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  "title": "एनएच-19 पर पचफेड़वा से जिला कोर्ट तक जलभराव, चंदौली में NHAI के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी",
  "summary": "राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अलीनगर के पचफेड़वा और जिला न्यायालय परिसर के पास जलभराव व सड़क के गड्ढों से लोग परेशान हैं। अधिवक्ताओं ने समस्या का स्थायी समाधान न होने पर NHAI के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है।",
  "content": "चंदौली जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर जल निकासी की खस्ताहाल व्यवस्था और सड़क पर बने गहरे गड्ढे राहगीरों और स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर संकट बन गए हैं। अलीनगर क्षेत्र के पचफेड़वा से लेकर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के आसपास तक सर्विस रोड पर बारिश का पानी बड़े पैमाने पर जमा हो रहा है। जलभराव के कारण सड़क के गड्ढे छिप जाते हैं, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन सवार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों, अधिवक्ताओं और नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और जिला प्रशासन से स्थायी सुधार की पुरजोर मांग की है।\n\nखराब जलनिकासी और जलमग्न गड्ढों से बढ़ रहा हादसों का जोखिम\nबारिश की हल्की फुहारों के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और उससे जुड़ी सर्विस रोड की स्थिति बेहद चिंताजनक हो जाती है। अलीनगर के पचफेड़वा इलाके में सड़क किनारे पानी का भराव होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। जलभराव की वजह से सड़क के बीच बने गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो जाता है। वाहन चालक, विशेष रूप से दोपहिया सवार, इन अदृश्य गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं और कई लोग बाल-बाल बच रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है, परंतु संबंधित विभागों द्वारा अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।\n\nनालियों की इंजीनियरिंग और एनएचएआई की कार्यशैली पर उठे सवाल\nमामले में स्थानीय नागरिक डॉक्टर नारायण मूर्ति ओझा ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की इंजीनियरिंग प्रणाली और जलनिकासी की रूपरेखा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि यूपी साइड के कई हिस्सों में बारिश के तुरंत बाद पानी एकत्र हो जाता है, जिसका सीधा असर अदालती कामकाज के लिए आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क के दोनों ओर बनाई गई नालियों का निर्माण सही तरीके से नहीं किया गया है। कई स्थानों पर नालियां आगे जाकर अवरुद्ध हो जाती हैं, जिससे पानी का बहाव रुक जाता है। यही कारण है कि पानी सड़कों, सर्विस लेन और आसपास की दुकानों व बाजारों में भर जाता है, जिससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।\n\nजिला मुख्यालय और कोर्ट परिसर के सामने प्रशासनिक लापरवाही\nसिविल बार एसोसिएशन चंदौली के पूर्व अध्यक्ष विनय कुमार ने इस बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह इलाका जिला मुख्यालय का मुख्य केंद्र है। यहां प्रतिदिन आम नागरिकों के अलावा प्रशासनिक अधिकारी, न्यायाधीश, अधिवक्ता और महत्वपूर्ण हस्तियां आवाजाही करती हैं। इसके बावजूद जलभराव जैसी बुनियादी समस्या का निराकरण न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने जानकारी दी कि तहसील दिवस के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से इस समस्या से अवगत कराया गया था। उस समय अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन अगली बारिश आते ही हालात फिर से जस के तस हो गए। इस स्थिति के कारण महिलाओं, बुजुर्गों, मजदूरों, मरीजों और वकीलों को अत्यधिक कठिनाई उठानी पड़ रही है।\n\nस्थायी समाधान न होने पर अधिवक्ताओं की आंदोलन की चेतावनी\nसिविल बार एसोसिएशन चंदौली के एक अन्य पूर्व अध्यक्ष राकेश रतन तिवारी ने बताया कि न्यायालय परिसर के बाहर सर्विस रोड के समानांतर एक नया नाला निर्मित किया गया था। लेकिन इसके निर्माण के बाद से ही जलनिकासी सुचारू होने के बजाय समस्या और अधिक विकराल हो गई है। बारिश का पानी हफ्तों तक सड़क पर जमा रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर लाकर समस्या दिखाई गई, जहां अधिकारियों ने हर बार स्थायी समाधान का आश्वासन दिया, परंतु धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।\n\nअधिवक्ताओं का मानना है कि नालियों के निर्माण के दौरान सही ढाल और पानी के आगे निकलने का सुव्यवस्थित मार्ग नहीं बनाया गया, जिसके कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। वर्षों से बनी इस समस्या को लेकर अब अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों का धैर्य जवाब दे रहा है। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एनएचएआई और जिला प्रशासन ने तुरंत सड़क की मरम्मत और जलनिकासी का स्थायी समाधान प्रस्तुत नहीं किया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनकी मांग है कि जिला मुख्यालय की इस अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: राष्ट्रीय राजमार्गों और सर्विस रोड पर जलभराव तथा खराब जलनिकासी से यात्रियों की सड़क सुरक्षा प्रभावित होती है।\n• चंदौली में: अलीनगर पचफेड़वा से जिला न्यायालय तक जलमग्न गड्ढों के कारण स्थानीय लोगों, अधिवक्ताओं, मरीजों और दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी खतरा झेलना पड़ रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चंदौली में जलभराव की समस्या मुख्य रूप से किस मार्ग पर बनी हुई है?\nयह समस्या राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अलीनगर के पचफेड़वा क्षेत्र से लेकर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के आसपास की सर्विस रोड पर बनी हुई है।\n\n2. सड़क पर बारिश का पानी जमा होने से यात्रियों को क्या परेशानी हो रही है?\nजलभराव के कारण सड़क के गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन सवार गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।\n\n3. अधिवक्ताओं ने जलनिकासी व्यवस्था को लेकर क्या खामियां बताई हैं?\nअधिवक्ताओं के अनुसार नालियों में उचित ढाल नहीं है और वे आगे जाकर अवरुद्ध हो जाती हैं, जिससे पानी की निकासी रुक जाती है।\n\n4. क्या इस समस्या की शिकायत अधिकारियों से की गई थी?\nहां, तहसील दिवस के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।\n\n5. मांगें पूरी न होने पर वकीलों ने क्या चेतावनी दी है?\nअधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि NHAI और प्रशासन ने सड़क और जलनिकासी को जल्द दुरुस्त नहीं किया तो वे प्रदर्शन करेंगे।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-08-19",
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