# ओडिशा: 10 मिनट आराम करने को कहा तो भड़का युवक, सीएचसी डॉक्टर के सिर पर दे मारा लकड़ी का स्टूल

> ओडिशा के बरगढ़ स्थित एक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज के साथ आए एक युवक ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर पर लकड़ी के स्टूल से जानलेवा हमला कर दिया। डॉक्टर द्वारा ब्लड प्रेशर जांचने से पहले उसे 10 मिनट आराम करने की सलाह दी गई थी, जिससे नाराज होकर उसने यह हिंसक कदम उठाया।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-07-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/odisha-10-minata-arama-karane-ko-kaha-to-bharaka-yuvaka-doctor-ke-sira-para-de-mara-lakari-ka-stula-9397 · **Language:** Hindi
**Tags:** ओडिशा अपराध, डॉक्टर पर हमला, बरगढ़ पुलिस, अस्पताल में हिंसा, मेडिकल सुरक्षा, एफआईआर दर्ज

ओडिशा के बरगढ़ जिले से चिकित्सा जगत को झकझोर देने वाली एक बेहद हिंसक घटना सामने आई है। यहां एक स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ड्यूटी पर मौजूद एक चिकित्सक को मरीज के तीमारदार के भयानक गुस्से का सामना करना पड़ा। रविवार देर रात एक युवक ने अस्पताल के भीतर जमकर हंगामा किया और इलाज में कथित देरी का बहाना बनाकर डॉक्टर के सिर पर भारी लकड़ी का स्टूल दे मारा। इस जानलेवा प्रहार में डॉक्टर बुरी तरह लहूलुहान हो गए और उन्हें सिर में काफी गंभीर चोटें आई हैं। यह पूरी दहशत भरी वारदात अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ तौर पर रिकॉर्ड हो गई है, जिसने रात के समय आपातकालीन ड्यूटी करने वाले चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

## विवाद की जड़: सिकल सेल पीड़ित बच्चे का इलाज

घटना के समय आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डॉ. सुदीप्त राउत ने इस खौफनाक मंजर की पूरी सिलसिलेवार जानकारी पुलिस के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि रविवार रात लगभग 2 बजे का समय था, जब चार लोगों का एक समूह एक बेहद बीमार बच्चे को लेकर अफरातफरी में अस्पताल पहुंचा। बच्चे को सिकल सेल क्राइसिस की गंभीर समस्या थी और वह सीने में तेज दर्द से लगातार तड़प रहा था। चिकित्सा प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करते हुए डॉ. राउत ने बिना कोई समय गंवाए तुरंत बच्चे की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे फौरन आवश्यक दवाएं और जीवन रक्षक इंजेक्शन दिए गए। इस त्वरित प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को आगे की गहन निगरानी के लिए जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, जहां मौजूद प्रशिक्षित नर्सें उसकी लगातार देखभाल कर रही थीं और उसकी हालत स्थिर होने लगी थी।

 

## ब्लड प्रेशर जांचने की जिद और डॉक्टर की वैज्ञानिक सलाह

बच्चे की हालत में सुधार होने के कुछ ही देर बाद, उन चार लोगों में से एक युवक दोबारा डॉ. राउत के परामर्श केबिन में घुस आया। इस बार उसने खुद की शारीरिक जांच करवाने की जिद पकड़ ली और डॉक्टर से तुरंत अपना ब्लड प्रेशर नापने का दबाव बनाने लगा। डॉ. राउत ने ध्यान दिया कि युवक पसीने से पूरी तरह लथपथ था और काफी बेचैन एवं थका हुआ लग रहा था। चिकित्सा विज्ञान के सामान्य नियमों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अत्यधिक शारीरिक या मानसिक तनाव में होता है, तो उसके शरीर का रक्तचाप काफी अस्थिर हो जाता है। ऐसे में बिना आराम किए तुरंत मशीन से रीडिंग लेने पर गलत और भ्रामक नतीजे आ सकते हैं। इसी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्य को ध्यान में रखते हुए, डॉक्टर ने पूरी शालीनता से युवक को सलाह दी कि वह लगभग 10 मिनट तक बाहर कुर्सी पर बैठकर थोड़ा आराम कर ले, ताकि उसके शरीर का तापमान और हृदय गति पूरी तरह सामान्य हो सके और ब्लड प्रेशर की बिल्कुल सटीक रीडिंग प्राप्त की जा सके।

 

## कुर्सी से उठकर किया जानलेवा प्रहार

डॉक्टर की यह बिल्कुल सामान्य और चिकित्सकीय दृष्टिकोण से सही सलाह युवक को बिल्कुल भी रास नहीं आई। केवल 10 मिनट का इंतजार करने की बात सुनते ही वह अचानक आगबबूला हो गया। उसने अपनी सारी हदें पार करते हुए एक बेहद हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। गुस्से में उबलते हुए युवक ने फौरन वह भारी लकड़ी का स्टूल उठा लिया जिस पर वह खुद बैठा हुआ था, और अपनी पूरी ताकत के साथ उसे डॉ. राउत के सिर पर दे मारा। इस क्रूर हमले की तीव्रता और अचानकपन इतना अधिक था कि डॉक्टर को संभलने या खुद का बचाव करने का एक पल का भी मौका नहीं मिला। हैरान करने वाली बात यह रही कि इसके बाद भी उस हमलावर का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने बदहवासी में डॉक्टर की मेज को पूरी तरह पलट दिया और उन पर दोबारा शारीरिक हमला करने के लिए आगे बढ़ा, जिससे केबिन में चीख-पुकार और भारी अफरातफरी मच गई।

 

## लहूलुहान हालत में एफआईआर दर्ज

लकड़ी के स्टूल से हुए इस सीधे प्रहार के कारण डॉ. सुदीप्त राउत के सिर में काफी गहरा कट लग गया, जिससे भारी मात्रा में खून बहने लगा। इसके अलावा जब उन्होंने अपने चेहरे को बचाने की कोशिश की, तो उनके माथे और हाथों पर भी काफी गहरी चोटें आई हैं। किसी तरह अपनी जान बचाकर और उसी घायल अवस्था में डॉ. राउत स्थानीय टाउन पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों को घटना का पूरा ब्यौरा देते हुए उस हमलावर युवक के खिलाफ नामजद एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज कराई है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें तुरंत न्याय मिले और ऐसे आपराधिक मानसिकता वाले लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई अन्य डॉक्टर अस्पताल के भीतर इस तरह की जानलेवा हिंसा का शिकार न हो।

 

## नशे की हालत का शक और हत्या की सीधी धमकी

अपनी पुलिस शिकायत में डॉ. राउत ने एक और बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। उनका दृढ़ता से मानना है कि हमला करने वाला वह व्यक्ति उस समय अत्यधिक नशे की हालत में था, जिसके कारण वह किसी भी तर्कपूर्ण बात को समझने की स्थिति में ही नहीं था। डॉक्टर ने पुलिस को यह भी बताया कि उस सिरफिरे युवक ने जाते-जाते उन्हें सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी। डॉ. राउत के अनुसार, आरोपी ने चिल्लाते हुए कहा, "अगर मैं आज पूरी तैयारी और हथियारों के साथ आया होता, तो तुम्हारी यहीं पर हत्या कर देता।" इस खौफनाक और हिंसक बयान ने अस्पताल के पूरे स्टाफ को भारी दहशत में डाल दिया है और सभी कर्मचारी अपनी रोजमर्रा की सुरक्षा को लेकर बेहद डरे हुए और चिंतित नजर आ रहे हैं।

 

## पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सीसीटीवी जांच

एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद टाउन पुलिस की मशीनरी पूरी तरह हरकत में आ गई। पुलिस की एक विशेष टीम ने फौरन अस्पताल पहुंचकर घटना स्थल का मुआयना किया और शुरुआती जांच के बाद आरोपी युवक को तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। फिलहाल वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं ताकि इस अचानक हुए हमले के पीछे की वास्तविक मानसिकता को समझा जा सके। पुलिस इस बात की भी गहन तफ्तीश कर रही है कि क्या वाकई में अस्पताल की तरफ से इलाज की प्रक्रिया में कोई प्रशासनिक देरी हुई थी, या फिर यह पूरा विवाद सिर्फ ब्लड प्रेशर जांचने को लेकर 10 मिनट रुकने की बात से ही इतना हिंसक हो गया। पूरे मामले की पारदर्शिता और सच्चाई तक पहुंचने के लिए अस्पताल के भीतर लगे सीसीटीवी फुटेज को भी पुलिस ने आधिकारिक तौर पर अपने कब्जे में ले लिया है, जो अब अदालत में सबसे बड़े सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।

 

## डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर उठते सवाल और कड़े कानून की गुहार

इस पूरी वीभत्स घटना के बाद से डॉ. राउत मानसिक रूप से काफी डरे हुए और व्यवस्था से निराश हैं। उन्होंने सीधे तौर पर राज्य सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अस्पतालों में डॉक्टरों पर इस तरह के शारीरिक हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जो एक बेहद खतरनाक और चिंताजनक प्रवृत्ति है। उन्होंने पुरजोर मांग की है कि ओडिशा सरकार को चिकित्साकर्मियों की शारीरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद सख्त और कड़े कानून तुरंत लागू करने चाहिए। डॉ. राउत का स्पष्ट कहना है कि जब तक ऐसे हमलावरों को समाज के सामने कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक लोगों में यह संदेश नहीं जाएगा कि ड्यूटी पर तैनात किसी सरकारी डॉक्टर पर हाथ उठाना कितना गंभीर अपराध है। उनका तर्क है कि डॉक्टर दिन-रात जगकर मरीजों की जान बचाते हैं, लेकिन अगर वे अस्पताल के भीतर खुद ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो पूरी की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी।

 

## जुलाई में सामने आई थी ऐसी ही एक शर्मनाक घटना

दुर्भाग्यवश, चिकित्सकों के साथ मारपीट का यह कोई पहला या इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले जुलाई के महीने में भी महाराष्ट्र से एक ऐसी ही शर्मनाक घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। तब एक शिवसेना पार्षद ने अपनी राजनीतिक हनक दिखाते हुए अस्पताल में घुसकर डॉक्टरों और नर्सों के साथ जमकर मारपीट की थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। हालांकि, इसे नियति का खेल ही कहेंगे कि जब पुलिस ने उस दबंग पार्षद को डॉक्टरों को पीटने के आरोप में गिरफ्तार किया, तो जेल जाने के डर से वह खुद अचानक रहस्यमयी तरीके से बीमार पड़ गया। इसके बाद प्रशासन को मजबूरन उसे उसी अस्पताल के बेड पर भर्ती करवाना पड़ा था, जहां उसने हंगामा किया था। ओडिशा का यह ताजा मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि देश भर के सभी छोटे-बड़े स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा के पुख्ता और कड़े इंतजाम होना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है, ताकि धरती के भगवान कहे जाने वाले ये डॉक्टर बिना किसी खौफ के अपनी ड्यूटी निभा सकें।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** अस्पतालों में डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों के कारण चिकित्सा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे आम मरीजों के लिए आपातकालीन स्थिति में तुरंत इलाज पाना मुश्किल हो जाएगा।
- **ओडिशा में:** बरगढ़ और आसपास के इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों की सुरक्षा कड़ी की जा सकती है, जिसके चलते भविष्य में मरीजों और उनके परिजनों को प्रवेश के दौरान सख्त पुलिस जांच से गुजरना पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. ओडिशा में डॉक्टर पर हमले की यह खौफनाक घटना कहां हुई?
यह हिंसक घटना ओडिशा के बरगढ़ जिले में स्थित एक स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में हुई।

### 2. युवक ने अचानक डॉक्टर पर इतना भयानक हमला क्यों किया?
युवक अपना ब्लड प्रेशर चेक करवाना चाहता था, लेकिन जब डॉक्टर ने उसे पसीने में लथपथ देखकर 10 मिनट आराम करने की सलाह दी, तो वह भड़क गया और उसने हमला कर दिया।

### 3. डॉक्टर को किस चीज से मारा गया और उन्हें क्या-क्या चोटें आईं?
हमलावर ने डॉक्टर के सिर पर एक भारी लकड़ी का स्टूल पूरी ताकत से दे मारा, जिससे उनके सिर में गहरा कट लग गया और माथे व हाथों पर भी गंभीर चोटें आई हैं।

### 4. हमले के बाद पुलिस प्रशासन ने क्या कानूनी कार्रवाई की है?
टाउन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए तुरंत कार्रवाई की और आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है; फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है।

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