# नीट मामले में प्रधानमंत्री मोदी की सख्ती के बाद बड़ा कदम: दोषियों को जल्द सजा दिलाने हेतु चार राज्यों में होगा फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन

> मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए चार विभिन्न उच्च न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में विशेष अदालतें स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि नए एंटी-चीटिंग कानून के तहत आरोपियों को कड़ी और त्वरित सजा सुनिश्चित की जा सके।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-07-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/neet-mamale-men-pm-modi-ki-sakhti-ke-bada-bara-kadama-doshiyon-ko-jalda-saja-dilane-hetu-chara-rajyon-men-hoga-phasta-traika-adala-10211 · **Language:** Hindi
**Tags:** नीट, नरेंद्र मोदी, पेपर लीक, एनटीए, फास्ट ट्रैक कोर्ट, शिक्षा मंत्रालय, सुप्रीम कोर्ट, एंटी चीटिंग कानून

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कड़े रुख और युवाओं को दिए गए आश्वासन के बाद, केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा विवाद में शामिल आरोपियों को जल्द सजा दिलाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर सरकारी तंत्र पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और चार अलग-अलग राज्यों में विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन अदालतों का मुख्य उद्देश्य हाल ही में लागू किए गए 'पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024' (सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम) के तहत आरोपियों पर बिना किसी देरी के मुकदमा चलाना और उन्हें सख्त से सख्त सजा देना है।

## नए एंटी-चीटिंग कानून का कड़ाई से होगा पालन

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा देश भर में आयोजित की जाने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) अब सीधे तौर पर इस नए एंटी-चीटिंग कानून के कठोर दायरे में आ गई है। चूंकि एनटीए ही इस प्रतिष्ठित परीक्षा का संचालन करती है, इसलिए पेपर लीक या अनुचित साधनों के उपयोग से जुड़े सभी मामले अब इसी कानून के अधीन सुने जाएंगे। इस अधिनियम के तहत सजा के बेहद कड़े प्रावधान तय किए गए हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, यदि कोई भी व्यक्ति इस कानून के तहत अदालत में दोषी करार दिया जाता है, तो उसे पांच साल की जेल की सजा काटनी होगी। इसके साथ ही, आर्थिक दंड के रूप में दोषियों पर दस लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

इन मामलों में न्याय प्रक्रिया को तेज करने और आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए, केंद्र सरकार अब संबंधित राज्य सरकारों और हाईकोर्ट को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रही है। इस विशेष अनुरोध का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इन अदालतों में मामलों की रोजाना (दिन-प्रतिदिन) सुनवाई हो सके। लगातार सुनवाई से कानूनी प्रक्रिया में लगने वाला सामान्य समय बचेगा और मुकदमों का निपटारा बेहद तेजी से किया जा सकेगा।

## चार हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में त्वरित अदालतों की तैयारी

नीट पेपर लीक मामले में अब तक इस नए कानून का सख्ती से इस्तेमाल करते हुए कुल चार एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज की जा चुकी हैं। फिलहाल ये सभी मामले विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित हैं और कानूनी जांच प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए सरकार प्राथमिकता के आधार पर चार विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का निर्माण कर रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ये त्वरित अदालतें बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में व्यवस्थित तरीके से स्थापित की जा रही हैं। यह बात भी प्रमुखता से सामने आई है कि दर्ज किए गए चार मामलों में से दो मामले सीधे तौर पर बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। जैसे ही ये विशेष अदालतें पूरी तरह से काम करना शुरू करेंगी, वर्तमान में लंबित पड़े इन सभी मामलों को तुरंत फास्ट-ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, ताकि न्याय में जरा भी देरी न हो।

## सभी बड़ी भर्ती परीक्षाओं को मिलेगा सुरक्षा कवच

इस नए कानून का असर केवल नीट परीक्षा तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। यह अधिनियम भविष्य में होने वाली कई अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए एक मजबूत और पारदर्शी सुरक्षा कवच का काम करेगा। सूत्रों के मुताबिक, यह नया कानून संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (आईबीपीएस) जैसी बड़ी संस्थाओं द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं पर भी पूरी तरह लागू होगा। इसके अलावा, एनटीए द्वारा आयोजित अन्य प्रवेश परीक्षाएं और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के लिए होने वाली भर्तियां भी इसी कानून के दायरे में आएंगी।

सरकार की यह तेज कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के युवाओं की गहरी चिंता व्यक्त करने के तुरंत बाद आई है। एक्स पर अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों को उनके किए की कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएगी। छात्रों को पूरा भरोसा दिलाते हुए उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** मेडिकल और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे देश भर के छात्रों को परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और न्याय की उम्मीद मिलेगी, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा।

- **महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और मध्य प्रदेश में:** इन राज्यों में विशेष अदालतें बनने से स्थानीय स्तर पर लंबित पेपर लीक मामलों की सुनवाई में भारी तेजी आएगी, जिससे दोषियों को उनके किए की जल्द सजा मिल सकेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. नीट पेपर लीक मामले की त्वरित सुनवाई के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
केंद्र सरकार मामलों के जल्द निपटारे और रोजाना सुनवाई के लिए चार अलग-अलग राज्यों में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया में है।

### 2. परीक्षा में धांधली करने वाले आरोपियों पर किस नए कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी?
पेपर लीक के दोषियों पर हाल ही में लागू किए गए 'पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024' (नए एंटी-चीटिंग कानून) के तहत सख्ती से मुकदमा चलाया जाएगा।

### 3. इस नए एंटी-चीटिंग कानून के तहत दोषियों के लिए क्या सजा निर्धारित की गई है?
इस सख्त कानून के तहत अदालत में दोषी पाए जाने पर पांच साल की जेल और 10 लाख रुपये तक के भारी जुर्माने का स्पष्ट प्रावधान है।

### 4. ये नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट मुख्य रूप से किन राज्यों के हाईकोर्ट के अधीन काम करेंगे?
ये त्वरित अदालतें प्राथमिकता के आधार पर बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में स्थापित की जा रही हैं।

### 5. नीट के अलावा यह नया कानून भविष्य में किन अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं पर लागू होगा?
यह नया कानून संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), एसएससी, आरआरबी, आईबीपीएस और केंद्र सरकार के मंत्रालयों व विभागों की सभी बड़ी भर्ती परीक्षाओं पर भी पूरी तरह लागू होगा।

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