पूर्वी दिल्ली में एक्सप्रेसवे पार करना होगा आसान, गांधी नगर और लक्ष्मी नगर में बनेंगे लिफ्ट वाले फुटओवर ब्रिज दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए गांधी नगर, लक्ष्मी नगर और गढ़ी मेंडू में आधुनिक सुविधाओं और लिफ्ट से लैस तीन नए फुटओवर ब्रिज तैयार किए जा रहे हैं। पूर्वी दिल्ली के सबसे भीड़भाड़ वाले व्यापारिक और आवासीय इलाकों में पैदल चलने वालों के सफर को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है। दिल्ली से देहरादून के बीच विकसित हो रहे तेज रफ्तार कॉरिडोर पर राहगीरों की आवाजाही सुगम करने के मकसद से नए फुटओवर ब्रिज तैयार किए जा रहे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बुधवार को गांधी नगर और गीता कॉलोनी क्षेत्र को जोड़ने वाले एक विशाल पैदल पुल की आधारशिला रखी। इस कदम से कपड़े के विशाल थोक बाजार में रोजाना पहुंचने वाले व्यापारियों, खरीदारों और स्थानीय निवासियों को चौड़ी सड़क पार करते समय होने वाले हादसों के खतरे से राहत मिलेगी। तीनों प्रमुख स्थानों पर निर्माण और तय लोकेशन इस परियोजना के तहत कॉरिडोर पर अलग-अलग हिस्सों में कुल तीन पुल तैयार किए जाने हैं। गांधी नगर वाला ढांचा पांचवें किलोमीटर के बिंदु (किलोमीटर 5+100) पर स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही लक्ष्मी नगर क्षेत्र के रमेश पार्क के समीप किलोमीटर 2+800 की दूरी पर दूसरा पैदल पारपथ बनेगा। इस पूरी योजना में तीसरा ढांचा भजनपुरा और गढ़ी मेंडू के पास किलोमीटर 10+800 पर तय किया गया है, जिसकी औपचारिक मंजूरी पहले ही पूरी हो चुकी है। लिफ्ट और रैंप समेत आधुनिक बुनियादी सुविधाएं तीनों फुटओवर ब्रिजों के निर्माण पर तकरीबन 12.90 करोड़ रुपये की कुल लागत आने का आकलन किया गया है। पैदल यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए इन्हें पूरी तरह आधुनिक रूप दिया जाएगा। बुजुर्गों, मरीजों और दिव्यांगों की सुगमता के लिए यहां लिफ्ट लगाई जाएंगी। इसके अलावा सीढ़ियां, ढलवां रैंप और रात के समय आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए पर्याप्त रोशनी के पूरे इंतजाम किए जाएंगे। इन ढांचों के तैयार होने से पैदल चलने वालों को वाहन चालकों के आमने-सामने आए बिना दूसरी तरफ जाने का सुरक्षित रास्ता मिल सकेगा। कपड़ा हब और 210 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का महत्व गांधी नगर का इलाका पूरे एशिया में रेडीमेड कपड़ों के सबसे बड़े केंद्र के तौर पर अपनी पहचान रखता है। यहां हर रोज हजारों की तादाद में थोक व्यापारी, खुदरा दुकानदार और आम ग्राहक सामान खरीदने आते हैं। जिस मार्ग पर यह काम चल रहा है, वह 210 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 709बी है। यह एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर देश की राजधानी को उत्तर प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से जोड़ता है। यह मार्ग बागपत, बरौत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे अहम शहरों से होकर गुजरता है। तेज गति से दौड़ती गाड़ियों के बीच पैदल राहगीरों की आवाजाही को अलग करने से एक्सप्रेसवे पर यातायात भी बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार से चलता रहेगा। पैदल यात्रियों की सुरक्षा और एनसीआर की योजनाएं हर्ष मल्होत्रा ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे के विकास में राहगीरों की हिफाजत को सबसे ऊपर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा, “पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और ऐसे प्रोजेक्ट पूरे दिल्ली-एनसीआर में तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे।” इन ढांचों के पूरा होने से स्थानीय कॉलोनियों के निवासियों को तेज गति से भागते वाहनों के जोखिम से स्थायी मुक्ति मिल सकेगी। इसका आप पर असर पूर्वी दिल्ली के प्रमुख बाजारों में आने वाले खरीदारों और स्थानीय निवासियों के लिए सड़क पार करना सुरक्षित और सुगम हो जाएगा। • पूर्वी दिल्ली में: गांधी नगर कपड़ा बाजार और लक्ष्मी नगर के आसपास जाने वाले पैदल यात्रियों को चौड़ा एक्सप्रेसवे पार करने के लिए लिफ्ट और रैंप वाले सुरक्षित पुल मिलेंगे। इससे तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने की मजबूरी खत्म होगी। • भारत में: दिल्ली से देहरादून (एनएच 709बी) के बीच सफर करने वाले वाहन चालकों को बीच सड़क पर पैदल यात्रियों की अचानक आवाजाही का सामना नहीं करना पड़ेगा। बिना रुकावट गाड़ियां चलने से यात्रा के समय में बचत होगी और सड़क हादसों में कमी आएगी। • बुजुर्गों और मरीजों के लिए: पुलों में लिफ्ट और ढलवां रैंप की व्यवस्था होने से शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को सीढ़ियां चढ़ने की परेशानी नहीं होगी। वे आसानी से बाजार और मेट्रो या बस स्टॉप तक पहुंच सकेंगे। • व्यापारियों के लिए: एशिया के सबसे बड़े कपड़ा बाजार में आने वाले ग्राहकों और थोक विक्रेताओं के लिए आवागमन आसान होगा। भीड़ प्रबंधन बेहतर होने से बाजार के दैनिक कारोबार में भी सहूलियत मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही और भारी भीड़भाड़ वाले कपड़ा बाजार के कारण पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करना बेहद खतरनाक बना हुआ था। • हाईवे और भीड़भाड़ का संगम: गांधी नगर एशिया का सबसे बड़ा थोक कपड़ा बाजार है, जहां रोजाना हजारों खरीदार आते हैं। उसी मार्ग से 210 किलोमीटर लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड एनएच 709बी गुजरता है, जिससे पैदल पार करने वालों के लिए हादसों की आशंका बढ़ गई थी। • नागरिक सुरक्षा की मांग: स्थानीय निवासियों और व्यापारियों द्वारा लंबे समय से सुरक्षित पैदल पारपथ की मांग उठाई जा रही थी। इसके समाधान के रूप में रमेश पार्क, गांधी नगर और गढ़ी मेंडू में 12.90 करोड़ रुपये की लागत से लिफ्ट युक्त फुटओवर ब्रिज बनाने की योजना मंजूर की गई। • एक्सप्रेसवे का निर्बाध प्रवाह: एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों को बिना रुकावट तेज गति से चलाने के लिए सड़क के स्तर पर होने वाली पैदल आवाजाही को ऊपर शिफ्ट करना जरूरी था। ओवरब्रिज बनने से ट्रैफिक जाम और दुर्घटना दोनों से बचाव संभव होगा। सवाल-जवाब 1. दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर नए फुटओवर ब्रिज कहां बनाए जा रहे हैं? ये पुल पूर्वी दिल्ली में गांधी नगर-गीता कॉलोनी (किलोमीटर 5+100), लक्ष्मी नगर के रमेश पार्क (किलोमीटर 2+800) और भजनपुरा के गढ़ी मेंडू (किलोमीटर 10+800) के पास बनाए जा रहे हैं। 2. इन तीनों फुटओवर ब्रिजों के निर्माण पर कितनी लागत आएगी? इन तीनों ढांचों के निर्माण पर लगभग 12.90 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान तय किया गया है। 3. इन पैदल पुलों में राहगीरों के लिए क्या विशेष सुविधाएं दी जाएंगी? सभी फुटओवर ब्रिजों पर यात्रियों की सहूलियत के लिए लिफ्ट, सीढ़ियां, रैंप और रात में आवाजाही के लिए पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था होगी। 4. दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे किन-किन मुख्य शहरों से होकर गुजरता है? 210 किलोमीटर लंबा यह मार्ग (एनएच 709बी) दिल्ली से निकलकर उत्तर प्रदेश के बागपत, बरौत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जाता है। https://trendkia.com/national/purvi-delhi-men-eksapresave-para-karana-hoga-asana-gandhi-nagar-aura-laxmi-nagar-men-banenge-liphta-vale-phutaovara-brija-37747 TrendKia — Har trend, sabse pehle.