ओडिशा के गांव में निकला 14 फीट लंबा किंग कोबरा, तालाब में उतरने के बाद हुआ रेस्क्यू ओडिशा के एक गांव में 14 फीट लंबा किंग कोबरा मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया और बाद में जंगल में छोड़ दिया। ओडिशा के बेहेरासाही गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई जब वहां एक विशालकाय किंग कोबरा नजर आया। कपिपाड़ा वन क्षेत्र के चुईपोशी इलाके में इतने बड़े और जहरीले सांप को देखकर स्थानीय लोगों की चीखें निकल गईं। सांप का आकार इतना बड़ा और डरावना था कि किसी भी ग्रामीण की उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं हुई और सभी लोग बुरी तरह सहम गए। घटना की गंभीरता को समझते हुए डरे हुए ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते इस विशाल सांप की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और अजय सोरेन के तालाब के पास बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। कई लोग अपने साथ डंडे भी लेकर पहुंचे थे ताकि जरूरत पड़ने पर बचाव किया जा सके। कुछ ही समय में वन विभाग के अधिकारी और सांप पकड़ने में माहिर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। टीम के आने से पहले ही वह जहरीला किंग कोबरा जमीन पर रेंगते हुए सीधे तालाब के पानी में उतर गया। काफी समय तक बचाव दल और ग्रामीण तालाब के किनारे सांप के बाहर आने का इंतजार करते रहे। जब काफी देर बाद सांप ने पानी से बाहर कदम रखा, तो बचाव दल ने पूरी सावधानी बरती ताकि वह दोबारा पानी के अंदर न जा सके। इसके बाद वन विभाग के कर्मियों ने बड़ी सूझबूझ और सुरक्षा के साथ उस किंग कोबरा को अपने कब्जे में ले लिया। इतने खतरनाक और अत्यधिक जहरीले सांप को सामने देखकर लोगों की सांसे थम गई थीं, लेकिन राहत की बात यह रही कि रेस्क्यू के दौरान सांप को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया। सांप को पकड़ने के बाद वन्यजीव कर्मियों ने इंचीटेप की मदद से उसकी लंबाई मापी, जिससे साफ हुआ कि वह करीब 14 फीट लंबा था। पूरी प्रक्रिया के बाद वन विभाग की टीम उस भारी-भरकम सांप को अपने साथ सुरक्षित ले गई और उसे घने जंगल में छोड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दूसरी ओर, वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की सूझबूझ की सराहना की है क्योंकि उन्होंने डर के बावजूद सांप को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और समय रहते सही जगह पर मदद के लिए संपर्क किया। अधिकारियों का संदेश है कि भय के माहौल में वन्य जीवों को हानि नहीं पहुंचानी चाहिए, बल्कि हमेशा प्रशासनिक मदद लेनी चाहिए। इसका आप पर असर वन्यजीवों के मानवीय बस्तियों में आने की घटनाओं के बीच यह मामला सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग के महत्व को रेखांकित करता है। • ओडिशा में: स्थानीय निवासियों को किसी भी जहरीले जीव के दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए और दूरी बनाए रखनी चाहिए। यह घटना दर्शाती है कि धैर्य रखने से इंसानों और वन्यजीवों दोनों की जान बचाई जा सकती है। • व्यापक प्रभाव: इस तरह की घटनाएं पर्यावरण संतुलन और जंगलों के सिकुड़ने पर विचार करने का संकेत देती हैं। लोगों को जागरूक रहना चाहिए ताकि अनजाने में किसी संरक्षित वन्यजीव को नुकसान न पहुंचे। ऐसा क्यों हुआ जंगल के पास स्थित ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों के आने के पीछे प्राकृतिक आवास का घटना मुख्य कारण माना जाता है। • आवास का दायरा घटना: जंगलों के कटने और मानव बस्तियों के विस्तार के कारण सांप जैसे जीव अक्सर भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं। • जल स्रोतों की ओर खिंचाव: गर्मी या पानी की तलाश में ये जीव तालाबों और नमी वाले स्थानों की तरफ आकर्षित होते हैं, जैसा कि इस मामले में तालाब के पास देखा गया। • समय पर सूचना: ग्रामीणों द्वारा समय पर वन विभाग को दी गई सटीक जानकारी के कारण ही इस खतरनाक जीव को बिना किसी नुकसान के बचाया जा सका। सवाल-जवाब 1. किंग कोबरा कहां मिला था? यह किंग कोबरा ओडिशा के बेहेरासाही गांव के कपिपाड़ा वन क्षेत्र के चुईपोशी इलाके में मिला था। 2. सांप की लंबाई कितनी थी? वन विभाग के कर्मियों द्वारा इंचीटेप से मापने पर इस किंग कोबरा की लंबाई करीब 14 फीट पाई गई। 3. सांप को कहां पकड़ा गया था? सांप को अजय सोरेन के तालाब के पास पानी से रेस्क्यू किया गया था। 4. सांप का क्या किया गया? सुरक्षित पकड़ने के बाद वन विभाग की टीम ने उस सांप को घने जंगल में छोड़ दिया। https://trendkia.com/national/odisha-ke-gaon-mein-nikla-14-feet-lamba-king-cobra-talab-mein-utarne-ke-baad-hua-rescue-48153 TrendKia — Har trend, sabse pehle.