प्रयागराज और वाराणसी के बीच गंगा पर सलोरी-हेतापट्टी सेतु का काम शुरू, 953 करोड़ होंगे खर्च गंगा नदी पर 3.6 किलोमीटर लंबे सलोरी-हेतापट्टी पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जिससे प्रयागराज और वाराणसी के बीच सफर का समय और दूरी दोनों घटेंगे। प्रयागराज और बनारस के बीच सड़क मार्ग से सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को रोजाना शास्त्री पुल पर भारी जाम और यातायात के दबाव का सामना करना पड़ता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए अब गंगा नदी पर एक नए और बड़े पुल के निर्माण की प्रक्रिया धरातल पर उतर चुकी है। नदी का जलस्तर नीचे आते ही सलोरी और हेतापट्टी के बीच इस नए सेतु की नींव रखने की तैयारी तेज कर दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों ऐतिहासिक शहरों के बीच न केवल दूरी घटेगी, बल्कि यात्रा में लगने वाले समय में भी भारी बचत होगी। सलोरी से हेतापट्टी तक 3.6 किलोमीटर लंबा ढांचा इस नई बुनियादी ढांचा परियोजना के तहत कुल 3.6 किलोमीटर लंबा पुल तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्य प्रयागराज में आईआईआरटी के समीप स्थित सलोरी छोर से शुरू हो चुका है, जिसे नदी के दूसरे किनारे पर हेतापट्टी से सीधे जोड़ा जाएगा। नदी का पानी कम होते ही राज्य सेतु निगम ने निर्माण स्थल पर रोलर चलाकर सामग्री और भारी मशीनों को गंगा तट तक ले जाने के लिए संपर्क मार्ग तैयार कर लिया है। इस विशाल सेतु को मजबूती देने के लिए कुल 62 पिलर खड़े किए जाएंगे, जिनका ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया जलस्तर घटने के साथ ही तेजी पकड़ चुकी है। 953 करोड़ रुपये की लागत और तीन साल की समयसीमा सलोरी-हेतापट्टी सेतु के निर्माण पर कुल 953 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को ढाई से तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना को रफ्तार देने के लिए वित्तीय स्तर पर भी ठोस कदम उठाए जा चुके हैं। सरकार ने इस पुल के लिए पहली किस्त के रूप में 300 करोड़ रुपये की धनराशि 20 जनवरी 2026 को ही जारी कर दी थी। बजट मिलने के बाद अब राज्य सेतु निगम तय समयसीमा के भीतर दोनों छोरों को आपस में जोड़ने के काम में जुट गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 19 से सीधा संपर्क और पूर्वांचल को राहत नया सेतु बनकर तैयार होने के बाद प्रयागराज शहर सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग 19 से जुड़ जाएगा, जो प्रयागराज-वाराणसी मुख्य मार्ग है। अभी तक अधिकांश वाहनों को शास्त्री पुल पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे दिन भर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती थीं। इस नए रास्ते के खुल जाने से भदोही, बिहार और पूर्वांचल के अन्य हिस्सों की ओर जाने वाले मुसाफिरों को शहर के अंदरूनी जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। इससे माल ढुलाई और निजी वाहनों की आवाजाही दोनों काफी सुगम और तेज हो जाएगी। इसका आप पर असर इस नए सेतु के निर्माण से प्रयागराज और वाराणसी के बीच दैनिक यात्रा करने वाले लोगों को शास्त्री पुल के जाम से स्थायी राहत मिलेगी। • दैनिक यात्रियों को लाभ: प्रयागराज और वाराणसी के बीच आवागमन में समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। शहर के अंदरूनी रास्तों पर घंटों जाम में फंसे बिना लोग आसानी से दोनों शहरों के बीच आ-जा सकेंगे। • पूर्वांचल और बिहार जाने वालों को राहत: भदोही, बिहार और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग 19 के जरिए अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे। • व्यापार और माल ढुलाई: भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही तेज होने से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी। सामान एक शहर से दूसरे शहर तक तय समय पर पहुंच सकेगा। • स्थानीय संपर्क में सुधार: सलोरी और हेतापट्टी के स्थानीय निवासियों को नदी पार करने का एक सुरक्षित और सुलभ रास्ता मिलेगा। इससे नदी तटीय इलाकों में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ गंगा नदी पर इस नए पुल की आवश्यकता शास्त्री पुल पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक के दबाव और दोनों प्रमुख शहरों के बीच सीधे संपर्क की मांग के कारण महसूस हुई। जलस्तर कम होते ही इस दिशा में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया गया। • शास्त्री पुल पर अत्यधिक दबाव: वर्तमान में दोनों शहरों के बीच आवागमन का प्राथमिक साधन शास्त्री पुल है, जहां दिनभर भारी जाम लगा रहता है। इस दबाव को बांटने के लिए एक वैकल्पिक और आधुनिक सेतु की सख्त दरकार थी। • राष्ट्रीय राजमार्ग 19 से सीधा जुड़ाव: प्रयागराज शहर को बिना किसी अड़चन के राष्ट्रीय राजमार्ग 19 से जोड़ने की योजना थी। नया पुल इस मार्ग को सीधा संपर्क देकर पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को दुरुस्त करता है। • पर्याप्त बजटीय आवंटन: सरकार ने 20 जनवरी 2026 को ही परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी थी। नदी का जलस्तर कम होने से निर्माण एजेंसी को मौके पर काम शुरू करने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिल गईं। सवाल-जवाब 1. सलोरी-हेतापट्टी पुल की कुल लंबाई कितनी होगी? इस पुल की कुल लंबाई 3.6 किलोमीटर होगी। 2. इस पुल के निर्माण पर कुल कितना खर्च आएगा? इस परियोजना के निर्माण पर लगभग 953 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 3. सरकार ने इस पुल के लिए पहली किस्त कब और कितनी जारी की थी? सरकार ने 20 जनवरी 2026 को पुल निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की थी। 4. इस पुल को पूरा करने का लक्ष्य क्या रखा गया है? इस पुल को ढाई से 3 साल की समयसीमा में तैयार करने का लक्ष्य है। 5. पुल के निर्माण में कितने पिलर बनाए जाएंगे? गंगा नदी पर बनने वाले इस पुल में कुल 62 पिलर बनाए जाएंगे। 6. यह पुल किन प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ेगा? यह पुल प्रयागराज शहर को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग 19 से जोड़ेगा, जो प्रयागराज-वाराणसी मार्ग है। https://trendkia.com/national/prayagraj-aura-varanasi-ke-bicha-ganga-para-salori-hetapatti-setu-ka-kama-shuru-953-karora-honge-kharcha-49970 TrendKia — Har trend, sabse pehle.