राष्ट्रपति की मुहर के बाद अब तीन महीने में निपटेंगे पेपर लीक के मामले एंटी-पेपर लीक कानून में संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद पेपर माफियाओं से जुड़े मामलों में तीन महीने के अंदर कार्रवाई पूरी करनी होगी। पेपर लीक के खिलाफ बने कानून में हुए संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। अब परीक्षा का पेपर लीक करने वाले माफियाओं से जुड़े मामलों में तीन महीने के अंदर कार्रवाई पूरी करनी होगी। इस मंजूरी के साथ ही सरकार का यह वादा कानूनी रूप ले चुका है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को जल्द सजा दिलाई जाएगी। कानून में क्या बदलाव हुआ संशोधित कानून के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई और कार्रवाई के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की गई है। मकसद यह है कि परीक्षा माफियाओं के खिलाफ मामले सालों तक अदालतों में लंबित न रहें और छात्रों को जल्द इंसाफ मिले। सरकार पहले से ही परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लागू कर चुकी है, अब इसी कानून में संशोधन कर मामलों के निपटारे की रफ्तार बढ़ाई गई है। संसद में कैसे पास हुआ बिल यह संशोधन बिल सबसे पहले लोकसभा में पेश किया गया, जहां विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच इस पर चर्चा हुई। इसके बाद यह बिल लोकसभा से पास हुआ और फिर राज्यसभा में भी इसे मंजूरी मिल गई। दोनों सदनों से पास होने के बाद बिल राष्ट्रपति के पास भेजा गया, जहां अब इसे मंजूरी मिल चुकी है। नरेंद्र मोदी ने क्या कहा बिल के पास होने के बाद नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह उनका वादा था जो अब पूरा हो गया है और पेपर माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। मोदी ने यह भी कहा कि पेपर माफियाओं के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष का विरोध बिल को लेकर विपक्ष ने संसद में हंगामा किया था। इस मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलें पीएम मोदी। इसका आप पर असर • छात्रों के लिए: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को अब पेपर लीक के मामलों में तीन महीने के भीतर कार्रवाई पूरी होने का भरोसा मिलेगा। • परीक्षा प्रणाली पर असर: सख्त और तेज कानूनी कार्रवाई से आगे होने वाली परीक्षाओं में पेपर लीक करने वालों पर लगाम लगने की उम्मीद है। सवाल-जवाब 1. एंटी-पेपर लीक कानून में हाल ही में क्या बदलाव हुआ है? संशोधित कानून में अब पेपर लीक से जुड़े मामलों की कार्रवाई तीन महीने के अंदर पूरी करने का प्रावधान जोड़ा गया है, और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। 2. यह संशोधन बिल संसद में कैसे पास हुआ? बिल पहले लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच पेश हुआ, वहां से पास होने के बाद राज्यसभा ने भी इसे मंजूरी दी। 3. नरेंद्र मोदी ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी? नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कहा कि उनका वादा पूरा हुआ है और पेपर माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। 4. विपक्ष ने इस कानून का विरोध क्यों किया? विपक्ष ने संसद में इस बिल पर हंगामा किया था, और प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर निशाना साधा। 5. प्रियंका गांधी ने सरकार पर क्या टिप्पणी की? प्रियंका गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी कैमरे का नहीं बल्कि दिल का एंगल बदलें। 6. तीन महीने की समयसीमा का मतलब क्या है? इसका मतलब है कि अब पेपर लीक से जुड़े मामलों में जांच और कार्रवाई तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी, ताकि छात्रों को जल्द इंसाफ मिल सके। https://trendkia.com/national/rashtrapati-ki-muhara-ke-bada-aba-tina-mahine-men-nipatenge-paper-leak-ke-mamale-12663 TrendKia — Har trend, sabse pehle.