निवाड़ी में कब्र खोदकर मासूम का शव बाहर निकाला, पास में चाकू और शराब मिलने से तंत्र-मंत्र की आशंका निवाड़ी जिले के गैलवारा गांव में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां दफनाए गए 14 महीने के मासूम की कब्र को खोदकर उसके शव के साथ बर्बरता की गई। मौके पर चाकू, मिठाई और देसी शराब मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने तंत्र-मंत्र की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की है। मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के गैलवारा गांव से एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मासूम बच्चे की मौत के बाद दफनाए गए उसके शव को कब्र से बाहर निकालकर उसके साथ बर्बरता किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने जानबूझकर कब्र खोदी और बच्चे के शव को बाहर निकालकर धारदार हथियार से उसे नुकसान पहुंचाया। घटना की क्रूरता और मौके से मिले कुछ संदिग्ध सामानों को देखकर स्थानीय लोगों में दहशत है और तंत्र-मंत्र की आशंका जताई जा रही है। कब्र खोदकर बच्चे के शव को पहुंचाया नुकसान यह दर्दनाक मामला निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गैलवारा गांव का है। कुछ समय पहले यहां रहने वाले एक 14 महीने के मासूम बच्चे की अचानक तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। मासूम की असमय मृत्यु के बाद दुखी परिजनों ने गांव के बाहर उसका अंतिम संस्कार करते हुए शव को दफन कर दिया था। जिस समय बच्चे की मौत हुई और उसे दफनाया गया, उस दौरान उसके पिता मोनू साहू अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए महाराष्ट्र के जलगांव में मजदूरी कर रहे थे। इस मजबूरी के कारण वह समय पर गांव नहीं पहुंच सके और अपने प्यारे बेटे का अंतिम चेहरा भी नहीं देख पाए थे। मजदूरी से वापस लौटने के बाद मोनू साहू अपने बेटे की कब्र को देखने के लिए गांव के बाहर बने दफन स्थल पर पहुंचे। वहां पहुंचते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों के अनुसार, बच्चे की कब्र खुदी हुई थी और उसका शव जमीन से बाहर पड़ा हुआ था। इतना ही नहीं, बच्चे के शव के साथ चाकू से क्रूरतापूर्वक छेड़छाड़ की गई थी। बेबस पिता ने रोते हुए आरोप लगाया कि अज्ञात आरोपियों ने बच्चे की दोनों आंखों और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे साफ पता चलता है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है। घटनास्थल से मिले चाकू, मिठाई और शराब जब बदहवास परिजनों ने कब्र के आसपास के इलाके को ध्यान से देखा, तो उन्हें वहां से कई चौंकाने वाली चीजें मिलीं। घटनास्थल पर कब्र के बिल्कुल नजदीक एक धारदार चाकू, मिठाई का डिब्बा और देशी शराब का एक क्वार्टर पड़ा हुआ था। इसके अलावा वहां किसी संदिग्ध व्यक्ति के पैरों के निशान भी दिखाई दे रहे थे। इन चीजों के मिलने के बाद परिजनों ने आशंका जताई है कि किसी तांत्रिक या अज्ञात व्यक्ति ने तंत्र-मंत्र की क्रिया को अंजाम देने के लिए मासूम के शव को कब्र से निकाला था। इस घिनौने कृत्य से आहत होकर परिजनों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई। पुलिस ने शुरू की मामले की सघन जांच मासूम के पिता मोनू साहू की लिखित शिकायत के बाद पृथ्वीपुर थाना पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन इस बात का पता लगाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है कि आखिर वह कौन सा शख्स था जिसने इस मासूम की कब्र को खोदा और शव को बाहर निकालने के पीछे उसका असली मकसद क्या था। पुलिस टीम ने घटनास्थल से बरामद हुए चाकू, मिठाई और देसी शराब के क्वार्टर को अपने कब्जे में ले लिया है और इनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही मौके पर मिले पैरों के निशानों की भी बारीकी से तफ्तीश की जा रही है ताकि आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। इसका आप पर असर यह घटना समाज में फैले अंधविश्वास और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीर कमियों को उजागर करती है, जिससे आम लोगों की धार्मिक और भावनात्मक भावनाएं आहत होती हैं। • राष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता: देश भर में कब्रिस्तानों और श्मशान घाटों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। लोगों को अपने स्थानीय दफन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग करनी होगी। • मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था: मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाई जा सकती है। स्थानीय प्रशासन अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू कर सकता है। • निवाड़ी जिले में प्रशासनिक कड़ाई: निवाड़ी के स्थानीय प्रशासन द्वारा सुनसान इलाकों में बने दफन स्थलों की निगरानी के कड़े निर्देश दिए जा सकते हैं। निवाड़ी के निवासियों को संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना देनी होगी। • अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता: देश भर के ग्रामीण समुदायों को तंत्र-मंत्र जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूक करने के प्रयास तेज होंगे। इससे समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा और मासूमों के शवों की बेअदबी रुकेगी। ऐसा क्यों हुआ इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में फैला अंधविश्वास और दफन स्थलों पर सुरक्षा की भारी कमी जिम्मेदार नजर आती है। पीड़ित परिवार की गैर-मौजूदगी और सुनसान इलाके का फायदा उठाकर इस कृत्य को अंजाम दिया गया। • अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की कुप्रथा: ग्रामीण अंचलों में आज भी कुछ लोग तंत्र-मंत्र और काले जादू जैसी कुप्रथाओं पर भरोसा करते हैं। उनका मानना होता है कि मासूमों के शवों के अंगों से उनके अनुष्ठान सफल हो सकते हैं। • सुरक्षा और निगरानी का अभाव: गांव के बाहर स्थित दफन स्थल पर सीसीटीवी कैमरों या सुरक्षाकर्मियों की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस सुनसान वातावरण ने अपराधियों को बिना किसी डर के कब्र खोदने का आसान मौका दिया। • पिता की अनुपस्थिति: बच्चे के पिता काम के सिलसिले में महाराष्ट्र में थे, जिससे परिवार पहले से ही मानसिक रूप से कमजोर स्थिति में था। अपराधियों ने संभवतः इसी स्थिति का फायदा उठाकर इस वारदात को अंजाम दिया। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस जिले और गांव की है? यह घटना मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के गैलवारा गांव की है। 2. बच्चे की उम्र कितनी थी और उसकी मौत कैसे हुई थी? मृत बच्चे की उम्र केवल 14 महीने थी और अचानक तबीयत खराब होने के कारण उसकी मौत हो गई थी। 3. कब्र के पास से पुलिस को क्या-क्या सामान बरामद हुआ है? पुलिस को कब्र के पास से एक धारदार चाकू, मिठाई का डिब्बा, देसी शराब का क्वार्टर और पैरों के निशान मिले हैं। 4. बच्चे के पिता घटना के समय कहां थे? बच्चे के पिता मोनू साहू उस समय महाराष्ट्र के जलगांव में मजदूरी कर रहे थे और अपने बेटे का अंतिम चेहरा भी नहीं देख पाए थे। 5. इस मामले में पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है? पुलिस ने पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और बरामद सामानों की फोरेंसिक जांच करा रही है। https://trendkia.com/national/niwari-men-kabra-khodakara-masuma-ka-shava-bahara-nikala-pasa-men-chaku-aura-sharaba-milane-se-tntra-mntra-ki-ashnka-39324 TrendKia — Har trend, sabse pehle.