प्रशांत महासागर में अल नीनो की आहट के बीच भारत में झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने कई राज्यों में जारी की रेड अलर्ट चेतावनी प्रशांत महासागर में अल नीनो के संकेतों के बावजूद भारत भर में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और झारखंड के जिलों में रेड अलर्ट तथा कई अन्य राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर सावधानी बरतने को कहा है। प्रशांत महासागर के भीतर अल नीनो मौसमी घटना के सक्रिय होने के संकेतों के बावजूद, भारतीय मानसून पर इसका नकारात्मक असर अब तक बेअसर साबित हुआ है। देश के विभिन्न हिस्सों में झमाझम मानसूनी बौछारें लगातार जारी हैं, जिससे भीषण सूखे और पानी की किल्लत की तमाम आशंकाएं फिलहाल खारिज हो गई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की यह मौजूदा गति न केवल खरीफ फसलों की पैदावार को मजबूत आधार दे रही है, बल्कि देश की समग्र अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद सकारात्मक संकेत लेकर आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में देश के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही और तेज बारिश का यह सिलसिला यूं ही बना रहेगा। अल नीनो की आशंका और मानसून की मौजूदा स्थिति जलवायु वैज्ञानिकों ने पहले चेतावनी जताई थी कि प्रशांत महासागर में जलस्तर के तापमान में बढ़ोतरी से अल नीनो प्रभाव कायम हो रहा है। आमतौर पर यह मौसमी बदलाव दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति को धीमा कर देता है, जिससे देश के कई हिस्सों में कम वर्षा और जलसंकट का खतरा मंडराने लगता है। हालांकि, इस बार जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। उत्तर में जम्मू और कश्मीर से लेकर दक्षिण में केरल तक और पश्चिम में हिमाचल प्रदेश से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश का दौर लगातार जारी है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे मैदानी और तटीय इलाकों में भी मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। हालांकि, केरल, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन और दैनिक यातायात की रफ्तार को बुरी तरह प्रभावित भी किया है। आंध्र प्रदेश और झारखंड में रेड अलर्ट जारी खराब होते मौसम और तेज बारिश के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों के लिए अत्यंत भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से अनकापल्ली, विशाखापट्टनम और विजयनगरम में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने और हर घंटे 15 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही, झारखंड के भी चार प्रमुख जिलों यानी चतरा, हजारीबाग, लातेहार और लोहरदगा में मूसलाधार बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की आशंका के मद्देनजर रेड अलर्ट प्रभावी किया गया है। देश भर के दर्जनों जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए देश के कई अन्य राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने को कहा गया है। पूर्वोत्तर भारत के मेघालय राज्य में ईस्ट खासी हिल्स, री भोई और वेस्ट खासी हिल्स जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम स्तर की बारिश की संभावना जताई गई है। दक्षिण भारत के केरल राज्य के विभिन्न अंचलों जैसे तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझिकोड, मलप्पुरम तथा कन्नूर जिलों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश का अनुमान है। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू और चेन्नई जिलों में तथा तेलंगाना के सिद्धिपेट में भी ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। पूर्वी भारत के ओडिशा राज्य में जाजपुर, ढेंकानाल, खुर्दा एवं कटक जिलों के लिए सतर्कता निर्देश जारी हुए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों की बात करें तो उत्तराखंड के उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल तथा देहरादून जिलों तथा हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, सोलन तथा सिरमौर जिलों में ऑरेंज चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भी मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया गया है। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू और पर्वतीपुरम मन्यम जिलों में भी तूफानी हवाओं के साथ बारिश होने का अंदेशा है। मध्य भारत और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ का मौसम मध्य भारत के राज्यों में भी मानसूनी गतिविधियां काफी तेज बनी हुई हैं। मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, छतरपुर, पन्ना, निवाड़ी, टीकमगढ़, अनुपपुर, डिंडोरी, कटनी, शहडोल और उमरिया जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मध्यम स्तर की वर्षा होने का अनुमान है। वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में भी मौसम विभाग ने बारिश और आंधी की संभावना व्यक्त की है। इसके अतिरिक्त, झारखंड के रांची, रामगढ़, गढ़वा, पलामू और गुमला जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। सुरक्षा और सावधानी के लिए प्रशासनिक दिशा-निर्देश मौसम विभाग ने अलर्ट वाले सभी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे तेज हवाओं और बारिश के दौरान पुराने वृक्षों, होर्डिंग्स या कमजोर ढांचों के नीचे शरण लेने से बचें। बिना किसी बेहद जरूरी काम के यात्रा करने से परहेज करने को कहा गया है। बाहर निकलने से पहले सड़कों की स्थिति और यातायात अपडेट की जांच करना जरूरी है। साथ ही, आम जनता से स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली गाइडलाइन्स का कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया गया है। इसका आप पर असर • भारत में: समय पर और पर्याप्त मानसूनी बारिश से खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार होगी, जिससे देश भर में खाद्य पदार्थों की कीमतें स्थिर रहने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। • प्रभावित जिलों में: रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों के निवासियों को जलभराव, सड़क पर यातायात बाधाओं और बिजली गिरने के खतरों के प्रति सतर्क रहना होगा तथा बेवजह बाहर निकलने से बचना होगा। सवाल-जवाब 1. क्या अल नीनो के कारण भारत में मानसून कमजोर हुआ है? नहीं, प्रशांत महासागर में अल नीनो के संकेतों के बावजूद भारत भर में झमाझम मानसूनी बारिश हो रही है और इसका नकारात्मक प्रभाव नहीं देखा गया है। 2. किन राज्यों के जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है? मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली, विशाखापट्टनम और विजयनगरम तथा झारखंड के चतरा, हजारीबाग, लातेहार और लोहरदगा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 3. आंध्र प्रदेश के रेड अलर्ट वाले जिलों में कैसा मौसम रहने का अनुमान है? वहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और 15 मिलीमीटर प्रति घंटे से अधिक की तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। 4. इस मानसूनी बारिश का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा? यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और पैदावार के लिए शुभ संकेत है, जिससे कृषि उत्पादन और देश की समग्र अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचेगा। 5. खराब मौसम के दौरान लोगों को क्या सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है? लोगों को पेड़ों या कमजोर इमारतों के नीचे आश्रय न लेने, अनावश्यक यात्रा टालने, सड़कों की स्थिति की जानकारी लेकर निकलने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। https://trendkia.com/national/pacific-ocean-men-el-nino-ki-ahata-ke-bicha-india-men-jhamajhama-barisha-mausama-vibhaga-ne-kai-rajyon-men-jari-ki-reda-alarta-che-14570 TrendKia — Har trend, sabse pehle.