# राजधानी में डीडीए के 736 पार्कों का हुआ सेफ्टी ऑडिट, 190 सबसे खतरनाक श्रेणी में दर्ज

> दिल्ली विकास प्राधिकरण के व्यापक सुरक्षा ऑडिट में 190 पार्कों को महिलाओं के लिए उच्च जोखिम वाला पाया गया है। इन सभी जगहों पर प्रकाश व्यवस्था, बाउंड्री की मरम्मत और सीसीटीवी कैमरों की तैनाती की जा रही है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/rajadhani-men-dda-ke-736-parkon-ka-hua-sephti-dita-190-sabase-khataranaka-shreni-men-darja-41769 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली पार्क, डीडीए, सुरक्षा ऑडिट, महिला सुरक्षा, तरनजीत सिंह संधू, सीसीटीवी, आस्था कुंज पार्क

देश की राजधानी में सार्वजनिक पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक स्तर पर पड़ताल की गई है। कालकाजी क्षेत्र के आस्था कुंज पार्क में घटित सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले के बाद हरित परिसरों की सुरक्षा पर नए सिरे से समीक्षा शुरू हुई। उपराज्यपाल दिल्ली सरकार तरनजीत सिंह संधू के स्पष्ट निर्देशों पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले कुल 736 पार्कों का एक विस्तृत सुरक्षा ऑडिट संपन्न किया है। इस ऑडिट से यह खुलासा हुआ है कि शहर के 190 पार्क सुरक्षा की दृष्टि से बेहद नाजुक हैं और वहां महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे बने हुए हैं। इन स्थलों पर प्रभावी निगरानी तंत्र, पर्याप्त रोशनी और आपातकालीन सहायता प्रणाली का बड़ा अभाव देखा गया है।

## जोखिम के स्तर पर पार्कों का तीन श्रेणियों में वर्गीकरण
सुरक्षा ऑडिट पूरा होने के बाद अधिकारियों ने संवेदनशीलता और खतरे की तीव्रता के आधार पर सभी 736 पार्कों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। इस वर्गीकरण में 190 पार्कों को हाई रिस्क यानी अत्यधिक संवेदनशील वर्ग में रखा गया है, जहां किसी भी अनहोनी की आशंका सर्वाधिक है। इसके अलावा 258 पार्कों को मध्यम जोखिम (मीडियम रिस्क) तथा 288 पार्कों को कम जोखिम (लो रिस्क) वाले पार्कों की सूची में शामिल किया गया है। वर्तमान योजना के तहत सबसे पहले हाई रिस्क श्रेणी वाले 190 पार्कों में सुरक्षात्मक खामियों को दुरुस्त करने का काम प्राथमिकता के स्तर पर शुरू कर दिया गया है ताकि आगंतुकों, विशेषकर महिलाओं और युवतियों को सुरक्षित माहौल दिया जा सके।

## रोशनी की कमी दूर करने के लिए 520 स्थलों की पहचान
पार्कों में अंधेरे या कम रोशनी का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व वारदातों को अंजाम देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ऑडिट टीम ने कुल 520 ऐसे पार्कों की पहचान की है जहां अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की तुरंत दरकार है। इनमें से 231 पार्कों में आपात प्राथमिकता के साथ तत्काल लाइटिंग की समुचित व्यवस्था की जा रही है। इससे पहले पिछले सप्ताह संपन्न हुई ऑडिट प्रक्रिया के आधार पर 106 पार्कों में रोशनी और लाइटों को दुरुस्त करने का कार्य सफलता से पूरा भी किया जा चुका है। लक्ष्य यह है कि शाम और रात के समय किसी भी कोने में अंधेरा न रहे।

## गेट और बाउंड्री की मरम्मत का सघन अभियान
खुले और असुरक्षित प्रवेश द्वारों पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए भी पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं। बिना रोकटोक प्रवेश रोकने के उद्देश्य से 163 पार्कों की सूची बनाई गई है, जहां पुराने और बिना ताले वाले दरवाजों को बदलकर मजबूत लॉकिंग सिस्टम वाले नए गेट लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने के लिए टूटी बाउंड्री और गायब ग्रिल की समस्या वाले 399 पार्कों की पहचान की गई थी। इनमें से त्वरित कार्रवाई करते हुए 233 पार्कों में टूटी दीवारों की मरम्मत और लोहे की ग्रिल लगाने का काम पूरा किया जा चुका है। पार्कों के भीतर बने शौचालयों और परित्यक्त इमारती ढांचों के आसपास के सूनसान इलाकों को संवेदनशील चिन्हित कर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

## सीसीटीवी निगरानी और रात की पेट्रोलिंग
वर्तमान समय में केवल 16 डीडीए पार्कों में ही सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है, जो कि कुल संख्या के मुकाबले नगण्य है। इस कमी को दूर करने के लिए सुरक्षा ऑडिट में 323 अतिरिक्त पार्कों में तुरंत सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की आवश्यकता चिन्हित की गई है। जमीनी स्तर पर पहरेदारी बढ़ाने के लिए 245 बड़े पार्कों में रात के समय नियमित गश्त प्रारंभ कर दी गई है। गंभीर सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए 134 पार्कों में गनमैन की तैनाती की आवश्यकता तय की गई है, जबकि सभी हाई रिस्क पार्कों में सुरक्षाकर्मियों द्वारा बाइक पेट्रोलिंग का सिलसिला शुरू किया जा चुका है। इन तमाम प्रबंधों और व्यवस्थाओं की रूपरेखा तय करने के लिए 28 सितंबर को प्रधान आयुक्त कार्यालय में सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी।

## गार्डों की बायोमीट्रिक हाजिरी और पुलिस से सीधा तालमेल
ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की वास्तविक उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित करने के मकसद से 602 पार्कों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू कर दी गई है। शेष बचे पार्कों में भी यह तकनीकी हाजिरी व्यवस्था शीघ्र स्थापित करने का काम तेजी से जारी है। पार्कों के फील्ड स्टाफ और कानून व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। सभी पार्कों में स्थानीय पुलिस थानों और संबंधित बीट अधिकारियों के संपर्क नंबर ग्राउंड स्टाफ को सौंपे गए हैं, जबकि फील्ड स्टाफ का पूरा डेटा पुलिस के साथ साझा किया गया है। संपर्क जानकारी साझा करने की यह प्रक्रिया सभी पार्कों में 100 फीसदी पूरी कर ली गई है।

## मानक संचालन प्रक्रिया और वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण
पार्कों में सुरक्षा तंत्र को संस्थागत रूप देने के लिए गश्त, गार्डों के दायित्व, सुपरवाइजर की जवाबदेही, उपस्थिति, किसी भी घटना की त्वरित रिपोर्टिंग और पुलिस समन्वय को लेकर एक नया एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार किया जा रहा है। सुरक्षा संबंधी निविदा नियमों को भी आधुनिक जरूरतों के अनुसार अपडेट किया जा रहा है, जबकि स्थानीय निवासियों के सुझावों के लिए आरडब्ल्यूए के साथ बैठकें शुरू हो चुकी हैं। पूरी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए एक सेंट्रल मास्टर ट्रैकर और मॉनिटरिंग डैशबोर्ड सक्रिय किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी प्रत्येक सप्ताह विभिन्न पार्कों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में 30 सितंबर को प्रिंसिपल कमिश्नर ने यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क का दौरा किया था, जिसके बाद 1 अक्टूबर को प्रिंसिपल कमिश्नर हॉर्टिकल्चर/लैंडस्केप/सिस्टम ने कमला नेहरू रिज पार्क की सुरक्षा और रख-रखाव की जमीनी स्थिति का जायजा लिया।

## इसका आप पर असर
दिल्ली के सार्वजनिक पार्कों में जाने वाले नागरिकों, खासकर महिलाओं और युवतियों के लिए यह ऑडिट सुरक्षा के बुनियादी बदलाव लाएगा।

- **भारत में:** सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के ऑडिट को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मानक तय हो रहे हैं। अन्य बड़े शहरों के स्थानीय निकायों पर भी अपने पार्कों और खुले मैदानों में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लाइटिंग सुधारने का दबाव बढ़ेगा।
- **दिल्ली में:** राजधानी के 190 संवेदनशील पार्कों में जाने वाले स्थानीय निवासियों को जल्द ही ताले वाले गेट, रात की पेट्रोलिंग और अतिरिक्त रोशनी की सुविधा मिलेगी। शाम और सुबह की सैर पर निकलने वाले नागरिक अब टूटी ग्रिल और अंधेरे कोनों के खतरे के बिना पार्कों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
- **महिलाओं और परिवारों के लिए:** पार्कों में 323 नए स्थानों पर सीसीटीवी और 134 पार्कों में गनमैन की तैनाती से महिलाओं के मन में व्याप्त असुरक्षा की भावना घटेगी। किसी भी आपात स्थिति में पार्क स्टाफ और स्थानीय बीट पुलिस का सीधा संपर्क होने से त्वरित मदद मिल सकेगी।
- **स्थानीय आरडब्ल्यूए के लिए:** रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को पार्क प्रबंधन के साथ मिलकर समस्याओं को सीधे दर्ज कराने का औपचारिक मंच मिल रहा है। स्थानीय निवासी अपने क्षेत्र के पार्कों में सुरक्षा गार्डों की बायोमीट्रिक हाजिरी और नाइट पेट्रोलिंग की स्थिति पर नजर रख सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा ऑडिट कराने की मुख्य वजह हालिया गंभीर आपराधिक घटना और पार्कों में बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं का भारी अभाव रहा है। आस्था कुंज पार्क में हुए गैंग रेप के बाद उपराज्यपाल के निर्देश पर यह कदम उठाया गया।

- **अपराधिक घटना का प्रभाव:** कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के दावों की कलई खोल दी थी। इस घटना के व्यापक जन आक्रोश के बाद उपराज्यपाल दिल्ली सरकार तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी के सभी पार्कों के गहन सुरक्षा निरीक्षण का आदेश जारी किया।
- **निगरानी तंत्र की भारी कमी:** डीडीए के कुल 736 पार्कों में से केवल 16 पार्कों में ही सीसीटीवी कैमरे चालू पाए गए, जिससे असामाजिक तत्वों पर कोई डर नहीं था। आपातकालीन सुरक्षा प्रणाली और रात के समय पहरेदारी न होने से अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे थे।
- **जर्जर भौतिक ढांचा और अंधेरा:** सैकड़ों पार्कों में प्रकाश की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी और 399 पार्कों में बाउंड्री की ग्रिल गायब या टूटी हुई पाई गईं। पार्कों के गेट खुले रहने और सुनसान ढांचों के आसपास सुरक्षा न होने के कारण अवांछित तत्वों का प्रवेश बेहद आसान बना हुआ था।

## सवाल-जवाब

### 1. डीडीए के कितने पार्कों का सुरक्षा ऑडिट किया गया है?
डीडीए ने दिल्ली के कुल 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा किया है।

### 2. ऑडिट में कितने पार्कों को सबसे खतरनाक यानी हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है?
कुल 190 पार्कों को हाई रिस्क यानी अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।

### 3. फिलहाल डीडीए के कितने पार्कों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं?
वर्तमान में डीडीए के सिर्फ 16 पार्कों में ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जबकि 323 नए पार्कों में इन्हें लगाने की जरूरत बताई गई है।

### 4. पार्कों में सुरक्षा दुरुस्त करने के निर्देश किसने दिए थे?
उपराज्यपाल दिल्ली सरकार तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर यह पूरा सुरक्षा ऑडिट कराया गया।

### 5. सुरक्षा गार्डों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाया गया है?
गार्डों की जवाबदेही तय करने के लिए 602 पार्कों में बायोमीट्रिक हाजिरी प्रणाली शुरू कर दी गई है।

### 6. कितने पार्कों में अतिरिक्त लाइटिंग की जरूरत पाई गई है?
कुल 520 पार्कों में अतिरिक्त रोशनी की आवश्यकता चिन्हित की गई है, जिनमें से 231 में तुरंत काम किया जा रहा है।

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