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  "title": "फॉर्म 6 विवाद पर राजीव चंद्रशेखर का पलटवार, कांग्रेस सांसद को बताया भ्रामक प्रचार का जरिया",
  "summary": "मतदाता सूची पुनरीक्षण और फॉर्म 6 में कथित बदलाव के आरोपों पर भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर तथ्यहीन राजनीति और भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया।",
  "content": "मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेता पर नकारात्मक राजनीति करने और जनता के बीच भ्रामक सूचनाएं फैलाने का सीधा आरोप लगाया।\n\nपरिवार के हितों की रक्षा का आरोप\nभाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेतृत्व की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी न तो धर्मनिरपेक्षता के रक्षक हैं और न ही संविधान के। वह केवल अपने परिवार के हितों के रक्षक हैं.” भाजपा नेता का कहना था कि कांग्रेस सांसद केवल अपने पारिवारिक राजनीतिक हितों को साधने के लिए इस प्रकार के निराधार बयान दे रहे हैं।\n\nफॉर्म 6 और मतदाता सूची पर कांग्रेस के सवाल\nइस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब 1 अक्टूबर को राहुल गांधी ने नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े ऑनलाइन फॉर्म 6 को लेकर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस सांसद का दावा था कि इस फॉर्म में गैरकानूनी तरीके से बदलाव किए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने सवाल दागा कि आखिर निर्वाचन आयोग के किस अधिकारी ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को यह संशोधन करने के निर्देश दिए और सॉफ्टवेयर कंपनी में किस स्तर पर इसे मंजूरी दी गई। इस मामले को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि फॉर्म 6 में यह फेरबदल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी के इशारे पर किया गया है।\n\nगोएबल्स के प्रचार मॉडल से तुलना और पुराना ट्रैक रिकॉर्ड\nकांग्रेस नेताओं के इन आरोपों का जवाब देते हुए राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी को अप्रामाणिक राजनेता बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद बिना किसी सकारात्मक सोच के केवल झूठ के दम पर अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रहे हैं। चंद्रशेखर ने इस दौरान एडोल्फ हिटलर के दौर के प्रचार मंत्री जोसेफ गोएबल्स का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता उसी दुष्प्रचार के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं।\n\nभाजपा नेता ने अतीत के दावों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले भी बिना साक्ष्यों के चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में सुनियोजित हैकिंग और लोकतंत्र के कमजोर होने के दावे किए गए थे, जो समय के साथ पूरी तरह निराधार साबित हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी कांग्रेस चुनाव जीतती है, तब उनकी यह पूरी थ्योरी अपने आप झूठी साबित हो जाती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणियों को भी उन्होंने जनता को गुमराह करने की राजनीति का उदाहरण बताया।\n\nइसका आप पर असर\nनिर्वाचन आयोग की मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया और फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर राजनीतिक विवाद से आम नागरिकों और नए मतदाताओं के लिए प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होती है।\n\n• नए मतदाताओं के लिए: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन फॉर्म 6 का इस्तेमाल सामान्य रूप से जारी रहता है। किसी भी राजनीतिक बयानबाजी के बीच आधिकारिक निर्वाचन पोर्टल पर जाकर अपनी पंजीकरण स्थिति जांचते रहें।\n• पारदर्शिता की जांच: मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने से व्यवस्था पर सार्वजनिक नजर बढ़ जाती है। नागरिक अपने नाम, पते और विवरण का मिलान वर्तमान मतदाता सूची से समय रहते पूरा कर सकते हैं।\n• चुनावी जागरूकता: ईवीएम और डिजिटल फॉर्म्स को लेकर चल रहे विवादों के बीच चुनाव प्रक्रिया को समझना जरूरी हो जाता है। नागरिक आधिकारिक दिशा-निर्देशों के माध्यम से ही अपने मतदान अधिकारों की पुष्टि करें।\n• तकनीकी प्रक्रिया: सॉफ्टवेयर और फॉर्म संरचना में प्रशासनिक स्तर पर होने वाले बदलाव आधिकारिक निगरानी में होते हैं। किसी भी संशय की स्थिति में स्थानीय चुनाव पंजीकरण अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह राजनीतिक तकरार कांग्रेस पार्टी द्वारा मतदाता पंजीकरण के ऑनलाइन फॉर्म 6 में कथित फेरबदल के आरोप लगाने और भाजपा द्वारा उस पर तीखी प्रतिक्रिया देने के कारण शुरू हुई।\n\n• फॉर्म 6 पर उठाए गए सवाल: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 1 अक्टूबर को आरोप लगाया कि नए मतदाता पंजीकरण के फॉर्म 6 में अनधिकृत बदलाव किए गए हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग और तकनीकी भागीदार टीसीएस की जवाबदेही पर सवाल उठाए।\n• शीर्ष नेतृत्व पर आरोप: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि यह फेरबदल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर किया गया था। इस सीधे हमले ने विवाद को और बड़ा बना दिया।\n• भाजपा का कड़ा रुख: भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला भ्रामक प्रचार बताते हुए कहा कि विपक्ष चुनावों से पहले जनता में अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहा है।\n• पुराने विवादों की पृष्ठभूमि: इससे पहले भी ईवीएम हैकिंग और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच कई बार तीखे आरोप-प्रत्यारोप हो चुके हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. फॉर्म 6 को लेकर राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए?\nराहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नए मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन फॉर्म 6 में अवैध रूप से बदलाव किया गया है और टीसीएस को दिए गए निर्देशों पर सवाल उठाए।\n\n2. जयराम रमेश का इस मामले पर क्या बयान था?\nजयराम रमेश ने दावा किया कि फॉर्म 6 में यह बदलाव प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी के इशारे पर कराया गया है।\n\n3. राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी की तुलना किससे की?\nराजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी की राजनीतिक कार्यशैली की तुलना एडोल्फ हिटलर के प्रचार मंत्री जोसेफ गोएबल्स के दुष्प्रचार सिद्धांत से की।\n\n4. भाजपा ने ईवीएम के मुद्दे पर क्या तर्क दिया?\nभाजपा ने कहा कि ईवीएम हैकिंग के आरोप समय के साथ पूरी तरह गलत साबित हुए हैं, विशेषकर तब जब कांग्रेस खुद चुनाव जीतती रही है।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-10-01",
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