# पुरी में छह वर्ष बाद खुले श्री गुंडिचा मंदिर के कपाट, जन्मवेदी के दर्शन करने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

> ओडिशा के पुरी स्थित पवित्र श्री गुंडिचा मंदिर को छह वर्ष के लंबे अंतराल के बाद सोमवार सुबह आम श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोल दिया गया।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/puri-men-chhaha-varsha-bada-khule-shri-gundicha-temple-ke-kapata-janmavedi-ke-darshana-karane-umari-shraddhaluon-ki-bhira-40284 · **Language:** Hindi
**Tags:** पुरी, श्री गुंडिचा मंदिर, भगवान जगन्नाथ, ओडिशा, सिंहद्वार, अरविंद कुमार पाढ़ी, प्रतीक सिंह, मंदिर दर्शन

ओडिशा के पावन तीर्थ क्षेत्र पुरी में भगवान जगन्नाथ की पवित्र जन्मवेदी के रूप में विख्यात श्री गुंडिचा मंदिर के कपाट छह साल के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पुनः खोल दिए गए। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के प्रसार के समय एहतियात के तौर पर इस मंदिर में आम जन के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। इतने वर्षों तक इस पावन स्थल के फिर से खुलने की राह देख रहे भक्तों के लिए सोमवार का दिन अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व और श्रद्धा से परिपूर्ण रहा। मंदिर के पट खुलते ही सुबह से ही दर्शनार्थियों का तांता लग गया, जिससे समूचा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।

## वैदिक अनुष्ठानों के साथ सुबह 7:45 बजे हुआ प्रवेश
मंदिर के द्वार आम जनता के लिए खोलने से पहले पुजारियों और सेवायतों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। समस्त धार्मिक प्रक्रियाओं के विधिवत पूरा होने के उपरांत सुबह करीब 7:45 बजे भक्तों को मंदिर के भीतर जाने की अनुमति दी गई। इस ऐतिहासिक और भावुक अवसर पर श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक भी श्रद्धालुओं के साथ मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। कपाट खुलते ही पहले दिन हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर महाप्रभु जगन्नाथ की जन्मवेदी के सामने शीश नवाया और दर्शन लाभ प्राप्त किया।

## शुरुआती तीन दिनों तक निशुल्क दर्शन, बाद में लगेगा 10 रुपये का टिकट
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश नियमों का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। मंदिर खुलने के शुरुआती 3 दिनों तक सभी श्रद्धालुओं को पूरी तरह निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। इन तीन दिनों की अवधि समाप्त होने के पश्चात मंदिर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए 10 रुपये का एक सामान्य टिकट अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह मामूली शुल्क व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से तय किया गया है ताकि किसी भी दर्शनार्थी को परिसर के अंदर असुविधा का सामना न करना पड़े।

श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद कुमार पाढ़ी ने इस अवसर पर कहा कि श्री गुंडिचा मंदिर भगवान जगन्नाथ की परंपरा और आस्था से जुड़ा अत्यंत पावन स्थल है, जिसे श्रद्धालु उनकी जन्मवेदी के रूप में पूजते हैं। उन्होंने बताया कि लंबे व्यवधान के बाद मंदिर को आम जनता के लिए पुनः खोला गया है, जिससे अब पुरी की पावन धरती पर आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को यहां दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो सकेगा। प्रशासन ने परिसर में दर्शनार्थियों को एक व्यवस्थित, शांत और सुखद अनुभव प्रदान करने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।

## सिंहद्वार पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध
तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और पुलिस महकमे ने मिलकर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर पुरी के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रतीक सिंह ने कहा, “पवित्र गुंडिचा मंदिर को अब श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है और सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध चाक-चौबंद किए गए हैं। श्रद्धालु टिकट लेकर सिंहद्वार से मंदिर के अंदर प्रवेश करेंगे और सिंहद्वार पर निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।”

लंबे समय से बंद रहने के बाद मंदिर के कपाट दोबारा खुलने से मंदिर के सेवायतों और स्थानीय निवासियों सहित देश भर से आए श्रद्धालुओं में भारी हर्ष और उत्साह का संचार हुआ है। आगामी त्योहारों के समय से ठीक पहले गुंडिचा मंदिर का पुनः खुलना पुरी के धार्मिक परिवेश और पर्यटन दोनों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

## इसका आप पर असर
पुरी की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए अब दर्शन का दायरा बढ़ गया है और मंदिर प्रबंधन ने नई प्रवेश नियमावली लागू की है।

- **भारत भर के श्रद्धालुओं के लिए:** पुरी यात्रा पर जाने वाले देश भर के तीर्थयात्री अब मुख्य मंदिर के साथ-साथ महाप्रभु जगन्नाथ की पवित्र जन्मवेदी गुंडिचा मंदिर में भी दर्शन कर सकेंगे। पहले तीन दिन दर्शन पूरी तरह निशुल्क रहेगा, जबकि उसके बाद प्रति व्यक्ति मात्र 10 रुपये का टिकट लेकर प्रवेश किया जा सकेगा।
- **पुरी और ओडिशा के स्थानीय लोगों के लिए:** छह साल बाद कपाट खुलने से स्थानीय सेवायतों, पुजारियों और धार्मिक पर्यटन से जुड़े स्थानीय कारोबारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। आगामी त्योहारी सीजन में आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सिंहद्वार और आसपास के मार्गों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं, जिससे स्थानीय आवागमन में भी व्यवस्था बनी रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
श्री गुंडिचा मंदिर को छह वर्ष के लंबे अंतराल के बाद योजनाबद्ध तरीके से आम श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोला गया है।

- **कोरोना महामारी के कारण बंदी:** वर्ष 2020 में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए एहतियातन इस मंदिर के कपाट आम लोगों के लिए बंद कर दिए गए थे। संक्रमण की रोकथाम और बाद में आवश्यक प्रबंधों की समीक्षा के चलते यह रोक लंबे समय तक प्रभावी रही।
- **व्यवस्थाओं की बहाली:** महामारी के बाद व्यवस्थाओं को पूरी तरह व्यवस्थित करने, सुरक्षा ढांचा खड़ा करने और प्रवेश प्रक्रिया तय करने के बाद मंदिर को पुनः खोला गया। मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस ने भीड़ प्रबंधन की पुख्ता रूपरेखा तैयार कर इस फैसले को अमल में लाया।
- **त्योहारी सीजन से पहले पुनः संचालन:** आगामी त्योहारी मौसम में पुरी पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कपाट खोलने का निर्णय लिया गया। इससे दर्शनार्थियों को नियंत्रित टिकट व्यवस्था के तहत सिंहद्वार से सुरक्षित और सुगम प्रवेश मिल सकेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. श्री गुंडिचा मंदिर कितने समय बाद आम श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है?
श्री गुंडिचा मंदिर को पूरे छह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को दोबारा आम जनता के लिए खोला गया है।

### 2. गुंडिचा मंदिर को वर्ष 2020 में क्यों बंद किया गया था?
कोरोना महामारी के प्रसार के समय सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी एहतियात के तौर पर साल 2020 में मंदिर को बंद किया गया था।

### 3. मंदिर में प्रवेश के लिए टिकट की दर क्या रखी गई है?
शुरुआती तीन दिनों तक दर्शन पूरी तरह निशुल्क रहेगा, जिसके बाद 10 रुपये प्रति व्यक्ति का सामान्य टिकट लागू किया जाएगा।

### 4. श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में प्रवेश किस द्वार से कराया जा रहा है?
श्रद्धालुओं का प्रवेश कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंदिर के सिंहद्वार से कराया जा रहा है।

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