सिरसा के देसूजोधा गांव में पीलिया का प्रकोप, 216 संदिग्ध मरीज मिले और दो बहनें एम्स व डीएमसी रेफर हरियाणा के सिरसा जिले के देसूजोधा गांव में दूषित पेयजल आपूर्ति के चलते हेपेटाइटिस-ए के 216 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। गंभीर रूप से बीमार दो युवतियों को एम्स बठिंडा और लुधियाना रेफर किया गया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग स्थिति से निपटने में जुटा है। हरियाणा के सिरसा जिले के एक ग्रामीण इलाके में गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है, जहां दूषित पानी की सप्लाई के कारण हेपेटाइटिस-ए यानी पीलिया के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। देसूजोधा गांव के भीतर पिछले कुछ दिनों से लोग लगातार इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि कई गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों के बड़े चिकित्सा संस्थानों में भेजना पड़ा है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति के लिए प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं और शुद्ध पेयजल की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया है। गंभीर हालत में एम्स और लुधियाना रेफर बीमारी की चपेट में आने वालों में दो युवतियों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें तुरंत उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया। इनमें से एक मलकीत सिंह की 21 वर्षीय बेटी प्रभजोत हैं, जिन्हें एम्स बठिंडा में भर्ती कराया गया है। वहीं दूसरी मरीज कुलदीप सिंह की 18 वर्षीय बेटी प्रीत कौर हैं, जिन्हें इलाज के लिए दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लुधियाना ले जाया गया है। इसके अलावा जसमीत कौर, हरप्रीत कौर, गोपी, मनप्रीत कौर, राजकरण और गुरनूर समेत कई अन्य ग्रामीण भी सिरसा, डबवाली, बठिंडा, लुधियाना और रामा मंडी के अलग-अलग अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। दूषित पेयजल और पाइपलाइन का रिसाव गांव के सरपंच चरनजीत सिंह और अन्य निवासियों का कहना है कि यह पूरा संकट पेयजल की नई पाइपलाइन बिछाए जाने के दौरान हुई लापरवाही का नतीजा है। ग्रामीणों के अनुसार, नई लाइन में लीकेज होने के कारण घरों तक पहुंचने वाले पानी में दूषित पदार्थ मिल गए। बीते एक हफ्ते के दौरान यह समस्या धीरे-धीरे विकराल होती गई और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। जब स्वास्थ्य जांच कराई गई तो पता चला कि यह संक्रमण हेपेटाइटिस-ए का रूप ले चुका है। स्वच्छ पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार रोष भी प्रकट किया। स्वास्थ्य विभाग की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और पिछले पांच दिनों के भीतर गांव में कुल 540 लोगों के सैंपल एकत्र किए। इनमें से 216 लोगों में हेपेटाइटिस-ए के संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं, जिनमें से 45 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भर्ती मरीजों में पांच साल तक की उम्र के दो बच्चे, 18 साल तक की उम्र के 26 मरीज और 60 साल तक की उम्र के 17 मरीज शामिल हैं। इन 45 मरीजों में 30 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। हालात की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन की एक टीम ने शनिवार को देसूजोधा गांव का मुआयना किया और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि साफ पानी की आपूर्ति बहाल की जाएगी तथा सभी प्रभावितों के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन द्वारा उठाया जाएगा। इसका आप पर असर • भारत में: दूषित पेयजल से होने वाले जलजनित रोगों के प्रति सभी स्थानीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति की गुणवत्ता की सख्त जांच की आवश्यकता को रेखांकित करता है। • सिरसा में: देसूजोधा गांव और आसपास के प्रभावित इलाकों के लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने तक उबला हुआ पानी पीने और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मेडिकल गाइडलाइन का पालन करने की सलाह दी जाती है। सवाल-जवाब 1. सिरसा के किस गांव में पीलिया का प्रकोप फैला है? हरियाणा के सिरसा जिले के देसूजोधा गांव में हेपेटाइटिस-ए यानी पीलिया का प्रकोप फैला है। 2. कितने लोगों में बीमारी के संदिग्ध लक्षण मिले हैं? स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए 540 नमूनों में से 216 लोगों में बीमारी के संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं। 3. गंभीर रूप से बीमार दो युवतियों को कहां रेफर किया गया है? प्रभजोत कौर को एम्स बठिंडा और प्रीत कौर को दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लुधियाना रेफर किया गया है। 4. पीलिया फैलने का मुख्य कारण क्या बताया गया है? ग्रामीणों और सरपंच के अनुसार, नई बिछाई गई पाइपलाइन में रिसाव होने के कारण घरों में दूषित पानी की आपूर्ति हुई थी। 5. अस्पताल में भर्ती मरीजों में कितने बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं? भर्ती 45 मरीजों में पांच वर्ष तक की उम्र के 2 बच्चे, 18 वर्ष तक के 26 मरीज और 60 वर्ष तक की उम्र के 17 मरीज शामिल हैं। https://trendkia.com/national/sirsa-ke-desujodha-gaon-mein-piliya-ka-prakop-216-sandigdh-mariyad-mile-15523 TrendKia — Har trend, sabse pehle.