नेपाल बाढ़ में फंसे 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री सुरक्षित लौटे, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात कर जाना हाल नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा से सुरक्षित लौटे 21 भारतीय तीर्थयात्रियों से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात की। बचाए गए श्रद्धालुओं ने अपनी आपबीती साझा की। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण उत्पन्न तबाही के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय तीर्थयात्रियों के एक समूह को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। काठमांडू के रास्ते दिल्ली पहुंचे इस दल में कुल 21 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिन्हें नेपाली सेना ने एक अत्यंत दुर्गम और चुनौतीपूर्ण इलाके से रेस्क्यू किया था। स्वदेश वापसी के तुरंत बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इन तीर्थयात्रियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने आपदा से सुरक्षित बचे नागरिकों का हालचाल जाना और नेपाल में उनके द्वारा सामना किए गए भयावह अनुभवों की जानकारी ली। नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से 21 तीर्थयात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तीर्थयात्रियों के इस दल का स्वागत करते हुए उनके सुरक्षित वापस लौटने पर खुशी जताई। कैलाश मानसरोवर की धार्मिक यात्रा पर गए ये नागरिक नेपाल में अचानक आई जल प्रलय की वजह से संकट में फंस गए थे। घटना के बाद नेपाली सेना ने एक बेहद मुश्किल और जोखिम भरे स्थान से अभियान चलाकर इन 21 भारतीयों को बाहर निकाला और सुरक्षित काठमांडू पहुंचाया। इसके बाद काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने तत्परता दिखाते हुए सभी श्रद्धालुओं के भारत लौटने का पूरा प्रबंध किया। सैलाब से महज 100 मीटर की दूरी और विशाखापत्तनम के तीर्थयात्री की आपबीती सुरक्षित लौटे दल में शामिल तमिलनाडु में रहने वाले और मूल रूप से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी एक तीर्थयात्री ने नेपाल के डरावने मंजर की आपबीती बताई। उन्होंने बताया कि बाढ़ का विनाशकारी पानी उनके ठिकाने से महज 100 मीटर की दूरी तक आ पहुंचा था। उस वक्त जान पर बने संकट को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस भयानक आपदा से बचने में ईश्वर की कृपा ने उनकी मदद की। उन्होंने वहां के हालात को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया। राज्य सरकार की मदद और 250 नागरिकों के लापता होने का दावा आपदा के समय मिले सहयोग का जिक्र करते हुए तीर्थयात्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश और उनके निर्वाचन क्षेत्र के विधायक ने उनसे फोन पर बातचीत की और लगातार हौसला बढ़ाया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्य के सभी नेताओं का संकट के समय साथ देने के लिए आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही, विशाखापत्तनम के इस श्रद्धालु ने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में अभी भी लगभग 250 भारतीय नागरिक लापता हो सकते हैं। 315 से अधिक भारतीयों की तलाश जारी और 85 लोगों का अब तक रेस्क्यू विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्थिति के संबंध में स्पष्ट किया कि राहत और बचाव अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। भारत सरकार का पूरा ध्यान उन 315 से अधिक भारतीय नागरिकों की तलाश करने और उनसे संपर्क स्थापित करने पर है, जिनसे अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अब तक विभिन्न स्थानों से लगभग 85 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास शेष फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए नेपाल प्रशासन के साथ मिलकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। नेपाली सेना और भारतीय दूतावास का परस्पर सहयोग काठमांडू पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपनी जान बचाने के लिए नेपाली सेना के जवानों का दिल से शुक्रिया अदा किया। नेपाली सेना ने जिस तरह दुर्गम परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर भारतीयों को सुरक्षित काठमांडू पहुंचाया, उसकी सभी तीर्थयात्रियों ने सराहना की। इसके उपरांत भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने उनकी यात्रा, आवास और भारत वापसी की औपचारिकताएं तेजी से पूरी कीं, जिससे सभी नागरिक सकुशल अपने देश पहुंच सके। इसका आप पर असर यह समाचार नेपाल यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और वहां फंसे नागरिकों के परिजनों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट प्रदान करता है। • भारत में: विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास नेपाल में फंसे 315 से अधिक नागरिकों से संपर्क साधने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए निरंतर अभियान चला रहे हैं। • आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में: राज्य सरकार के प्रतिनिधि और स्थानीय विधायक फंसे हुए तीर्थयात्रियों के परिवारों से सीधे संपर्क में हैं और आवश्यक सहायता दे रहे हैं। सवाल-जवाब 1. नेपाल से कितने भारतीय तीर्थयात्री सुरक्षित लौटे हैं? कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे 21 भारतीय तीर्थयात्रियों के समूह को सुरक्षित दिल्ली लाया गया है। 2. तीर्थयात्रियों को किसने रेस्क्यू किया? नेपाली सेना ने तीर्थयात्रियों को एक दुर्गम इलाके से रेस्क्यू कर काठमांडू पहुंचाया, जिसके बाद भारतीय दूतावास ने उनकी स्वदेश वापसी का इंतजाम किया। 3. नेपाल में अभी कितने भारतीयों से संपर्क होना बाकी है? विदेश मंत्री एस जयशंकर के अनुसार, 315 से अधिक भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क स्थापित किया जाना बाकी है। 4. अब तक कुल कितने भारतीयों को रेस्क्यू किया जा चुका है? विभिन्न बाढ़ प्रभावित स्थानों से अब तक लगभग 85 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। https://trendkia.com/national/nepal-barha-men-phnse-21-kailash-mansarovar-tirthayatri-surakshita-laute-videsha-mntri-s-jaishankar-ne-mulakata-kara-jana-hala-23844 TrendKia — Har trend, sabse pehle.