रबी फसलों के लिए गोंडा में मुफ्त बीज मिनीकिट और 90% तक सब्सिडी की बुकिंग शुरू गोंडा के किसानों के लिए रबी सीजन हेतु मुफ्त दलहन-तिलहन मिनीकिट और 50 से 90 फीसदी सब्सिडी के लिए बुकिंग शुरू हो गई है। इसका लाभ अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि तक ही मिलेगा। गोंडा जिले में रबी फसलों की बुआई की तैयारियों के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। कृषि विभाग ने दलहन और तिलहन फसलों के संवर्धन के लिए मुफ्त बीज मिनीकिट और 50 से 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी योजना के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। सरकारी योजनाओं का उद्देश्य किसानों तक बेहतर गुणवत्ता वाले बीज पहुंचाकर उनकी खेती की लागत कम करना और उत्पादन बढ़ाना है। उच्च गुणवत्ता वाले बीज और 90 फीसदी तक सब्सिडी का प्रावधान जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि किसानों को उच्च पैदावार देने वाले प्रमाणित बीजों के मिनीकिट बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्नत किस्म के इन बीजों के प्रयोग से फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा और पैदावार बेहतर रहने की संभावना रहेगी। विभाग का मुख्य ध्येय किसानों को समर्थ बनाना और उनकी कृषि क्षमता में वृद्धि करना है। मुफ्त मिनीकिट के अलावा, सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए रबी फसलों पर 50 से 90 प्रतिशत तक की आर्थिक सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। इसके साथ ही किसानों को आधुनिक खेती के तौर-तरीकों और नई तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से कृषि विभाग प्रदर्शनी आयोजनों की व्यवस्था कर रहा है। इन प्रदर्शनियों से किसानों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को समझने और अपनाने में मदद मिलेगी। फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता और आवेदन की प्रक्रिया योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों का फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत होना आवश्यक है। चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार जिन किसानों ने पूर्व में अपना पंजीकरण करा लिया है, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है। ऐसे किसान सीधे कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी बुकिंग दर्ज कर सकते हैं। जिन किसानों का पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ है, वे अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (सीएससी) या अपने मोबाइल फोन के माध्यम से कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर नया आवेदन कर सकते हैं। बुकिंग प्रक्रिया के दौरान किसानों को अपनी खतौनी और बैंक पासबुक जैसे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। अधिकतम दो हेक्टेयर की सीमा और शीघ्र आवेदन की अपील कृषि विभाग ने सहायता राशि और मिनीकिट वितरण के लिए स्पष्ट सीमा तय की है। निशुल्क मिनीकिट और सब्सिडी का लाभ अधिकतम दो हेक्टेयर कृषि भूमि वाले रकबे तक ही दिया जाएगा। यदि किसी किसान के पास दो हेक्टेयर से अधिक जमीन उपलब्ध है, तब भी अनुदान और मुफ्त बीज का लाभ केवल दो हेक्टेयर तक के रकबे पर ही सीमित रहेगा। जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने जिले के सभी किसानों से समय रहते बुकिंग प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। समय पर आवेदन करने से किसान बिना किसी बाधा के निशुल्क मिनीकिट और पूरी सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे, जिससे फसल उत्पादन लागत में कमी आएगी और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसका आप पर असर भारत में: केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा रबी फसलों पर दी जा रही सब्सिडी से देशभर में कृषि लागत कम करने और दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है। गोंडा (उत्तर प्रदेश) में: जिले के किसानों को 90% तक सब्सिडी और 2 हेक्टेयर तक की भूमि पर मुफ्त बीज मिनीकिट मिलने से सीधे आर्थिक राहत मिलेगी। सवाल-जवाब 1. गोंडा में रबी फसलों पर कितनी सब्सिडी मिल रही है? कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को रबी फसलों पर 50 से 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। 2. मुफ्त बीज मिनीकिट किन फसलों के लिए दिए जा रहे हैं? गोंडा जिले के किसानों को दलहन और तिलहन फसलों की बेहतर पैदावार के लिए निशुल्क मिनीकिट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 3. आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है? बुकिंग के समय किसानों के पास खतौनी और बैंक पासबुक जैसे आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य है। 4. योजना के तहत सब्सिडी और मिनीकिट की भूमि सीमा क्या है? मुफ्त मिनीकिट और अनुदान का लाभ अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि तक ही दिया जाएगा। दो हेक्टेयर से अधिक भूमि होने पर भी लाभ केवल दो हेक्टेयर तक सीमित रहेगा। 5. नए किसान योजना के लिए कहां और कैसे आवेदन कर सकते हैं? नए किसान नजदीकी जन सेवा केंद्र (सीएससी) या अपने मोबाइल से कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। https://trendkia.com/national/rabi-phasalon-ke-lie-gonda-men-muphta-bija-minikita-aura-90-taka-sabsidi-ki-bukinga-shuru-12163 TrendKia — Har trend, sabse pehle.