राजस्थान में मादक पदार्थ सिंडिकेट पर शिकंजा, धौलपुर हाईवे से सवा करोड़ से अधिक का गांजा बरामद धौलपुर में पुलिस ने नेशनल हाईवे-44 पर कार्रवाई करते हुए आंध्र प्रदेश से दौसा ले जाया जा रहा 261 किलो से अधिक गांजा जब्त कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। राजस्थान के धौलपुर जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। नेशनल हाईवे-44 से गुजर रही एक संदिग्ध कार को रोककर जब उसकी गहन तलाशी ली गई, तब उसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में नशीली खेप बरामद की गई। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस बल ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता हासिल की है। हाईवे पर संयुक्त टीम की घेराबंदी नशीले पदार्थों के तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मनियां थाना पुलिस और यातायात पुलिस ने आपस में तालमेल बनाकर एक संयुक्त नाकाबंदी की थी। नेशनल हाईवे-44 पर वाहनों की नियमित जांच के दौरान अधिकारियों को एक चार पहिया वाहन की गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हुई। संदेह गहराने पर सुरक्षाकर्मियों ने वाहन को रुकवाया और उसकी बारीकी से जांच शुरू की। तलाशी के दौरान कार के भीतर विशेष तौर पर छिपाकर रखे गए पैकेट दिखाई दिए, जिनमें भारी मात्रा में गांजा भरा हुआ था। सवा करोड़ से ज्यादा की खेप बरामद वाहन से बरामद किए गए मादक पदार्थ का जब आधिकारिक तौर पर वजन कराया गया, तो वह कुल 261 किलो 11 ग्राम निकला। बाजार में इस भारी खेप की अनुमानित कीमत करीब 1.30 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस दल ने नशीले पदार्थ को तुरंत कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने कब्जे में ले लिया और तस्करी में प्रयोग की जा रही कार को भी मोटर वाहन और नारकोटिक्स नियमों के तहत जब्त कर लिया। वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। दक्षिण भारत से राजस्थान तक फैला तस्करी का जाल प्रारंभिक पूछताछ और जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि मादक पदार्थ की यह बड़ी खेप आंध्र प्रदेश से लाई जा रही थी। तस्करों की योजना इस खेप को राजस्थान के दौसा जिले में पहुंचाने की थी, ताकि वहां स्थानीय स्तर पर इसकी आपूर्ति की जा सके। अंतरराज्यीय सीमाओं को पार कर इतनी लंबी दूरी तय करने के बाद यह खेप धौलपुर सीमा में दाखिल हुई थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी से यह अवैध आपूर्ति अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही पकड़ ली गई। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस इस जब्ती के बाद जांच एजेंसियां अब इस अवैध व्यापार की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आंध्र प्रदेश के किस इलाके से यह माल लोड कराया गया था और दौसा में किन प्रमुख वितरकों तक इसे पहुंचाया जाना था। पकड़े गए दोनों आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड और संपर्कों को खंगाला जा रहा है, ताकि इस पूरे सिंडिकेट में शामिल अन्य वित्तपोषकों और स्थानीय सहयोगियों की पहचान कर उन्हें भी कानून के दायरे में लाया जा सके। इसका आप पर असर इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय मादक पदार्थ आपूर्ति श्रृंखला को बड़ा झटका लगा है और स्थानीय युवाओं तक नशीले पदार्थों की पहुंच पर प्रभावी रोक लगी है। • भारत में: हाईवे निगरानी सख्त होने से अंतरराज्यीय तस्करों के लिए राज्यों के बीच नशीले पदार्थों की आवाजाही करना और अधिक कठिन हो जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां अब अन्य प्रमुख मार्गों पर भी वाहनों की सघन जांच अभियान को और तेज कर सकती हैं। • धौलपुर और दौसा में: दौसा जिले के स्थानीय नशा वितरकों तक सवा करोड़ रुपये की खेप पहुंचने से रुक गई है, जिससे अवैध बिक्री पर तत्काल लगाम लगेगी। स्थानीय नागरिक अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सीधे पुलिस हेल्पलाइन पर देकर सुरक्षित समाज बनाने में सहयोग कर सकते हैं। • वाहन चालकों के लिए: नेशनल हाईवे-44 पर सुरक्षा जांच और नाकाबंदी बढ़ने के कारण यात्रा के दौरान कुछ समय अतिरिक्त लग सकता है। नियमित यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वाहन के सभी वैध दस्तावेज साथ रखें ताकि जांच के समय अनावश्यक देरी से बचा जा सके। • कानूनी परिणाम: इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ के परिवहन पर आरोपियों को कठोर कानूनी प्रक्रियाओं और लंबी अदालती कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के वाहन और संपत्तियों की जब्ती का प्रावधान लागू होता है। ऐसा क्यों हुआ यह जब्ती पुलिस द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर मादक पदार्थों की अनधिकृत आवाजाही रोकने के लिए चलाए जा रहे सघन निगरानी अभियान के कारण संभव हो सकी। • सीधा कारण: मनियां थाना और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा नेशनल हाईवे-44 पर नियमित गश्त और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी, जिसमें एक कार को रोककर तलाशी ली गई। कार के भीतर से 261 किलो 11 ग्राम गांजा छिपा हुआ बरामद हुआ। • तस्करी का मार्ग और नेटवर्क: तस्करों ने आंध्र प्रदेश से सस्ती दरों पर गांजा खरीदकर उसे राजस्थान के दौसा में भारी मुनाफे पर खपाने की योजना बनाई थी। सुदूर राज्यों से मादक पदार्थों को सड़क मार्ग से लाना अंतरराज्यीय तस्करों का एक पुराना तरीका रहा है। • आगे की कार्रवाई: पुलिस अब दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर आंध्र प्रदेश के आपूर्ति स्रोतों और दौसा के स्थानीय खरीदारों की कड़ियां जोड़ रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की धरपकड़ के लिए आगे की तफ्तीश जारी है। सवाल-जवाब 1. धौलपुर में पुलिस ने कितनी मात्रा में गांजा जब्त किया है? पुलिस ने कार की तलाशी लेकर कुल 261 किलो 11 ग्राम गांजा बरामद किया है। 2. जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत कितनी है? अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 1.30 करोड़ रुपये है। 3. यह कार्रवाई किस स्थान पर अंजाम दी गई? यह जब्ती नेशनल हाईवे-44 पर मनियां थाना पुलिस और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने की। 4. गांजे की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे कहां ले जाया जाना था? यह खेप आंध्र प्रदेश से लाई जा रही थी और इसे राजस्थान के दौसा जिले में पहुंचाया जाना था। 5. इस मामले में कितने लोगों को पकड़ा गया है? पुलिस ने तस्करी में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और तस्करी में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली है। https://trendkia.com/national/rajasthan-men-madaka-padartha-sindiketa-para-shiknja-dholpur-haive-se-sava-karora-se-adhika-ka-ganja-baramada-48852 TrendKia — Har trend, sabse pehle.