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  "type": "article",
  "title": "राजधानी में जहरीली हवा और स्मॉग का पहरा, देश के 18 राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी",
  "summary": "सोमवार की सुबह दिल्ली में ओवरऑल वायु गुणवत्ता सूचकांक 428 तक पहुंच गया, जबकि मुंबई के कई इलाकों में भी धुंध छाई रही। उधर बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के चलते 18 राज्यों में आंधी और भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।",
  "content": "सोमवार, 2 नवंबर की सुबह दिल्ली में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर बेहद चिंताजनक स्तर तक गिर गई। राष्ट्रीय राजधानी का समग्र एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 428 पर पहुंच गया, जिसने पूरे वातावरण में गंभीर प्रदूषण की स्थिति पैदा कर दी है। दिन की शुरुआत से ही शहर के विभिन्न हिस्सों में स्मॉग की घनी चादर पसरी रही, जिसके चलते दृश्यता काफी घट गई। हालात ऐसे रहे कि राजपथ से राष्ट्रपति भवन जैसी ऐतिहासिक और भव्य इमारत भी धुंध के बीच स्पष्ट नजर नहीं आ रही थी।\n\n \n\nप्रमुख निगरानी केंद्रों पर वायु प्रदूषण के आंकड़े\n\nकेंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के महत्वपूर्ण इलाकों में प्रदूषण का दबाव लगातार बढ़ रहा है। जनपथ और इंडिया गेट के आसपास के क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 रिकॉर्ड किया गया। वहीं पूर्वी दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर परिसर के पास यह आंकड़ा 349 तक दर्ज हुआ। इसके अलावा आईटीओ पर भी AQI 349 मापा गया है। केंद्रीय बोर्ड की मानक श्रेणियों में यह सभी आंकड़े बहुत खराब वायु गुणवत्ता को दर्शाते हैं, जिससे खुले वातावरण में सांस लेना नागरिकों के लिए परेशानी भरा साबित हो रहा है।\n\n \n \n\nमुंबई के तटीय इलाकों में भी स्मॉग और धुंध का असर\n\nवायु प्रदूषण और धुंध का यह असर केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में भी इसके लक्षण दिखाई दिए। शहर के बांद्रा रिक्लेमेशन इलाके में सुबह के वक्त स्मॉग की एक परत तैरती हुई देखी गई, जिसकी वजह से समुद्र किनारे खड़ी गगनचुंबी इमारतें धुंधली नजर आ रही थीं। हालांकि CPCB के निगरानी नेटवर्क के मुताबिक मुंबई का AQI 131 दर्ज हुआ। यह स्तर मध्यम श्रेणी में आता है, जो दिल्ली के मुकाबले काफी कम है, लेकिन तटीय शहर की सामान्य आबोहवा के लिहाज से सतर्क करने वाला है।\n\n \n\nबंगाल की खाड़ी में बने दबाव से 18 राज्यों में अलर्ट\n\nदेश के कई महानगर जहां एक तरफ खराब हवा से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग (IMD) ने 2 नवंबर को 18 राज्यों में भारी वर्षा, तेज झोंकेदार हवाओं और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। इस मौसमी उथल-पुथल का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना निम्न दबाव का क्षेत्र है। विभाग के अनुसार, इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।\n\nमौसम विभाग ने पर्वतीय भूभागों में संभावित भूस्खलन को लेकर स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इसके साथ ही मैदानी इलाकों में तेज आंधी और बारिश के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की ताकीद की गई है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए तटीय क्षेत्रों के मछुआरों को समुद्र में न जाने का सख्त निर्देश दिया गया है।\n\n \n\nदिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में संभावित मौसमी बदलाव\n\nराजधानी दिल्ली में 2 नवंबर को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस मौसमी हलचल के दौरान 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। यदि बारिश होती है, तो हवा में जमे प्रदूषक कणों के अस्थायी रूप से छंटने की गुंजाइश बन सकती है।\n\n \n\nउत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इटावा, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, हरदोई, उन्नाव, देवरिया, आजमगढ़, रायबरेली, अयोध्या और आगरा शामिल हैं। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।\n\nपड़ोसी राज्य बिहार में भी बारिश का व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने बेगूसराय, किशनगंज, पूर्णिया, वैशाली, भोजपुर, दरभंगा, मधुबनी और सहरसा जैसे प्रमुख जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। राज्य की राजधानी पटना में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है।\n\n \n\nराजस्थान और मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश की मार\n\nपश्चिम भारत के राजस्थान में तेज आंधी और बारिश का तीव्र दौर देखने को मिल सकता है। राज्य के बूंदी, सीकर, जैसलमेर, भरतपुर, बीकानेर, झुंझुनू, टोंक, धौलपुर और चूरू जिलों में तेज बौछारों की चेतावनी जारी हुई है। इन क्षेत्रों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का खतरा बना हुआ है। जयपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है।\n\nमध्य प्रदेश के मौसम में भी व्यापक हलचल दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने उज्जैन, देवास, इंदौर, दमोह, बैतूल, छिंदवाड़ा, रायसेन, खंडवा, खरगोन, सिंगरौली, छतरपुर और कटनी में तेज आंधी के साथ बारिश की चेतावनी दी है। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया जा सकता है।\n\n \n\nपूर्वी, दक्षिणी और अन्य राज्यों में मौसम का हाल\n\nपूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल में भी निम्न दबाव के क्षेत्र का सीधा असर देखने को मिलेगा। राज्य के दार्जिलिंग, दुर्गापुर, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नादिया, हावड़ा और पुरुलिया जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। कोलकाता में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।\n\nइन राज्यों के अतिरिक्त देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम प्रतिकूल रहने का अंदेशा है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, असम और तेलंगाना के विस्तृत इलाकों में भी मौसमी बदलाव, तेज हवाओं और वर्षा की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन और आवागमन पर प्रभाव पड़ सकता है।\n\nइसका आप पर असर\nदिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और देश के 18 राज्यों में जारी आंधी-बारिश के अलर्ट से दैनिक जनजीवन, स्वास्थ्य और यात्रा पर सीधा असर पड़ सकता है।\n\n• दिल्ली-एनसीआर में: हवा की गुणवत्ता 428 तक पहुंचने के कारण सांस और हृदय के मरीजों को सुबह की सैर से बचना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें और संभव हो तो एयर प्यूरीफायर चलाएं।\n• 18 राज्यों के निवासियों के लिए: तेज हवाओं और 80 किमी प्रति घंटे की आंधी के दौरान पेड़ या कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचें। भारी वर्षा वाले जिलों में जलभराव के चलते यात्रा की योजना पहले से तैयार रखें।\n• पहाड़ी क्षेत्रों में: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए ढलानों और संवेदनशील मार्गों पर सतर्कता बरतें। अनावश्यक यात्राओं को टालें और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।\n• तटीय और मछुआरा समुदायों के लिए: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में जाने पर रोक की सलाह का पूरी तरह पालन करना चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nदेश में एक साथ दो बड़े मौसमी संकट देखने को मिल रहे हैं, जहां उत्तरी मैदानी इलाकों में हवा की गति थमने से प्रदूषण जम गया है, वहीं दक्षिण और मध्य भारत में समुद्री मौसमी प्रणालियों के चलते आंधी-बारिश की स्थिति पैदा हुई है।\n\n• बंगाल की खाड़ी का निम्न दबाव: बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय हुआ है। इस समुद्री प्रणाली ने बड़े पैमाने पर नमी खींचकर 18 राज्यों में आंधी और भारी वर्षा की अनुकूल परिस्थितियां बनाई हैं।\n• वायुमंडलीय ठहराव और स्मॉग: दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में सुबह की धीमी हवा और मौसमी बदलाव के कारण प्रदूषक कण जमीन की सतह के करीब फंस गए हैं। इसी ठहराव के चलते विजिबिलिटी में भारी गिरावट आई और AQI 428 तक पहुंच गया।\n• पर्वतीय और मैदानी ढाल पर टकराव: नम समुद्री हवाओं के आंतरिक भूभागों से टकराने के कारण राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का खतरा पैदा हुआ है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सोमवार, 2 नवंबर को दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक कितना दर्ज किया गया?\n2 नवंबर की सुबह दिल्ली का ओवरऑल AQI 428 दर्ज किया गया, जो गंभीर प्रदूषण की स्थिति को दर्शाता है।\n\n2. दिल्ली के प्रमुख इलाकों जैसे इंडिया गेट और अक्षरधाम में AQI का स्तर क्या रहा?\nइंडिया गेट और जनपथ के पास AQI 335 दर्ज हुआ, जबकि अक्षरधाम मंदिर और आईटीओ के पास यह आंकड़ा 349 रहा।\n\n3. मुंबई में वायु गुणवत्ता की क्या स्थिति रिकॉर्ड की गई?\nमुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन में धुंध छाई रही, लेकिन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार वहां का AQI 131 दर्ज हुआ, जो मध्यम श्रेणी में है।\n\n4. देश के 18 राज्यों में आंधी और भारी बारिश की मुख्य वजह क्या है?\nमौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बने निम्न दबाव के क्षेत्र की वजह से यह मौसमी बदलाव आया है।\n\n5. राजस्थान और मध्य प्रदेश में हवा की गति कितनी रहने की चेतावनी दी गई है?\nमौसम विभाग के अनुसार राजस्थान और प्रभावित क्षेत्रों में आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।\n\n6. पहाड़ी और तटीय इलाकों के लिए मौसम विभाग ने क्या दिशा-निर्देश जारी किए हैं?\nपहाड़ी राज्यों में भूस्खलन को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है, जबकि तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने का निर्देश दिया गया है।",
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