# पुरी के होटल स्वागत में महाप्रसाद को मांसाहार के साथ परोसने के आरोप पर भारी हंगामा, कुंभारपाड़ा पुलिस ने शुरू की जांच

> ओडिशा के पुरी स्थित होटल स्वागत में मांसाहारी भोजन के साथ महाप्रसाद मिलाकर बेचने के आरोप के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया, जहां पुलिस अब मामले की पड़ताल कर रही है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/puri-ke-hotel-swagat-men-mahaprasad-ko-mansahara-ke-satha-parosane-ke-aropa-para-bhari-hngama-kumbharpada-police-ne-shuru-ki-janch-43483 · **Language:** Hindi
**Tags:** पुरी, ओडिशा, महाप्रसाद, होटल स्वागत, भगवान जगन्नाथ, कुंभारपाड़ा पुलिस

ओडिशा के धार्मिक तीर्थ पुरी में एक भोजनालय की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। यहां स्थित होटल स्वागत पर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इस भोजनालय में मांसाहारी खानपान तैयार किया जाता है, लेकिन वहां भगवान जगन्नाथ के पवित्र महाप्रसाद को मांसाहार के साथ एक ही थाली में परोसने और नियमित भोजन सामग्री में मिलाकर बेचने की बात सामने आई है। इस घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही इलाके के लोगों में तीखा रोष फैल गया और प्रतिष्ठान के बाहर भारी तनाव की स्थिति बन गई।

## पार्सल की जांच के दौरान सामने आई पूरी गड़बड़ी
इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब इलाके के कुछ नौजवान भोजन खरीदने के लिए इस भोजनालय पहुंचे थे। जब युवकों को पार्सल सौंपा गया, तो पैकेट की जांच करते हुए उन्हें परोसे गए खाने की बनावट और महक पर गहरा संदेह हुआ। भोजन की बारीकी से पड़ताल करने के बाद एक युवक ने सीधे तौर पर कहा कि महाप्रसाद के अंश को साधारण दाल और चावल के साथ-साथ बेसर और महूरा जैसे पारंपरिक व्यंजनों में खपाया जा रहा था। इतना ही नहीं, इसे मांसाहारी भोजन के पैकेट के साथ मिलाकर ग्राहकों को दिया जा रहा था।

संदेह पुख्ता होने के बाद जब परिसर के भीतरी हिस्से में देखा गया, तो वहां मिट्टी के कई पात्र रखे हुए मिले, जिनमें महाप्रसाद भरा हुआ था। तीर्थनगरी में श्रद्धा के केंद्र माने जाने वाले प्रसाद को एक मांसाहारी प्रतिष्ठान के भीतर इस तरह रखे देख वहां मौजूद लोग दंग रह गए। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और भोजनालय प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।

## कुंभारपाड़ा पुलिस ने संभाला मोर्चा, संचालक ने दी सफाई
प्रतिष्ठान के बाहर विरोध प्रदर्शन और हंगामे की सूचना मिलते ही कुंभारपाड़ा पुलिस थाने का दस्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस कर्मियों ने वहां जमा उग्र भीड़ को समझा-बुझाकर स्थिति पर नियंत्रण पाया और मामले की प्राथमिक छानबीन शुरू की। मौके से मिले सामान और मिट्टी के बर्तनों के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।

दूसरी ओर, होटल स्वागत के संचालक मनोज कुमार दास ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया है। संचालक का दावा है कि उनके भोजनालय पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत और निराधार हैं तथा उनके यहां ऐसा कोई काम नहीं किया जा रहा था। कुंभारपाड़ा पुलिस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे प्रकरण के हर पहलू की गहराई से जांच कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ही यह तय होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, जबकि क्षेत्र में श्रद्धालुओं का गुस्सा लगातार बना हुआ है।

## इसका आप पर असर
इस घटनाक्रम का सीधा असर पुरी आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय खानपान व्यवस्था की विश्वसनीयता पर पड़ा है।

- **भारत में:** देश भर से पुरी पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भोजनालयों में खानपान की शुद्धता को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में बाहर खाना खाते समय श्रद्धालु प्रतिष्ठान के स्वरूप और भोजन व्यवस्था की पुष्टि करना चाहेंगे।
- **पुरी में:** स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा मांसाहारी प्रतिष्ठानों में भोजन जांच की प्रक्रिया सख्त की जा सकती है। शहर में भोजन का कारोबार करने वाले दुकानदारों को महाप्रसाद की गरिमा बनाए रखने को लेकर कड़े नियमों का सामना करना पड़ सकता है।
- **ग्राहकों के लिए:** भोजनालयों से पार्सल या थाली लेते समय उपभोक्ता खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की मौके पर ही जांच कर रहे हैं। किसी भी संदेहास्पद स्थिति में लोग तुरंत स्थानीय पुलिस या नागरिक मंचों को सूचित करने की दिशा में सजग हुए हैं।
- **भोजनालय संचालकों पर:** होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर अपने रसोईघर और खाद्य भंडारण के तौर-तरीकों को पूरी तरह पारदर्शी रखने का दबाव बढ़ गया है। भोजनालयों को किसी भी तरह के सार्वजनिक विवाद से बचने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब एक मांसाहारी भोजनालय के भोजन पार्सल में महाप्रसाद से जुड़ी सामग्री पाए जाने का संदेह हुआ और मौके पर मिट्टी के बर्तन बरामद हुए।

- **सीधा कारण:** भोजनालय से पार्सल लेने पहुंचे स्थानीय युवकों को दाल, चावल, बेसर और महूरा के साथ महाप्रसाद मिलाकर मांसाहार के साथ पैक किए जाने का संदेह हुआ। इसके बाद परिसर के भीतर महाप्रसाद से भरे मिट्टी के बर्तन मिलने से लोगों का आक्रोश भड़क उठा।
- **विवादित पक्ष:** होटल स्वागत के संचालक मनोज कुमार दास ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए इन्हें पूरी तरह असत्य करार दिया है। कुंभारपाड़ा पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
- **जांच की स्थिति:** कुंभारपाड़ा पुलिस थाने की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ शुरू कर दी है और साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह पुष्टि हो सकेगी कि प्रतिष्ठान में महाप्रसाद का अनुचित उपयोग किया गया था या नहीं।

## सवाल-जवाब

### 1. यह विवाद ओडिशा के किस शहर में सामने आया है?
यह पूरा मामला ओडिशा के धार्मिक तीर्थ पुरी में स्थित होटल स्वागत से सामने आया है।

### 2. होटल स्वागत पर स्थानीय लोगों ने क्या आरोप लगाए हैं?
आरोप है कि इस मांसाहारी भोजनालय में भगवान जगन्नाथ के महाप्रसाद को दाल, चावल, बेसर और महूरा में मिलाकर मांसाहारी खाने के साथ परोसा और बेचा जा रहा था।

### 3. भोजनालय के भीतर छानबीन के दौरान क्या बरामद हुआ?
परिसर की जांच के दौरान होटल के अंदर महाप्रसाद से भरे हुए बड़ी संख्या में मिट्टी के बर्तन पाए गए।

### 4. होटल के मालिक मनोज कुमार दास का इस मामले पर क्या कहना है?
संचालक मनोज कुमार दास ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा बताते हुए खारिज कर दिया है।

### 5. इस मामले में कौन सा पुलिस थाना जांच कर रहा है?
कुंभारपाड़ा पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंचकर इस पूरे घटनाक्रम की छानबीन कर रही है।

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