नीट विवाद के बाद फिर भड़क सकता है छात्रों का गुस्सा, कॉकरोच जनता पार्टी ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर युवाओं से किए गए वादों से मुकरने का आरोप लगाया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 24 अगस्त को होने वाली बैठक में नए सिरे से आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। नीट परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं और एक बार फिर देश में छात्र राजनीति के मैदान में उबाल आने के पूरे आसार बन गए हैं। राजधानी के जंतर-मंतर पर लंबे वक्त तक चले छात्र प्रदर्शन को पिछले दिनों समाप्त कर दिया गया था, लेकिन अब इस मोर्चे पर सक्रिय कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राजनीतिक संगठन का मुख्य आरोप यह है कि युवाओं के साथ जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी, सत्ता में बैठे लोग अब उन आश्वासनों को भुलाने की कोशिश कर रहे हैं। बीते रविवार को सार्वजनिक किए गए आधिकारिक बयान में संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए युवाओं के बीच जो समझौते किए जाते हैं, वे महज औपचारिकता नहीं हो सकते। कॉकरोच जनता पार्टी का साफ कहना है कि केंद्र सरकार को इन सभी वादों को उनकी मूल भावना और पूरी ईमानदारी के साथ धरातल पर उतारना होगा। इस पूरे असंतोष के केंद्र में सबसे बड़ा मुद्दा प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के ऊपर दर्ज की गई पुलिस एफआईआर है। संगठन का दावा है कि अदालत की तरफ से लगातार हिदायत और जानकारी मांगे जाने के बावजूद सरकार की ओर से मुकदमों की वह सूची अब तक पेश नहीं की गई है, जिससे छात्रों में भारी रोष व्याप्त है। प्रशासन के साथ उच्च स्तर पर हुई बातचीत के बाद जब आंदोलन को विराम दिया गया था, तब यह उम्मीद जताई गई थी कि छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी का आरोप है कि इस मोर्चे पर आज तक कोई स्पष्ट प्रशासनिक कदम नहीं उठाया गया है, जिसे युवाओं के अटूट भरोसे के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है। संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने इस बात पर भी जोर दिया है कि यदि इन तमाम प्रतिबद्धताओं को लटकाया गया, उनकी मनमाने ढंग से व्याख्या बदली गई या उन्हें कमजोर करने का कोई भी षड्यंत्र रचा गया, तो यह देश की युवा पीढ़ी के साथ खुला विश्वासघात माना जाएगा। बीते 25 जुलाई को एक महीने से ज्यादा समय तक चले उस व्यापक धरने-प्रदर्शन को इस शर्त पर स्थगित किया गया था कि सरकार ने तीन मुख्य सूत्रीय मांगों पर अपनी सहमति व्यक्त की थी। इनमें प्रमुख रूप से नीट पेपर लीक प्रकरण के कारण जान गंवाने वाले या आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं के पीड़ित परिवारों को अधिकतम संभव आर्थिक सहायता देना, केंद्र के अलावा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन शासित राज्यों में दर्ज तमाम मुकदमों को वापस लेना और भविष्य में किसी भी प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करना शामिल था। इन सबके अलावा, परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर पांच सूत्रीय चार्टर भी प्रशासन के समक्ष रखा गया था। कॉकरोच जनता पार्टी का यह भी कहना है कि उस दौरान सरकार ने इस चार्टर पर आगे की वार्ताओं को जारी रखने और जरूरी सुधारों पर गंभीरता से विचार करने का ठोस आश्वासन दिया था। राजनीतिक दल ने अपने बयान में इस बात का भी जिक्र किया कि उनके लंबे संघर्ष का ही एक बड़ा परिणाम तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पद छोड़ना था। मगर इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि केवल किसी एक इस्तीफे को संगठन अपनी अंतिम जीत या उपलब्धि नहीं मानता है। कॉकरोच जनता पार्टी की मांग है कि जब तक जमीन पर एक-एक वादा अक्षरशः लागू नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष किसी भी सूरत में थमेगा नहीं। विशेष तौर पर, नीट परीक्षा से जुड़ी त्रासदियों में अपनी जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को न्याय और मुआवजा दिलाने के लिए संगठन लगातार दबाव बनाए हुए है। अब इस पूरे घटनाक्रम में अगला और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव आगामी 24 अगस्त को तय माना जा रहा है। उस निर्धारित दिन कॉकरोच जनता पार्टी की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें भविष्य के राजनीतिक और सामाजिक कदमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। संगठन ने अपने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों, छात्र वर्ग और शुभचिंतकों को इस संघर्ष के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने का निर्देश दिया है। जंतर-मंतर का बड़ा अध्याय बंद होने के महज कुछ हफ्तों के भीतर सामने आई इस चेतावनी ने एक बार फिर प्रशासनिक हलकों में सुगबुगाहट बढ़ा दी है। खासकर तब जब मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं और शिक्षा के पूरे ढांचे को लेकर देश भर के युवाओं में अंदरखाने गहरा असंतोष सुलग रहा है। अब तमाम निगाहें 24 अगस्त की उस अहम बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सरकार के रुख के खिलाफ अगला कदम क्या उठाया जाएगा। इसका आप पर असर भारत में: नीट परीक्षा प्रणाली, छात्र अधिकारों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दों पर असर डालने वाला यह विवाद देश भर के युवाओं और अभ्यर्थियों के भविष्य को सीधे प्रभावित करता है। सवाल-जवाब 1. कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार पर क्या मुख्य आरोप लगाया है? संगठन का आरोप है कि केंद्र सरकार ने युवाओं और प्रदर्शनकारी छात्रों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया है और समझौतों से पीछे हटने की कोशिश कर रही है। 2. पिछला जंतर-मंतर का आंदोलन कब और क्यों खत्म किया गया था? एक महीने से ज्यादा चला वह आंदोलन 25 जुलाई को इस सहमति के बाद खत्म हुआ था कि सरकार तीन प्रमुख मांगों पर राजी हो गई थी। 3. संगठन की मुख्य मांगें क्या-क्या थीं? मुख्य मांगों में नीट विवाद से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना, दर्ज एफआईआर वापस लेना और भविष्य में कार्रवाई न करना शामिल था। 4. अगली रणनीति तय करने के लिए बैठक कब बुलाई गई है? कॉकरोच जनता पार्टी ने आगामी 24 अगस्त को अपनी बैठक बुलाई है जिसमें आगे के आंदोलन पर फैसला लिया जाएगा। https://trendkia.com/national/neet-row-flashpoint-cjp-warns-of-renewed-protests-over-unfulfilled-government-promises-20728 TrendKia — Har trend, sabse pehle.