# रूसी फौज में जाने की गलती न करें नागरिक, विदेश मंत्रालय ने नौकरी के नाम पर होने वाली धोखेबाजी पर चेताया

> विदेश मंत्रालय ने नागरिकों को रूसी सेना में शामिल होने के जानलेवा खतरों से आगाह करते हुए कहा है कि अपुष्ट जॉब ऑफर और गैर-पंजीकृत एजेंटों से सावधान रहें।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/russian-phauja-men-jane-ki-galati-na-karen-nagarika-mea-ne-naukari-ke-nama-para-hone-vali-dhokhebaji-para-chetaya-40715 · **Language:** Hindi
**Tags:** रूसी सेना, विदेश मंत्रालय, भारतीय नागरिक, नौकरी का झांसा, फर्जी एजेंट, तेलंगाना

विदेश मंत्रालय ने देश के नागरिकों को एक बार फिर सख्त लहजे में सचेत किया है कि वे रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होने की कतई कोशिश न करें। सरकार ने जोर देकर कहा है कि सेना में सेवाएं देना जीवन के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो सकता है। विदेश में रोजगार की तलाश करने वालों से साफ तौर पर अनुरोध किया गया है कि वे बिना जांच-परख वाले विज्ञापनों और संदिग्ध प्रस्तावों के बहकावे में आने से बचें। भारतीय तंत्र पिछले 2 वर्षों से नागरिकों को लगातार इन गंभीर और जानलेवा परिस्थितियों को लेकर जागरूक कर रहा है ताकि किसी भी व्यक्ति की जिंदगी जोखिम में न पड़े।

## पैसों का प्रलोभन और सुरक्षित वापसी की गलत उम्मीद
विदेश मंत्रालय के संज्ञान में ऐसे कई वाकये आए हैं जहां लोगों ने खुद आगे बढ़कर रूसी सेना में काम पाने की कोशिश की। कई युवकों को लगा कि इस रास्ते से उन्हें तुरंत बड़ी आर्थिक मदद या कमाई मिल जाएगी, और अगर कोई संकट आया तो भारत सरकार का कूटनीतिक दखल उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लाएगा। इस पूरी सोच को पूरी तरह गलत और जोखिम भरा बताते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि युद्धक माहौल में यह उम्मीद रखना बेमानी है। सरकार नागरिकों को ऐसे किसी भी खतरनाक रास्ते पर कदम बढ़ाने से पूरी मजबूती के साथ रोक रही है।

## नागरिकता छोड़ने और पासपोर्ट लेने की जल्दबाजी
चिंता की बात यह भी सामने आई है कि कुछ भारतीयों ने भारतीय अधिकारियों के पास पहुंचकर अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ने, रूस का पासपोर्ट लेने और सीधे रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होने की इच्छा तक जाहिर की। इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने तो भारतीय अधिकारियों से किसी तरह की सलाह लिए बिना ही यह कदम उठा भी लिया। उन्हें तात्कालिक आर्थिक लाभ का झांसा दिया गया था जिसके जाल में वे उलझ गए। सरकार ने हर नागरिक से आग्रह किया है कि वे इस तरह के फैसलों की गंभीरता, कानूनी उलझनों और सबसे बढ़कर इसमें छिपे जानलेवा खतरों को अच्छी तरह समझें।

## गैर-सरकारी संस्थाओं और निजी समूहों का नेटवर्क
मंत्रालय ने रेखांकित किया है कि विदेशी नागरिकों को रूसी सैन्य इकाइयों में शामिल करने के लिए विभिन्न गैर-सार्वजनिक संगठन, निजी माध्यम और स्वैच्छिक समूह सक्रिय रूप से भर्ती अभियान चला रहे हैं। भारतीय नागरिकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वे ऐसे किसी भी निजी तंत्र या समूह के संपर्क में न आएं। कम समय में थोड़ा सा पैसा कमाने के चक्कर में लिया गया ऐसा निर्णय सीधे मौत के मुंह में धकेल सकता है और जिंदगी भर के लिए भारी पछतावे का कारण बन सकता है।

## रूसी तंत्र के साथ बातचीत और नागरिकों की सुरक्षा
विदेश मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि रूसी सैन्य ढांचे में पहले से मौजूद भारतीय नागरिकों के कल्याण, उनकी सुरक्षा और जल्द से जल्द सकुशल वतन वापसी को लेकर रूसी पक्ष के साथ लगातार कूटनीतिक संवाद बना हुआ है। सरकार इन नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए निरंतर सक्रिय है और इस विषय पर रूस के साथ उच्च स्तरीय बातचीत लगातार जारी रखी जा रही है ताकि फंसे हुए लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।

## फर्जी एजेंटों का जाल और सावधानी की जरूरत
विदेश में काम की तलाश कर रहे सभी युवाओं को परामर्श दिया गया है कि वे किसी भी ऑफर को स्वीकार करने या अनुबंध पर दस्तखत करने से पहले उसकी संपूर्ण प्रामाणिकता जांचें। विशेष रूप से ऐसे बिचौलियों और एजेंटों से पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है जो विदेश मंत्रालय के साथ आधिकारिक रूप से पंजीकृत नहीं हैं। हाल ही में तेलंगाना के 4 युवाओं को भी रूस में साधारण सिविल नौकरी का वादा करके धोखे से सेना में शामिल कर लिया गया था, जिसके बाद उनकी वापसी की गुहार सामने आई थी। इसलिए नागरिक हमेशा मान्यता प्राप्त और आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि के बाद ही कोई कदम उठाएं।

## इसका आप पर असर
विदेश में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए जरूरी है कि वे किसी भी अनधिकृत एजेंट या प्रलोभन के झांसे में न आएं।

- **भारत में:** विदेशी रोजगार के लिए केवल विदेश मंत्रालय के अधिकृत पोर्टल और पंजीकृत भर्ती एजेंटों का ही सहारा लें। किसी भी असत्यापित एजेंसी या लुभावने वादे पर भरोसा करने से पहले सरकारी सत्यापन अवश्य कराएं।
- **तेलंगाना में:** राज्य के कई युवा सिविल नौकरी के बहाने सेना में धकेल दिए गए हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन और परिजन विदेश जाने वाले युवकों के दस्तावेजों की जांच करें। संदिग्ध भर्ती करने वालों की शिकायत तुरंत पुलिस और संबंधित विभागों में दर्ज कराएं।
- **पारिवारिक सुरक्षा:** युद्ध क्षेत्र में फंसने पर जान का सीधा खतरा रहता है और संपर्क टूटने से परिवार मानसिक व आर्थिक परेशानी में आ जाता है। ऐसे जोखिम भरे फैसलों से बचने के लिए परिवार के सदस्य युवाओं की काउंसलिंग करें।
- **आर्थिक सतर्कता:** तात्कालिक धन लाभ के लालच में जीवन भर की जमा पूंजी और अपनी पहचान दांव पर न लगाएं। अवैध एजेंटों को मोटी रकम देकर विदेश जाने की कोशिश कानूनी और व्यक्तिगत दोनों तरह से घातक है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह चेतावनी विदेश में काम दिलाने के नाम पर सक्रिय अवैध एजेंटों और युद्ध क्षेत्र में बढ़ती भर्तियों की घटनाओं के बाद जारी की गई है।

- **धोखाधड़ी वाली भर्तियां:** अपंजीकृत बिचौलियों ने युवाओं को रूस में सामान्य सिविल पदों का लालच देकर अनुबंध पर हस्ताक्षर कराए और उन्हें अग्रिम पंक्ति की सैन्य इकाइयों में भेज दिया। तेलंगाना के 4 युवकों के मामले ने इस धोखे को उजागर किया।
- **आर्थिक मजबूरी और प्रलोभन:** कई युवाओं ने भारी भरकम तनख्वाह और आर्थिक लाभ के लालच में स्वेच्छा से या गुमराह होकर रूसी पासपोर्ट और सैन्य भर्ती का विकल्प चुना। उन्हें यह गलतफहमी थी कि संकट आने पर सरकारी तंत्र उन्हें बचा लेगा।
- **निजी संस्थाओं का नेटवर्क:** गैर-सार्वजनिक और स्वैच्छिक समूह विदेशी नागरिकों को भर्ती करने के लिए लगातार सक्रिय हैं और कानूनी खामियों का फायदा उठा रहे हैं। सरकार पिछले 2 वर्षों से ऐसे खतरों पर लगातार चेतावनी दे रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को क्या चेतावनी दी है?
विदेश मंत्रालय ने नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होने से बचने और विदेश में नौकरी के अपुष्ट प्रस्तावों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

### 2. क्या लोग खुद रूसी सेना में जाने की कोशिश कर रहे हैं?
मंत्रालय के अनुसार कई लोगों ने आर्थिक लाभ की उम्मीद में और बाद में सरकारी मदद से निकल जाने की सोच के साथ खुद सेना में जाने के ऑफर मांगे थे।

### 3. क्या किसी भारतीय ने अपनी नागरिकता छोड़ने की बात कही है?
कुछ लोगों ने अस्थायी आर्थिक लाभ के लिए भारतीय अधिकारियों से नागरिकता छोड़ने और रूसी पासपोर्ट लेकर सेना में भर्ती होने की इच्छा जताई थी।

### 4. सेना में भर्ती कराने के लिए कौन से माध्यम इस्तेमाल हो रहे हैं?
विदेशी नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में शामिल करने के लिए गैर-सार्वजनिक संस्थाएं और निजी स्वैच्छिक समूह काम कर रहे हैं।

### 5. रूस में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए सरकार क्या कर रही है?
भारत सरकार रूसी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है ताकि वहां मौजूद नागरिकों की सुरक्षा और जल्द रिहाई सुनिश्चित की जा सके।

### 6. तेलंगाना के युवकों से जुड़ा क्या मामला सामने आया था?
तेलंगाना के 4 युवाओं को रूस में साधारण सिविल नौकरी का झांसा देकर धोखे से सेना में भर्ती कर लिया गया था, जिन्होंने वापसी की गुहार लगाई थी।

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