# पंजाब में एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया

> पंजाब पुलिस ने अमृतसर के भगतनवाला अनाज मंडी क्षेत्र में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी दीपक सिंह को मुठभेड़ के बाद मार गिराया है। वारदात के 45 घंटे बाद हुई इस कार्रवाई के दौरान सीमा पार के कनेक्शन का भी खुलासा हुआ है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/punjab-men-asi-harjeet-singh-hatyakanda-ka-mukhya-aropi-deepak-singh-pulisa-muthabhera-men-mara-gaya-35045 · **Language:** Hindi
**Tags:** पंजाब पुलिस, अमृतसर, हरजीत सिंह, दीपक सिंह, पुलिस एनकाउंटर, क्राइम

पंजाब के अमृतसर में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) हरजीत सिंह की सनसनीखेज हत्या के मुख्य आरोपी दीपक सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मार गिराया है। वारदात के लगभग 45 घंटे बाद पुलिस ने आरोपी को घेर लिया, जहां दोनों तरफ से चली गोलियों में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

## भगतनवाला अनाज मंडी में हुई थी पुलिस अधिकारी की हत्या
यह पूरा मामला अमृतसर की भगतनवाला अनाज मंडी से जुड़ा है, जहां ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह को निशाना बनाकर गोली मार दी गई थी। इस कायराना हमले में पुलिस अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस महकमे ने हमलावरों को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया था।

## 45 घंटे के भीतर मुठभेड़, अस्पताल में हुई मौत
घटना के 45 घंटे के भीतर पुलिस टीमों ने मुख्य संदिग्ध दीपक सिंह की लोकेशन का पता लगा लिया। जब पुलिस बल ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा, तो उसने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दीपक सिंह गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गई, लेकिन चोटों की गंभीरता के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

## हमले के पीछे सीमा पार के तार और दूसरे आरोपी की तलाश
इस हत्याकांड की शुरुआती जांच में पाकिस्तान से जुड़े संबंधों का संकेत मिला है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, हमलावरों ने वारदात से पहले इलाके की कोई औपचारिक रेकी नहीं की थी, बल्कि उनका सीधा मकसद एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाना ही था। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी के ढेर होने के बावजूद उसका दूसरा साथी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

## इसका आप पर असर
पंजाब पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है।

- **भारत में:** सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने वाले नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रव्यापी स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। राज्य पुलिस बल केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर सीमा पार के साजिशकर्ताओं की पहचान करने में जुटे हैं।
- **अमृतसर में:** शहर के प्रमुख बाजारों, मंडियों और सार्वजनिक स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फरार दूसरे आरोपी की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे तलाशी अभियानों के चलते कई इलाकों में वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
- **नागरिकों के लिए:** स्थानीय निवासियों को सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष को देने की सलाह दी गई है। इससे मंडियों और व्यापारिक केंद्रों में सुरक्षा का माहौल बहाल करने में मदद मिलेगी।
- **कानून व्यवस्था:** अपराधियों के खिलाफ 45 घंटे के भीतर की गई इस कार्रवाई से असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्दी पर हमला करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह मुठभेड़ अमृतसर में दिनदहाड़े एक ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारी की हत्या के बाद शुरू हुए सघन पुलिस अभियान का सीधा परिणाम है। हमलावरों ने बिना किसी पूर्व रेकी के सीधे पुलिसकर्मी को निशाना बनाया था।

- **सीधा कारण:** आरोपी दीपक सिंह ने अपने साथी के साथ मिलकर अमृतसर की भगतनवाला अनाज मंडी में एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस दल जब आरोपी को पकड़ने पहुंचा तो उसने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी कर दी, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में वह मारा गया।
- **सीमा पार का संबंध:** जांच में इस वारदात के तार सीमा पार पाकिस्तान के नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस कमिश्नर के अनुसार हमलावरों का मुख्य उद्देश्य केवल और केवल एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दहशत फैलाना था।
- **घटनाक्रम और तलाशी अभियान:** वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने नाकाबंदी कर तकनीकी निगरानी शुरू की थी। लगभग 45 घंटे के भीतर आरोपी के ठिकाने का पता चलने पर जब उसे घेरा गया, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय हथियार निकाल लिए।
- **वर्तमान स्थिति:** मुख्य आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि उसके दूसरे फरार साथी की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारी मामले के व्यापक नेटवर्क और साजिश की कड़ियों को जोड़ने के लिए लगातार जांच कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपी की पहचान क्या है?
मुठभेड़ में मारे गए मुख्य आरोपी की पहचान दीपक सिंह के रूप में हुई है, जिस पर एएसआई हरजीत सिंह की हत्या का आरोप था।

### 2. एएसआई हरजीत सिंह की हत्या कहां हुई थी?
एएसआई हरजीत सिंह की हत्या अमृतसर की भगतनवाला अनाज मंडी में ड्यूटी के दौरान गोली मारकर की गई थी।

### 3. हत्याकांड के कितने समय बाद मुठभेड़ हुई?
पुलिस ने हत्याकांड के लगभग 45 घंटे के भीतर आरोपी को मुठभेड़ में घायल कर दिया, जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

### 4. क्या मामले में कोई अन्य आरोपी भी शामिल है?
हां, इस वारदात में शामिल दूसरा आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

### 5. इस हत्याकांड में क्या कोई अंतरराष्ट्रीय या बाहरी कनेक्शन सामने आया है?
जांच में इस हत्याकांड के तार सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।

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