उत्तर भारत से पूर्वोत्तर तक बदलेगा मौसम, दर्जनों राज्यों में तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश का अलर्ट दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा समेत 12 राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी बारिश और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया भले ही शुरू हो चुकी हो, लेकिन देश के विस्तृत भूभाग में बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है। पिछले 48 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, विदर्भ, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में व्यापक स्तर पर वर्षा दर्ज की गई है। आने वाले दो से तीन दिनों तक इन तमाम इलाकों में मौसम इसी तरह सक्रिय रहने का अनुमान है, जिससे जनजीवन को भारी बारिश से तुरंत राहत मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। मैदानी और पूर्वी राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 25 और 26 सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और सिक्किम के बड़े हिस्से में बादलों की जोरदार आवाजाही बनी रहेगी। इस समयावधि में कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की पूरी आशंका जताई गई है। इसके बाद 26 और 27 सितंबर को मौसमी गतिविधियां आगे बढ़ेंगी, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी मूसलाधार वर्षा दर्ज की जा सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो उत्तराखंड में 27 और 28 सितंबर को भारी वर्षा का जोर देखने को मिलेगा। मध्य भारत में मौसमी उतार-चढ़ाव मध्य भारत के विभिन्न हिस्सों में भी वर्षा की गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के क्षेत्रों में 25 से 27 सितंबर तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। छत्तीसगढ़ में 26 सितंबर को तेज रफ्तार हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर आ सकता है। इस दौरान सामान्य तौर पर 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत का हाल पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी आसमान से आफत बरसने के आसार बने हुए हैं। 25 और 26 सितंबर के दौरान असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान आने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं दक्षिण भारत की तरफ नजर डालें तो 26 सितंबर को केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और यनम में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है, जिससे तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इसका आप पर असर इस मौसमी बदलाव से प्रभावित राज्यों में दैनिक यात्रा, परिवहन और कृषि गतिविधियों पर सीधा असर पड़ सकता है। • भारत में: 12 से अधिक राज्यों में तेज हवाओं और भारी वर्षा के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात में अस्थायी व्यवधान आ सकता है। यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना मौसम की ताजा जानकारी देखकर बनाने की सलाह दी जाती है। • उत्तर प्रदेश और बिहार में: अगले 24 से 48 घंटों में 50 किमी प्रति घंटे की हवाओं और मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में जलजमाव हो सकता है। किसानों को कटी हुई या तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के जरूरी प्रबंध करने चाहिए। • पूर्वोत्तर राज्यों में: असम और मेघालय समेत पूर्वोत्तर के छह राज्यों में आकाशीय बिजली और आंधी का खतरा बना हुआ है। तेज आंधी के समय खुले मैदानों, पेड़ों या कच्चे ढांचों के नीचे शरण लेने से बचें। • पहाड़ी क्षेत्रों में: उत्तराखंड में 27 और 28 सितंबर को भारी बारिश के पूर्वानुमान से भूस्खलन और सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका है। यात्रियों को संवेदनशील पर्वतीय मार्गों पर आवाजाही के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के दौर में जब विभिन्न वायुमंडलीय प्रणालियों का टकराव होता है, तो कई हिस्सों में मौसम अचानक उग्र हो जाता है। इसी मौसमी संक्रमण और चक्रवाती परिसंचरण के कारण बड़े भूभाग पर बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। • मानसून की वापसी का प्रभाव: मानसून के पीछे हटने के दौरान शुष्क और नम हवाओं के मिलने से वायुमंडल में अस्थिरता पैदा होती है। इस प्रक्रिया के चलते अक्सर उत्तर और पूर्वी भारत में तेज गरज के साथ बादल विकसित होते हैं। • क्षेत्रीय हवाओं की गति: बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और स्थानीय मौसमी दबाव के कारण छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी यूपी में हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रही है। यह हवाएं बादलों को तेजी से संगठित कर भारी बारिश में तब्दील कर रही हैं। • पूर्वोत्तर में संवहन परिस्थितियां: पूर्वोत्तर के पर्वतीय और घाटी इलाकों में स्थानीय आद्रता और तापमान के उतार-चढ़ाव से संवहनी बादलों का निर्माण हुआ है। इसी वजह से असम, मेघालय और आसपास के इलाकों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की स्थिति बनी है। सवाल-जवाब 1. किन राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों में सबसे भारी बारिश की संभावना है? उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और सिक्किम में 25-26 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 2. इस दौरान हवाओं की रफ्तार कितनी रह सकती है? उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 3. उत्तराखंड में भारी वर्षा का अलर्ट किन तारीखों के लिए है? उत्तराखंड में 27 और 28 सितंबर को भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। 4. पूर्वोत्तर के किन राज्यों में आकाशीय बिजली और आंधी की चेतावनी दी गई है? असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 25 और 26 सितंबर को आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने के आसार हैं। 5. दक्षिण भारत के कौन से इलाके इस बारिश से प्रभावित होंगे? 26 सितंबर को केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और यनम में भारी वर्षा का पूर्वानुमान लगाया गया है। https://trendkia.com/national/north-india-se-northeast-taka-badalega-mausama-darjanon-rajyon-men-teja-havaon-aura-musaladhara-barisha-ka-alarta-38523 TrendKia — Har trend, sabse pehle.