# सिक्किम में मूसलाधार बारिश के बाद भीषण भूस्खलन, रिंबी गांव और गंगटोक में भारी तबाही

> सिक्किम में लगातार जारी मानसूनी बारिश के कारण रिंबी गांव में घरों और बिजली विभाग के क्वार्टरों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि गंगटोक जिले के कई इलाकों में सड़कें और बुनियादी ढांचा चरमरा गए हैं।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/sikkim-men-musaladhara-barisha-ke-bada-bhishana-bhuskhalana-rimbi-ganva-aura-gangtok-men-bhari-tabahi-38239 · **Language:** Hindi
**Tags:** सिक्किम भूस्खलन, रिंबी गांव, गंगटोक मौसम, भारी बारिश सिक्किम, सिक्किम आपदा प्रबंधन, युक्सोम ताशीदिंग

सिक्किम के विभिन्न इलाकों में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों से अचानक गिरे विशाल मलबे और कीचड़ ने रिंबी गांव को अपनी चपेट में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा के चलते गांव में स्थित कई आवासीय मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ इमारतें पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गईं। हालांकि गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में अब तक किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं मिली है।

## रिंबी गांव में इमारतों और सरकारी परिसरों को भारी नुकसान
पश्चिम सिक्किम के युक्सोम ताशीदिंग निर्वाचन क्षेत्र में स्थित रिंबी गांव में गुरुवार 24 सितंबर को अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरक गया। ढलान से तेज गति से नीचे उतरे मलबे और बोल्डरों ने आबादी वाले क्षेत्र को सीधे प्रभावित किया। इस रास्ते में आने वाले बिजली विभाग के सरकारी आवासीय क्वार्टर और कई निजी भवन मलबे की चपेट में आकर बुरी तरह टूट गए। कई परिवार अपने आशियानों को खो चुके हैं, जबकि अन्य घरों की संरचनाएं रहने लायक नहीं बची हैं। राहत की बात यह है कि समय रहते लोग सुरक्षित स्थानों पर हट गए, जिससे कोई जनहानि दर्ज नहीं की गई।

## प्रशासन की चेतावनी और गंगटोक में नुकसान का आकलन
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मिट्टी के लगातार धंसने और नए भूस्खलन की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों का दल प्रभावित इलाकों का दौरा करके संपत्तियों, घरों और कनेक्टिविटी को पहुंचे नुकसान का व्यापक आकलन कर रहा है। कई जगहों पर जलजमाव और लगातार पानी के रिसाव के चलते खतरा अब भी बना हुआ है।

गंगटोक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने जिले भर से बारिश और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट मिलने के बाद फौरन मोर्चा संभाल लिया है। जगह-जगह सड़क धंसने, कीचड़ भरने और भारी पत्थरों के गिरने से वाहनों की आवाजाही बुरी तरह ठप हो गई है। जिले के कई महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग मलबे के कारण पूरी तरह बंद पड़े हैं।

## विधायक के नेतृत्व में बहु-एजेंसी टीम का दौरा
आपदा की गंभीरता को देखते हुए काबी टिंगडा के विधायक शेरिंग टी भूटिया के नेतृत्व में एक संयुक्त बहु-एजेंसी टीम ने प्रभावित इलाकों का जमीनी दौरा किया। इस टीम में विधायक के ओएसडी, स्थानीय पार्षद, डीडीएमए के वरिष्ठ अधिकारी, सड़क एवं पुल विभाग के इंजीनियर, रांका ब्लॉक विकास अधिकारी और राजस्व सर्वेक्षक शामिल थे। अधिकारियों की टीम ने बुधवार और गुरुवार को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि बोजोगरी, लोअर बोजोगरी, लिंगडिंग, हाई कोर्ट रोड, टीएनए गेट, वीआईपी कॉलोनी और अपर जेड क्षेत्रों में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। इन सभी रिहायशी और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी मात्रा में मलबा जमा हो चुका है और कई घरों की नींव को खतरा पैदा हो गया है। टीम ने भूस्खलन की जद में आए बुनियादी ढांचे की तकनीकी जांच भी की।

## सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर मंडराया संकट
भूस्खलन का असर सार्वजनिक उपयोगिताओं पर भी व्यापक रूप से देखा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सिचेय स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे सीवेज प्रबंधन प्रणाली प्रभावित होने का अंदेशा है। इसके अलावा एन्चेय स्कूल के पास स्थित 33/11 केवी स्विचिंग स्टेशन के करीब भारी मलबा जमा हो गया है, जिससे बिजली आपूर्ति तंत्र पर गंभीर जोखिम पैदा हो गया है।

सड़क एवं परिवहन नेटवर्क को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए मशीनें तैनात की गई हैं, लेकिन कई हिस्सों में अब भी आवागमन ठप है। एहतियाती कदम के तौर पर भूस्खलन संभावित ढलानों पर बारिश का पानी जमीन में रिसने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर तिरपाल बिछाए गए हैं, ताकि मिट्टी और ज्यादा ढीली न पड़े।

## प्रशासन के निर्देश और नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी
गंगटोक के जिला कलेक्टर और डीडीएमए अध्यक्ष ने सभी संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर मलबा हटाने, टूटे मार्गों को फिर से शुरू करने और प्रभावित नागरिकों को तत्काल सहायता सामग्री वितरित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सुरक्षित स्थानों पर ठहराव की व्यवस्था भी की जा रही है।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से पूरी तरह बचें। विशेष रूप से रात के समय यात्रा न करने की सख्त सलाह दी गई है, क्योंकि अंधेरे में ढलानों से गिरते पत्थरों को देखना संभव नहीं होता। अस्थिर ढलानों के आसपास रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने को कहा गया है। जमीन में नई दरारें दिखने, ढलान में हलचल महसूस होने या छोटे पत्थरों के गिरने पर तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचित करने की हिदायत दी गई है।

## इसका आप पर असर
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सामान्य जनजीवन, यात्रा मार्ग और आवश्यक नागरिक सेवाओं पर सीधा असर पड़ा है।

- **भारत में:** पहाड़ी पूर्वोत्तर राज्यों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और माल ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्टरों को अचानक भूस्खलन के कारण लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सिक्किम के संवेदनशील मार्गों पर यात्रा से पहले मौसम और मार्ग की स्थिति की जानकारी लेकर ही घर से निकलें।
- **सिक्किम में:** पश्चिम सिक्किम के रिंबी और गंगटोक जिले के बोजोगरी, सिचेय और लिंगडिंग जैसे क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रहने और रात के समय यात्रा से पूरी तरह बचने के निर्देश दिए गए हैं। सीवेज प्लांट और बिजली सबस्टेशन के पास मलबा जमा होने से आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है।
- **संपर्क और परिवहन पर:** कई मुख्य संपर्क मार्गों पर मलबा आने के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को वैकल्पिक सुरक्षित रास्तों का इस्तेमाल करने और प्रशासन के क्लीयरेंस का इंतजार करने की सलाह दी गई है।
- **आवासीय सुरक्षा पर:** ढलानों के किनारे बने मकानों में रहने वाले लोगों को अपनी जमीन या दीवारों पर नई दरारें दिखने पर तुरंत घर खाली करने और प्रशासन को सूचित करने को कहा गया है। प्रशासन की तरफ से प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय और राहत सामग्री का प्रबंध किया जा रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों में कई दिनों से हो रही अनवरत बारिश ने मिट्टी की पकड़ को कमजोर कर दिया, जिससे रिंबी और गंगटोक के कई संवेदनशील ढलानों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हुई।

- **लगातार मूसलाधार बारिश:** क्षेत्र में बीते कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही थी, जिससे पहाड़ी मिट्टी में पानी का रिसाव अत्यधिक बढ़ गया और चट्टानों का संतुलन बिगड़ गया। पानी के भारी दबाव और भार के कारण ऊपरी ढलानों की मिट्टी और बोल्डर नीचे की तरफ फिसलने लगे।
- **पहाड़ी ढलानों की अस्थिरता:** रिंबी और गंगटोक के ऊंचाई वाले इलाकों में तीव्र ढलानें हैं, जो अत्यधिक मानसूनी बारिश के दौरान जल्दी ढीली पड़ जाती हैं। यही वजह है कि पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे स्थित बस्तियों और मुख्य सड़कों पर आ गिरा।
- **बुनियादी ढांचे पर प्रभाव और जांच:** पानी के प्राकृतिक बहाव में रुकावट और रिसाव के चलते सड़कें, सीवेज प्लांट और स्विचिंग स्टेशन के पास मलबा जमा हो गया। गंगटोक जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल वर्तमान में मिट्टी के कटाव और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान की विस्तृत तकनीकी समीक्षा कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. सिक्किम के किस गांव में भारी भूस्खलन हुआ है?
पश्चिम सिक्किम के युक्सोम ताशीदिंग निर्वाचन क्षेत्र में स्थित रिंबी गांव में भारी भूस्खलन हुआ है।

### 2. क्या इस आपदा में किसी के हताहत होने की खबर है?
प्रशासन के अनुसार अभी तक इस भूस्खलन में किसी भी व्यक्ति के मारे जाने या घायल होने की खबर नहीं है।

### 3. रिंबी गांव में किन संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है?
भूस्खलन के मलबे से कई आवासीय घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टरों को भी भारी नुकसान हुआ है।

### 4. गंगटोक जिले के कौन से क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं?
बोजोगरी, लोअर बोजोगरी, लिंगडिंग, हाई कोर्ट रोड, टीएनए गेट, वीआईपी कॉलोनी और अपर जेड इलाकों में गंभीर नुकसान देखा गया है।

### 5. नागरिक बुनियादी ढांचे में किन सुविधाओं पर खतरा मंडरा रहा है?
सिचेय स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट क्षतिग्रस्त हुआ है और एन्चेय स्कूल के पास 33/11 केवी स्विचिंग स्टेशन के करीब मलबा जमा होने से खतरा बना हुआ है।

### 6. प्रशासन ने लोगों को क्या सुरक्षा निर्देश दिए हैं?
अधिकारियों ने गैर-जरूरी यात्रा से बचने, रात में सफर न करने और ढलानों पर दरारें या हलचल दिखने पर तुरंत सूचना देने की सलाह दी है।

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