पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में तूफानी हवाओं संग भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली-एनसीआर में शुष्क रहेगा मौसम मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज झोंके वाली हवाओं के साथ जोरदार बारिश का पूर्वानुमान जताया है, जबकि दिल्ली में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। देश के कई उत्तरी राज्यों से मानसूनी फुहारें थमने के बाद अब मौसमी हलचलें दक्षिण, पूर्व और पूर्वोत्तर के हिस्सों में केंद्रित हो गई हैं। पिछले चौबीस घंटों से अनेक राज्यों में लगातार मेघ बरस रहे हैं। शनिवार के ताजा अनुमान के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत के कर्नाटक व केरल, पश्चिमी तटवर्ती इलाकों, महाराष्ट्र, ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के विस्तृत क्षेत्रों में बादलों के सक्रिय रहने के प्रबल आसार हैं। इन क्षेत्रों में वर्षा के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज अंधड़ की स्थिति बन सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों में सप्ताह भर की बरसात और तेज हवाओं का दौर पूर्वोत्तर के सातों राज्यों, जिनमें असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा शामिल हैं, वहां दो से आठ अक्टूबर तक व्यापक पैमाने पर वर्षा जारी रहने का आकलन है। तीन अक्टूबर को विशेष रूप से असम और मेघालय से लेकर त्रिपुरा तक गरज-चमक के साथ जोरदार बौछारें पड़ने और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है। इस पूरे मौसमी तंत्र के असर से हवाओं का रुख बेहद आक्रामक हो सकता है। मैदानी व तटीय इलाकों में हवा की सामान्य रफ्तार चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहेगी, जो बढ़कर साठ किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर तक पहुंच सकती है। केरल के समुद्री और तटवर्ती इलाकों में भी तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके पचास किलोमीटर प्रति घंटे की तीव्रता को छू सकते हैं। आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के भूभागों में भी वज्रपात और गरज के साथ अंधड़ चलने का संकट बना हुआ है। गंगा के मैदानी इलाकों से लेकर उत्तर भारत में आगे का अनुमान सिक्किम, पश्चिम बंगाल के गंगा से सटे मैदानी क्षेत्रों तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके अतिरिक्त, छह से आठ अक्टूबर की समयसीमा में मौसमी गतिविधियों का दायरा पुनः विस्तृत होगा। इस अवधि में पंजाब, हरियाणा, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार तथा झारखंड के क्षेत्रों में वर्षा देखने को मिल सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद के इलाकों में भी वर्षा का दौर दर्ज किए जाने की उम्मीद है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हाल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों में शनिवार को किसी भी तरह की प्रतिकूल मौसम की चेतावनी नहीं है। समूचे क्षेत्र में मौसम पूरी तरह सूखा रहने का अनुमान है। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान छत्तीस डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो मौसमी सामान्य स्तर से 1.3 डिग्री अधिक रहा। राजधानी की वायु गुणवत्ता भी मध्यम दर्जे में दर्ज की गई। स्थानीय वेधशालाओं के अनुसार, लोधी रोड क्षेत्र में पारा सामान्य से तीन डिग्री चढ़कर छत्तीस डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं आया नगर केंद्र पर तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री ऊपर रहकर छत्तीस डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसका आप पर असर इस मौसम पूर्वानुमान से दैनिक यात्रा, कृषि कार्यों और बाहरी गतिविधियों पर सीधा असर पड़ सकता है। • पूर्वोत्तर और बंगाल के यात्रियों के लिए: तेज अंधड़ और 60 किमी प्रति घंटे की हवाओं से हवाई और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय चेतावनी अवश्य जांच लें। • केरल और आंध्र प्रदेश के निवासियों के लिए: 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले झोंके और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें। • दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए: तापमान सामान्य से अधिक 36 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा और मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। दोपहर की गर्मी से बचने के लिए पानी का पर्याप्त सेवन करें। • उत्तरी राज्यों के किसानों के लिए: छह से आठ अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, यूपी और बिहार में दोबारा वर्षा होने का अनुमान है। फसल कटाई और भंडारण के लिए उसी अनुसार तैयारी रखें। ऐसा क्यों हुआ उत्तर भारत से मानसूनी प्रवाह के धीमा पड़ने और प्रायद्वीपीय एवं पूर्वोत्तर हिस्सों में स्थानीय चक्रीय परिसंचरण बनने से मौसम में यह विभाजन देखा जा रहा है। वायुमंडलीय दबाव में बदलाव और नमी से लदी हवाओं का जमावड़ा इन क्षेत्रों में अशांति पैदा कर रहा है। • मौसमी प्रणालियों का स्थानांतरण: उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा बंद होने के बाद मानसूनी नमी पूर्वी और दक्षिणी तटवर्ती क्षेत्रों में केंद्रित हो गई है। इसी वजह से बंगाल की खाड़ी के पास के राज्यों में अधिक दबाव बन रहा है। • तटीय और समुद्री हवाएं: बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठने वाली नमी पूर्वोत्तर राज्यों और केरल-कर्नाटक के ऊपर तीव्र संवहनी बादलों का निर्माण कर रही है। इससे 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के अंधड़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है। • पश्चिमी विक्षोभ की प्रत्याशा: छह से आठ अक्टूबर के बीच उत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में नई मौसमी हलचल होने की संभावना बनी है। इससे शुष्क पड़े क्षेत्रों में दोबारा वर्षा की परिस्थितियां तैयार होंगी। सवाल-जवाब 1. शनिवार को किन प्रमुख राज्यों में भारी वर्षा का अनुमान है? केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में सक्रिय वर्षा का अनुमान जताया गया है। 2. पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम कब तक खराब रह सकता है? पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में दो से आठ अक्टूबर तक छिटपुट बारिश और तीन अक्टूबर को गरज के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। 3. हवाओं की गति कितनी तेज रहने की आशंका है? पूर्वोत्तर और बंगाल के इलाकों में हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटे से लेकर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं, जबकि केरल में 50 किमी प्रति घंटे के झोंके आ सकते हैं। 4. दिल्ली और एनसीआर में शनिवार को कैसा मौसम रहेगा? दिल्ली और एनसीआर में शनिवार को मौसम मुख्यतः सूखा रहेगा और किसी तरह का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 5. उत्तर भारत में दोबारा वर्षा का दौर कब शुरू हो सकता है? पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत कई उत्तरी राज्यों में छह से आठ अक्टूबर के दौरान बारिश होने का अनुमान है। https://trendkia.com/national/northeast-aura-south-india-men-tuphani-havaon-snga-bhari-barisha-ki-chetavani-delhi-ncr-men-shushka-rahega-mausama-42167 TrendKia — Har trend, sabse pehle.