# ओमान से डिपोर्ट होकर सीधे तिहाड़ जेल पहुंचा झुंझुनूं का फिरोज, पासपोर्ट से गायब दो पन्नों ने बढ़ाई मुसीबत

> राजस्थान के झुंझुनूं के रहने वाले फिरोज अली को ओमान एयरपोर्ट से वापस दिल्ली भेज दिया गया क्योंकि उनके पासपोर्ट से पन्ने नंबर 17 और 18 गायब थे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/oman-se-diporta-hokara-sidhe-tihar-jela-pahuncha-jhunjhunu-ka-firoz-pasaporta-se-gayaba-do-pannon-ne-barhai-musibata-31942 · **Language:** Hindi
**Tags:** झुंझुनूं, पासपोर्ट विवाद, दिल्ली पुलिस, तिहाड़ जेल, इमिग्रेशन विभाग, ओमान डिपोर्टेशन

राजस्थान के झुंझुनूं के रहने वाले एक शख्स के लिए उसके पासपोर्ट का गायब पन्ना ही सबसे बड़ी मुसीबत का सबब बन गया। पासपोर्ट से दो बेहद अहम पन्ने गायब होने की वजह से इस यात्री को न केवल ओमान से वापस भेज दिया गया, बल्कि दिल्ली पहुंचते ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। गहन पूछताछ के बाद अब आरोपी शख्स सलाखों के पीछे यानी तिहाड़ जेल में अपनी रातें काट रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि आखिर सरकारी दस्तावेज के ये पन्ने कहां और क्यों गायब हुए।

## दिल्ली से ओमान की उड़ान और फिर शुरू हुआ हंगामा
पूरी घटना अगस्त महीने के आखिरी दिनों की है, जब झुंझुनूं का रहने वाला फिरोज अली रोजी-रोटी या किसी अन्य काम के सिलसिले में ओमान जाने के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा था। दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच और इमिग्रेशन की तमाम औपचारिकताओं को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के बाद फिरोज ओमान के लिए रवाना हो गया। लेकिन असली परेशानी तब शुरू हुई जब उसका विमान ओमान की धरती पर उतरा। ओमान एयरपोर्ट पर जब वहां के इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट की जांच की, तो वे यह देखकर हैरान रह गए कि पासपोर्ट से पन्ना नंबर 17 और 18 पूरी तरह गायब थे। इस बारे में जब फिरोज से सवाल-जवाब किए गए, तो वह कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाया।

अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार, पासपोर्ट एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज होता है। इसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़, जैसे कि पन्नों को फाड़ना या मिटाना, पूरे दस्तावेज को अवैध बना देता है। जब फिरोज ने मस्कट के एयरपोर्ट पर अपना पासपोर्ट दिखाया, तो पन्नों का गायब होना एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन के रूप में देखा गया। आमतौर पर दुनिया भर के इमिग्रेशन सिस्टम पासपोर्ट के हर एक पन्ने का रिकॉर्ड रखते हैं, और पन्नों का गायब होना इस बात का संकेत माना जाता है कि यात्री अपनी पिछली यात्राओं का इतिहास, किसी देश से डिपोर्ट होने की जानकारी या गैर-कानूनी वीजा को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

## ओमान से डिपोर्टेशन और दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों का एक्शन
कोई सही जवाब न मिलने पर ओमान के सुरक्षा अधिकारियों ने फिरोज अली को उनके देश में प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया और उसे वापस भारत डिपोर्ट करने का फैसला किया। इसके बाद, 31 अगस्त और 1 सितंबर की दरमियानी रात को फिरोज को ओमान एयर की फ्लाइट नंबर WY-245 से वापस दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान के लैंड होते ही वहां मौजूद इमिग्रेशन ब्यूरो, जो इंटेलिजेंस ब्यूरो के तहत काम करता है, ने फिरोज को तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। देश की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले को लेकर खुफिया विभाग और दिल्ली पुलिस ने फिरोज से काफी देर तक कड़ी पूछताछ की।

## दर्ज हुई FIR और आरोपी पहुंचा तिहाड़ जेल
शुरुआती दौर की पूछताछ खत्म होने के बाद इमिग्रेशन ब्यूरो ने इस मामले की लिखित शिकायत IGI एयरपोर्ट पुलिस को सौंप दी। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर तुरंत FIR दर्ज कर फिरोज अली को गिरफ्तार कर लिया और कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे सीधे तिहाड़ जेल भेज दिया। जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि पासपोर्ट के पन्ना नंबर 17 और 18 पर शायद कोई फर्जी वीजा लगा हुआ था, जिसे ओमान पहुंचने से पहले किसी बड़ी गड़बड़ी या अपनी पुरानी करतूतों को छिपाने के इरादे से जानबूझकर फाड़ दिया गया था।

भारत में पासपोर्ट के साथ छेड़छाड़ करना पासपोर्ट अधिनियम के तहत एक अत्यंत गंभीर और दंडनीय अपराध माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति कटे-फटे या छेड़छाड़ किए गए पासपोर्ट का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे जेल की सजा के साथ-साथ भविष्य में विदेश यात्रा करने पर लंबे समय तक के लिए प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली पुलिस की जांच में इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि क्या फिरोज किसी फर्जी ट्रैवल एजेंट के झांसे में आ गया था, जिसने किसी दूसरे देश के रिजेक्टेड वीजा या अवैध रूप से देश में प्रवेश के स्टैम्प को छिपाने के लिए उसे इन पन्नों को फाड़ने की सलाह दी थी। फिलहाल दिल्ली पुलिस की एक खास टीम इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी संगठित गिरोह या साजिश की आशंका को ध्यान में रखकर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।

## इसका आप पर असर
यह घटना अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए सरकारी यात्रा दस्तावेजों के रखरखाव और उनकी सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी है।

- **भारत में यात्रियों के लिए:** विदेशों की यात्रा करने वाले सभी भारतीय नागरिकों को उड़ान भरने से पहले अपने पासपोर्ट की शारीरिक स्थिति की जांच अवश्य करनी चाहिए। पासपोर्ट का थोड़ा सा भी फटना या उसका कोई पन्ना गायब होना आपको विदेशी एयरपोर्ट से सीधे डिपोर्ट करा सकता है और भारत लौटने पर गिरफ्तारी भी हो सकती है।
- **राजस्थान में स्थानीय प्रभाव:** झुंझुनूं और आस-पास के क्षेत्रों से विदेश जाने वाले युवाओं को फर्जी ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आने से बचना चाहिए। यदि कोई एजेंट वीजा रिजेक्शन या पुरानी यात्राओं को छिपाने के लिए पासपोर्ट में बदलाव करने की सलाह देता है, तो ऐसे अवैध तरीकों के इस्तेमाल से सीधे तिहाड़ जेल जाने की नौबत आ सकती है।
- **गंभीर कानूनी नतीजे:** भारतीय पासपोर्ट अधिनियम के तहत पासपोर्ट के पन्नों के साथ छेड़छाड़ करना एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध माना जाता है। ऐसा करने पर न केवल आपका यात्रा का सपना टूट जाएगा, बल्कि भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ भविष्य में विदेश यात्रा पर हमेशा के लिए प्रतिबंध भी लग सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना ओमान में एक नियमित सुरक्षा जांच के दौरान अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेजों के नियमों के गंभीर उल्लंघन के कारण सामने आई। पासपोर्ट से पन्नों का गायब होना सीधे तौर पर सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरे की घंटी बन गया, जिसके बाद तुरंत डिपोर्टेशन और पुलिस कार्रवाई की गई।

- **पासपोर्ट के पन्नों का गायब होना:** ओमान एयरपोर्ट पर पासपोर्ट चेकिंग के दौरान अधिकारियों ने पाया कि दस्तावेज से पन्ना नंबर 17 और 18 गायब थे। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, पासपोर्ट का पूरी तरह सुरक्षित होना जरूरी है, इसलिए उसे प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया।
- **वीजा धोखाधड़ी का संदेह:** जांचकर्ताओं को पक्का अंदेशा है कि गायब हुए पन्नों पर नकली वीजा या अवैध प्रवेश के स्टैम्प लगे हुए थे। ओमान में पकड़े जाने के डर से इन पन्नों को यात्रा के दौरान या उससे ठीक पहले जानबूझकर फाड़ा गया था।
- **सख्त इमिग्रेशन प्रोटोकॉल:** वैश्विक सीमा नियंत्रण नियमों के तहत, यदि किसी यात्री का यात्रा दस्तावेज क्षतिग्रस्त पाया जाता है, तो उसे तुरंत वापस भेजा जाना अनिवार्य है। इसी नियम के तहत ओमान एयर की फ्लाइट WY-245 से उसे वापस दिल्ली डिपोर्ट कर दिया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. फिरोज अली को ओमान से क्यों डिपोर्ट किया गया?
फिरोज अली को ओमान से इसलिए डिपोर्ट किया गया क्योंकि वहां के एयरपोर्ट पर जांच के दौरान उनके पासपोर्ट से पन्ना नंबर 17 और 18 गायब पाए गए थे।

### 2. फिरोज को किस फ्लाइट से वापस दिल्ली भेजा गया?
फिरोज को 31 अगस्त और 1 सितंबर की दरमियानी रात ओमान एयर की फ्लाइट नंबर WY-245 से वापस दिल्ली डिपोर्ट किया गया था।

### 3. दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद क्या कार्रवाई हुई?
दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही फिरोज को इमिग्रेशन ब्यूरो ने हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद उसे आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस को सौंप दिया।

### 4. जांचकर्ताओं को पासपोर्ट से पन्ने गायब होने को लेकर क्या शक है?
जांचकर्ताओं को संदेह है कि गायब पन्नों पर फर्जी वीजा लगा हुआ था, जिसे ओमान में पकड़े जाने के डर से जानबूझकर फाड़ दिया गया।

### 5. क्या फिरोज अली के खिलाफ कोई कानूनी मामला दर्ज किया गया है?
हां, आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने इमिग्रेशन ब्यूरो की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है और आरोपी फिरोज अली को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है।

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