# ओडिशा के बालासोर में नदी के जाल में फंसा 15 किलो का विशाल अजगर, वन विभाग ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

> ओडिशा के बालासोर जिले में सुबर्नरेखा नदी में मछली पकड़ने गए मछुआरे के जाल में 15 किलो वजनी और 5 मीटर लंबा अजगर फंस गया। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित अहमपाड़ा जंगल में छोड़ दिया।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/odisha-ke-balasore-men-nadi-ke-jala-men-phnsa-15-kilo-ka-vishala-ajagara-vana-vibhaga-ne-reskyu-kara-jngala-men-chhora-30253 · **Language:** Hindi
**Tags:** बालासोर समाचार, ओडिशा न्यूज, अजगर रेस्क्यू, सुबर्नरेखा नदी, वन विभाग, अहमपाड़ा जंगल, वाइल्डलाइफ समाचार

ओडिशा के बालासोर जिले में सुबर्नरेखा नदी के किनारे मछली पकड़ने गए एक मछुआरे के साथ एक हैरान कर देने वाली घटना घटी। मछुआरे ने जब नदी में डाला गया अपना जाल बाहर खींचा तो उसमें मछली की जगह एक विशालकाय अजगर फंसा हुआ मिला। अचानक इतने बड़े अजगर को देखकर मछुआरा काफी घबरा गया। उसने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय लोगों और रायबनिया वन विभाग की टीम को दी। वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर अजगर को जाल से सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक स्वास्थ्य जाँच कराने के बाद उसे जंगल में वापस छोड़ दिया।

## सुबर्नरेखा नदी में बाढ़ के बाद जाल में फंसा विशाल अजगर
यह पूरा मामला बालासोर जिले के जलेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत ओलमारा गांव की मकड़िया पंचायत के बरहमपुर इलाके का है। हाल ही में सुबर्नरेखा नदी में बाढ़ आने के बाद आसपास के इलाकों में पानी छोड़ा गया था। नदी में पानी का बहाव बढ़ने के कारण स्थानीय निवासी मछली पकड़ने के लिए नदी तट पर अपने जाल डाल रहे थे। इसी दौरान एक मछुआरे को लगा कि उसके जाल में कोई बड़ी मछली फंसी है। लेकिन जब उसने जाल को ध्यान से देखा तो उसमें एक बड़ा अजगर उलझा हुआ था। जाल में अजगर को तड़पते देख मछुआरा बुरी तरह डर गया और उसने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया।

## वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही रायबनिया वन विभाग की टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची। वन कर्मचारियों ने पूरी सावधानी और समझदारी का परिचय देते हुए अजगर को जाल के फंदों से धीरे-धीरे बाहर निकाला। इस बीच नदी किनारे विशाल अजगर मिलने की खबर आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस लंबे और भारी अजगर को अपनी आंखों से देखना चाहता था। वन विभाग की टीम ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए अजगर को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।

## पशु अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अहमपाड़ा जंगल में रिहाई
रेस्क्यू किए गए अजगर को तुरंत नजदीकी जानवरों के अस्पताल ले जाया गया ताकि उसकी शारीरिक स्थिति की जाँच की जा सके। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस अजगर का वजन लगभग 15 किलोग्राम था और इसकी लंबाई करीब 5 मीटर मापी गई। डॉक्टरों द्वारा अजगर को पूरी तरह स्वस्थ और चोट मुक्त घोषित किए जाने के बाद वन विभाग ने इसे इसके प्राकृतिक आवास में भेजने का फैसला किया। इसके बाद वन विभाग की टीम अजगर को पास के अहमपाड़ा जंगल में ले गई और उसे सुरक्षित रूप से मुक्त कर दिया।

## अजगर के शिकार का तरीका और हालिया घटनाएं
विशेषज्ञों के अनुसार अजगर जहरीले सांपों की श्रेणी में नहीं आते हैं, लेकिन अपनी शारीरिक बनावट और असीम ताकत के कारण ये बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। यह जहरीले सांपों की तरह इंसानों या शिकार को डसते नहीं हैं, बल्कि अपने मजबूत शरीर से शिकार को चारों तरफ से जकड़ लेते हैं। अजगर के अत्यधिक दबाव के कारण शिकार का दम घुट जाता है या उसकी हड्डियां टूट जाती हैं। हाल के दिनों में रिहाइशी इलाकों में अजगर मिलने की कई घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में मुंबई में एक खड़ी कार के बोनेट के अंदर बड़ा अजगर बैठा मिला था। इसके अलावा मुंगेर के एक अस्पताल परिसर में विशालकाय अजगर घुस आने से मरीजों और तीमारदारों के बीच अफरा-तफरी मच गई थी।

## इसका आप पर असर
यह घटना बाढ़ के बाद नदियों और जल निकायों के आसपास वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि के प्रति सतर्क रहने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।

- **भारत में:** मानसून और बाढ़ के मौसम के दौरान नदियों तथा बड़े जलाशयों के पास जाने वाले नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। तेज बहाव के कारण विशाल और जहरीले वन्यजीव अक्सर इंसानी बस्तियों के नजदीक आ जाते हैं।
- **ओडिशा और बालासोर में:** सुबर्नरेखा नदी के तटीय इलाकों के ग्रामीण बाढ़ का पानी छोड़े जाने के बाद मछली पकड़ते समय सतर्क रहें। अकेले पानी में उतरने से बचें और जाल डालते समय आसपास की जगह को अच्छी तरह जाँच लें।
- **सुरक्षा और आपातकालीन कदम:** किसी भी वन्यजीव के जाल में फंसने या रिहाइशी इलाके में दिखने पर खुद रेस्क्यू का प्रयास न करें। तुरंत स्थानीय वन विभाग या वाइल्डलाइफ हेल्पलाइन को सूचित करें।
- **जोखिम और बचाव:** अजगर गैर-जहरीला होने के बावजूद अपने दबाव से इंसानों और मवेशियों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। बच्चों को पानी भरे नदी तटों से दूर रखें।

## ऐसा क्यों हुआ
सुबर्नरेखा नदी में बाढ़ आने के बाद ऊपरी इलाकों से पानी छोड़ा गया, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और किनारे पर रहने वाले अजगर का प्राकृतिक ठिकाना बह गया। पानी के तेज बहाव में बहने के कारण अजगर मछली पकड़ने वाले जाल के करीब पहुँचकर उसमें उलझ गया।

- **बाढ़ का पानी और विस्थापन:** नदी में अतिरिक्त जल छोड़े जाने के कारण जलस्तर बढ़ा और तटवर्ती वन क्षेत्रों में उथल-पुथल हुई। इससे अजगर अपने नियमित आवास से विस्थापित होकर नदी की मुख्य धारा में आ गया।
- **शिकार की तलाश और जाल में उलझना:** बाढ़ के पानी में मछलियों की चहल-पहल देखकर अजगर भी जाल की तरफ बढ़ा। जाल की महीन बुनावट में उसके शरीर के उलझने के बाद वह खुद बाहर नहीं निकल सका।
- **पूर्व की ऐसी घटनाएं:** बारिश और बाढ़ के मौसम में सांपों का पानी के बहाव के साथ बहकर बस्तियों में आना सामान्य प्रक्रिया है। हाल ही में मुंबई में कार के बोनेट और मुंगेर के अस्पताल में भी इसी तरह अजगर पाए गए थे।
- **रेस्क्यू के बाद की प्रक्रिया:** वन विभाग ऐसे मामलों में रेस्क्यू के बाद जानवर का मेडिकल टेस्ट कराता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह जंगल में लौटने के लिए पूरी तरह स्वस्थ है।

## सवाल-जवाब

### 1. ओडिशा के किस जिले में मछली पकड़ने के जाल में अजगर फंसा था?
यह घटना ओडिशा के बालासोर जिले के जलेश्वर ब्लॉक स्थित ओलमारा गांव की मकड़िया पंचायत के बरहमपुर इलाके में सुबर्नरेखा नदी में घटी।

### 2. रेस्क्यू किए गए अजगर की लंबाई और वजन कितना था?
वन विभाग की जाँच के अनुसार अजगर की लंबाई लगभग 5 मीटर थी और इसका वजन करीब 15 किलोग्राम था।

### 3. अजगर को रेस्क्यू करने के बाद कहाँ ले जाया गया?
अजगर को जाल से सुरक्षित निकालने के बाद स्वास्थ्य जाँच के लिए पास के पशु अस्पताल ले जाया गया।

### 4. स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अजगर को कहाँ छोड़ा गया?
अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा पूरी तरह स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद अजगर को पास के अहमपाड़ा जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

### 5. किस वन विभाग की टीम ने अजगर का रेस्क्यू किया?
रायबनिया वन विभाग की टीम ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

### 6. क्या अजगर जहरीला होता है और यह शिकार कैसे करता है?
अजगर जहरीला नहीं होता है, यह अपने शिकार को डसने के बजाय अपने मजबूत शरीर से जकड़कर उसका दम घोंट देता है।

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