाहिए ताकि बचपन से जवानी की ओर बढ़ते शरीर की अंदरूनी स्थिति स्पष्ट हो सके।
- **35 से 40 वर्ष के पुरुष:** इस आयु वर्ग के पुरुषों को अपने दिल की सेहत की निगरानी के लिए नियमित अंतराल पर हार्ट चेकअप कराना चाहिए। यदि चिकित्सक आवश्यक समझें, तो उनकी सलाह पर सीटी (CT) स्कैन जैसी उन्नत जांच भी कराई जा सकती है।
- **पारिवारिक इतिहास (फैमिली हिस्ट्री):** जिन लोगों के परिवार में पहले से ही हृदय रोग, दिल का दौरा पड़ने या उच्च रक्तचाप का इतिहास रहा है, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। ऐसे व्यक्तियों को 30 साल की उम्र से ही नियमित रूप से अपनी कार्डियक जांच करवानी शुरू कर देनी चाहिए।
- **मधुमेह (डायबिटीज) के मरीज:** जो लोग लंबे समय से मधुमेह की बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें अपने हृदय स्वास्थ्य की निरंतर और विशेष मॉनिटरिंग करानी चाहिए क्योंकि डायबिटीज सीधे तौर पर दिल की धमनियों को प्रभावित करती है।

## जांच के परिणाम का इंतजार जरूरी
हालांकि इस दुखद घटना के संदर्भ में यह ध्यान रखना बेहद आवश्यक है कि फिलहाल राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के कैडेट अभिनव बाजपेयी की मृत्यु के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और सेना द्वारा गठित की गई कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की असली वजह पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगी। ऐसी स्थिति में, चिकित्सा रिपोर्ट या आधिकारिक निष्कर्ष आने से पहले इस घटना को सीधे तौर पर हाई कोलेस्ट्रॉल या किसी अन्य हृदय संबंधी बीमारी से जोड़कर देखना बिल्कुल भी उचित नहीं होगा। फिर भी, यह दुखद हादसा हमें इस गंभीर सत्य की याद जरूर दिलाता है कि कम उम्र में भी नियमित स्वास्थ्य जांच और दिल से जुड़े संभावित खतरों की स्क्रीनिंग कराना कितना आवश्यक है।

## इसका आप पर असर
- **युवाओं के लिए:** 17 वर्ष की आयु में ही कोलेस्ट्रॉल स्तर की जांच कराने से हृदय संबंधी जोखिमों का पहले से पता लगाया जा सकता है, जिससे खान-पान और जीवनशैली में बदलाव कर समय पर सुधार संभव है।
- **अभिभावकों के लिए:** यह जानकारी इस बात पर जोर देती है कि बच्चों की केवल बाहरी शारीरिक फिटनेस पर निर्भर न रहकर समय-समय पर उनकी अंदरूनी स्वास्थ्य जांच और ब्लड टेस्ट कराना आवश्यक है।

## सवाल-जवाब

### 1. एनडीए कैडेट अभिनव बाजपेयी की मृत्यु कब और कहां हुई?
उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी 17 वर्षीय कैडेट अभिनव बाजपेयी की मृत्यु शुक्रवार सुबह पुणे के पास खडकवासला में स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में अपनी पहली आधिकारिक फिजिकल ट्रेनिंग (PT) परेड के दौरान हुई।

### 2. अभिनव बाजपेयी की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सैन्य अधिकारियों ने क्या कदम उठाया है?
सैन्य अधिकारियों ने इस दुखद घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए एक औपचारिक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (COI) के आदेश दिए हैं।

### 3. पिछले कुछ महीनों में एनडीए में प्रथम टर्म के कैडेटों की मौत के कितने मामले सामने आए हैं?
पिछले साल अक्टूबर के बाद से यह तीसरा मामला है। इससे पहले एक कैडेट की मौत तैराकी अभ्यास के दौरान डूबने से हुई थी और दूसरे कैडेट की मौत कथित आत्महत्या से हुई थी।

### 4. कार्डियक सर्जन डॉ. देवी शेट्टी ने किस उम्र में कोलेस्ट्रॉल जांच कराने की सलाह दी है?
डॉ. देवी शेट्टी के अनुसार, भारत में प्रत्येक व्यक्ति को 17 वर्ष की उम्र में कम से कम एक बार कोलेस्ट्रॉल के लिए ब्लड टेस्ट जरूर कराना चाहिए। यह अब कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की गाइडलाइन का भी हिस्सा है।

### 5. डॉ. देवी शेट्टी ने उम्र के अनुसार अन्य लोगों के लिए क्या हार्ट स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल सुझाए हैं?
उन्होंने 35 से 40 वर्ष के पुरुषों को नियमित हार्ट चेकअप कराने, पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को 30 साल की उम्र से जांच शुरू करने और मधुमेह के रोगियों को लगातार दिल की सेहत की मॉनिटरिंग कराने की सलाह दी है।

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