# पश्चिम बंगाल के आरजी कर मामले में बड़ा कदम, दो साल बाद फिर होगी जांच

> पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड में दो साल बाद नए सिरे से जांच शुरू करने का ऐलान किया गया है। मृतका की मां के अनुरोध पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह बड़ा फैसला लिया है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-08-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/new-turn-in-rg-kar-case-file-to-open-after-2-years-with-fresh-probe-announced-by-cm-suvendu-15423 · **Language:** Hindi
**Tags:** आरजी कर केस, सुवेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल, कोलकाता डॉक्टर मामला, सीबीआई जांच

पश्चिम बंगाल के अत्यधिक चर्चित और संवेदनशील आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस में पूरे दो साल के अंतराल के बाद एक बार फिर से जांच का दायरा खुल गया है। राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को इस सनसनीखेज मामले में नई जांच कराए जाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है, जिससे पूरे राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई है। सरकार का यह अहम कदम सीधे तौर पर मृतका की मां के विशेष अनुरोध पर उठाया गया है, जो मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी की विधायक के रूप में अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया और जनता के सामने इस बात का खुलासा किया कि मृतका की मां रत्ना देबनाथ ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर इस पूरे प्रकरण की नए सिरे से जांच शुरू करने का आग्रह किया था। इस सिलसिले में राज्य के मुख्य सचिव और वरिष्ठ विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय टीम के साथ लंबी और विस्तृत बैठक की गई, जिसके बाद सरकार ने हर पहलू को खंगालने के लिए नई जांच के आदेश जारी करने का निर्णय लिया।

अपनी इस घोषणा के दौरान मुख्यमंत्री ने शुरुआती दौर में स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस इस अत्यंत संवेदनशील मामले में अपनी कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने में पूरी तरह से विफल साबित हुई थी। अब सरकार द्वारा गठित नई जांच टीम इस बात की भी गहराई से पड़ताल करेगी कि शुरुआती तफ्तीश के दौरान पुलिस ने कौन सी गंभीर लापरवाहियां बरती थीं और क्या किसी सोची-समझी साजिश के तहत महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नजरअंदाज किया गया था।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मृतका के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों की भी एक अलग से स्वतंत्र जांच कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ बिना किसी देरी के तत्काल कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

## घटना की दूसरी बरसी पर बंगाल में शोक और श्रद्धांजलि
आरजी कर अस्पताल में घटी इस खौफनाक घटना को दो साल पूरे होने के मौके पर रविवार को पश्चिम बंगाल के तमाम सरकारी अस्पतालों में दो मिनट का मौन रखकर मृत डॉक्टर को याद किया गया। अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों और अन्य चिकित्सा कर्मियों ने अपनी ड्यूटी के दौरान असमय जान गंवाने वाली अपनी साथी को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।

राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी ने विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्य मुख्यालय स्वास्थ्य भवन में दो मिनट का मौन रखा। दूसरी ओर, उत्तर कोलकाता में स्थित उसी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल परिसर में डॉक्टरों, नर्सों, अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ-साथ वहां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अर्धसैनिक बलों के जवानों ने भी खड़े होकर मौन रखा और मृतका की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

इस बीच, मृतका की मां ने एक विशेष स्मृति कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपनी बेटी की याद में एक पौधा लगाकर उसमें जल दिया। इस भावुक मौके पर उन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग को एक बार फिर पुरजोर तरीके से दोहराया। इस जघन्य घटना के सामने आने के बाद से ही पीड़िता का परिवार लगातार यह दावा और आरोप करता रहा है कि इस अपराध के पीछे केवल एक व्यक्ति का हाथ नहीं हो सकता और पूरे घटनाक्रम की गहराई से व्यापक जांच की जानी चाहिए।

## न्यायिक प्रक्रिया और सीबीआई जांच का दायरा
इस बहुचर्चित मामले में कानूनी कार्यवाही के तहत सियालदह सेशन कोर्ट ने पहले ही मुख्य आरोपी संजय रॉय को दोषी करार देते हुए उसे जीवन के अंतिम क्षणों तक जेल में काटने की सजा सुनाई हुई है। हालांकि, इसके बावजूद पीड़िता के माता-पिता और उनके कई सहकर्मी इस बात पर लगातार अड़े रहे हैं कि इस खौफनाक अपराध में कई अन्य लोग भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकते हैं।

इसी कथित आपराधिक साजिश और अन्य संदिग्धों की भूमिका को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई भी पहले से अपनी समानांतर जांच को आगे बढ़ा रही है। कलकत्ता हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद से सीबीआई इस मामले से जुड़े हर एक साजिश के पहलू को टटोलने में जुटी हुई है।

उल्लेखनीय है कि आरजी कर कांड की पीड़िता की मां ने इसी साल अप्रैल के महीने में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और शानदार जीत हासिल की थी। इस चुनावी सफलता के बाद वह सक्रिय राजनीति की मुख्यधारा में शामिल हो गई हैं। अब उनकी इस नई मांग पर सरकार द्वारा दोबारा जांच के ऐलान ने इस दो साल पुराने मामले को एक बार फिर से कानूनी और राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह मामला कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और शुरुआती पुलिस जांच में पारदर्शिता के राष्ट्रीय मुद्दों को फिर से तूल देता है।

**पश्चिम बंगाल में:** राज्य के सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और मेडिकल बिरादरी के विरोध प्रदर्शनों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में नई जांच की घोषणा किसने की है?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में नई जांच की घोषणा की है।

### 2. यह नई जांच किसके अनुरोध पर शुरू की जा रही है?
यह नई जांच मृतका की मां और भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ के अनुरोध पर शुरू की जा रही है।

### 3. अदालत ने इस मामले में मुख्य आरोपी को क्या सजा सुनाई है?
सियालदह सेशन कोर्ट ने मुख्य आरोपी संजय रॉय को दोषी ठहराते हुए जीवन के अंत तक जेल की सजा सुनाई है।

### 4. इस मामले की साजिश के पहलू की जांच कौन सी केंद्रीय एजेंसी कर रही है?
कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई इस मामले में कथित साजिश के पहलू की जांच कर रही है।

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