# पीएम मोदी के उपहार खरीदने का मौका, 17 सितंबर से शुरू होने जा रही है शानदार ई-नीलामी

> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले 1,498 खास उपहारों की ई-नीलामी 17 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली है। इस नीलामी से मिलने वाली पूरी राशि नमामि गंगे प्रोजेक्ट को सौंपी जाएगी।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/pm-modi-ke-upahar-kharidne-ka-mauka-17-september-se-shuru-32718 · **Language:** Hindi
**Tags:** पीएम मोदी, ई-नीलामी, गजेंद्र सिंह शेखावत, नमामि गंगे, राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय

यदि आप यह जानना चाहते हैं कि देश के प्रधानमंत्री को मिलने वाले बेशकीमती और अनोखे उपहार आखिर कहां पहुंचते हैं, तो आपके सामने एक बेहतरीन मौका आ गया है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक अहम घोषणा करते हुए बताया कि पीएम मेमेंटोस ई-नीलामी का आठवां संस्करण जल्द ही शुरू होने जा रहा है। इस विशेष आयोजन के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश-विदेश के दौरों के दौरान मिले कुल 1,498 अनमोल स्मृति चिह्नों की सार्वजनिक बोली लगाई जाएगी। यह ऑनलाइन नीलामी आगामी 17 सितंबर 2026 को आधिकारिक पोर्टल पर शुरू होगी, जिससे कला प्रेमियों को ऐतिहासिक कलाकृतियां खरीदने का मौका मिलेगा।

इस बार के आठवें संस्करण को और अधिक खास बनाने के लिए आयोजकों ने लगभग 50 सबसे दुर्लभ और अद्भुत वस्तुओं को विशेष तौर पर हीरो ऑब्जेक्ट्स की श्रेणी में रखा है। इन बेहतरीन कलाकृतियों की खासियत और उनकी बारीक कारीगरी किसी को भी आकर्षित कर सकती है। इस सूची में कर्नाटक से भगवान राम का चांदी का स्मृति चिह्न शामिल है, जिसकी शुरुआती कीमत तेरह लाख पचास हजार रुपये रखी गई है। इसके अलावा तेलंगाना की ऐतिहासिक वास्तुकला को दर्शाती काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति भी नौ लाख रुपये के आधार मूल्य पर उपलब्ध होगी।

भारतीय जनजातीय कला का बेहतरीन नमूना पेश करने वाली गोंड आर्ट की ट्री ऑफ लाइफ पेंटिंग भी इस नीलामी का हिस्सा है, जिसके लिए सात लाख पचास हजार रुपये की शुरुआती बोली तय की गई है। ओडिशा की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा को बयां करती रथ पर सवार जगन्नाथ परिवार की मूर्ति को छह लाख रुपये के बेस प्राइस के साथ रखा गया है। इसके साथ ही निन्यानवे दशमलव नौ नौ प्रतिशत शुद्ध सोने की परत चढ़ी राधा-कृष्ण की दिव्य कलाकृति पांच लाख चालीस हजार रुपये के शुरुआती मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएगी।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रक्रिया केवल पुरानी कलाकृतियों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है। इस डिजिटल नीलामी से प्राप्त होने वाली पूरी राशि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के विकास और रख-रखाव में खर्च की जाएगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि नीलामी के दौरान लगाई जाने वाली हर एक बोली सीधे तौर पर पवित्र गंगा नदी के संरक्षण और उसके पुनरुद्धार के पवित्र कार्य में योगदान देगी।

बोली लगाने से पहले कलाप्रेमी इन सभी वस्तुओं को सीधे देख भी सकेंगे। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख कर रहा है। नीलामी की आधिकारिक शुरुआत से ठीक पहले इसी संस्थान में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जहां इच्छुक खरीदार और आम नागरिक इन सभी 1,498 स्मृति चिह्नों को अपनी आंखों से देखकर उनकी कलात्मक सुंदरता को करीब से परख सकते हैं।

## इसका आप पर असर
यह नीलामी आम नागरिकों और कला प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक और दुर्लभ वस्तुएं खरीदने का एक अनूठा अवसर लेकर आई है।

- **भारत में:** देश भर के नागरिक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से इन अनमोल स्मृति चिह्नों को खरीदने के लिए बोली लगा सकेंगे।
- **नई दिल्ली में:** राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय में विशेष प्रदर्शनी आयोजित होने के कारण स्थानीय लोग नीलामी से पहले सभी वस्तुओं को खुद जाकर देख सकते हैं।
- **पर्यावरण पर प्रभाव:** इस नीलामी से मिलने वाला पूरा फंड नमामि गंगे प्रोजेक्ट में जाएगा, जिससे गंगा नदी के संरक्षण कार्यों को वित्तीय सहायता मिलेगी।
- **खरीदारों के लिए:** सबसे दुर्लभ वस्तुओं के बेस प्राइस पांच लाख रुपये से लेकर तेरह लाख रुपये से अधिक तक तय किए गए हैं।
- **शुरुआती तारीख:** इच्छुक खरीदार 17 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली इस डिजिटल प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
प्रधानमंत्री को मिलने वाले उपहारों की इस नीलामी के आयोजन के पीछे पारदर्शी प्रबंधन और गंगा संरक्षण का उद्देश्य है।

- **पारदर्शिता और प्रबंधन:** देश के प्रधानमंत्री को मिलने वाले महंगे उपहारों को सरकारी संरक्षण में सहेजने और उनका सदुपयोग करने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।
- **राष्ट्रीय मिशन से जुड़ाव:** नीलामी से मिलने वाली पूरी राशि को देश के सबसे बड़े नदी संरक्षण अभियान यानी नमामि गंगे प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है।
- **सांस्कृतिक जुड़ाव:** देश की प्राचीन कला, हस्तशिल्प और जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इन कलाकृतियों को विशेष पहचान दी जाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. पीएम मेमेंटोस ई-नीलामी का कौन सा संस्करण आयोजित किया जा रहा है?
इस बार इस ई-नीलामी का आठवां संस्करण आयोजित किया जा रहा है।

### 2. यह डिजिटल नीलामी किस तारीख से शुरू होगी?
यह ऑनलाइन नीलामी 17 सितंबर 2026 से आधिकारिक पोर्टल पर लाइव होगी।

### 3. नीलामी में कुल कितने स्मृति चिह्न शामिल किए गए हैं?
इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले कुल 1,498 अनमोल स्मृति चिह्नों की नीलामी की जाएगी।

### 4. इस नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग कहां किया जाएगा?
नीलामी से प्राप्त होने वाला सौ प्रतिशत फंड नमामि गंगे प्रोजेक्ट को दिया जाएगा।

### 5. नीलामी से पहले कलाकृतियों की प्रदर्शनी कहां आयोजित की जा रही है?
यह विशेष प्रदर्शनी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय में आयोजित की जा रही है।

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