# दिल्ली और नोएडा में प्रदूषण और धुंध का असर, तापमान में भी आएगी गिरावट

> दिल्ली-एनसीआर में नवंबर से पहले ही ठंड ने दस्तक दे दी है और न्यूनतम तापमान में गिरावट आने लगी है। इसके साथ ही बढ़ते प्रदूषण और स्मॉग ने चिंता बढ़ा दी है, हालांकि आने वाले दिनों में मौसम बदलने की संभावना है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/smog-and-pollution-blanket-delhi-ncr-as-temperature-drop-looms-52414 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली मौसम, एनसीआर प्रदूषण, मौसम विभाग, एक्यूआई दिल्ली, स्मॉग चेतावनी

दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज अब तेजी से बदलने लगा है। आधिकारिक तौर पर नवंबर का महीना शुरू होने से पहले ही सुबह और शाम के वक्त हल्की गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है। अभी तक तापमान में आ रही गिरावट मुख्य तौर पर रात और सुबह के समय न्यूनतम तापमान तक ही सीमित थी, लेकिन अब मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज की जाने वाली है। 28 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हो सकता है। यह सामान्य तापमान से लगभग एक या दो डिग्री कम है, जिससे लोगों को ठंडक का अहसास और अधिक स्पष्ट रूप से हो रहा है।

## आसमान में छाए रहेंगे बादल और धुंध का प्रकोप
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 28 अक्टूबर की दोपहर या शाम के वक्त आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, हालांकि राहत की बात यह है कि बारिश होने की कोई दूर-दूर तक संभावना नहीं है। सुबह के शुरुआती घंटों में प्रदूषण के भारी स्तर के कारण पूरे इलाके में धुंध और स्मॉग की चादर छाई रही, जिसने मौसम को काफी धुंधला बना दिया है। इस मौसमी स्थिति के कारण धूप की तपिश कम महसूस होगी और तापमान में आई गिरावट का सीधा असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि न्यूनतम और अधिकतम तापमान का यह स्तर औसत से नीचे बना हुआ है, जिससे ठंड के आगमन की रफ्तार थोड़ी तेज हो गई है।

## प्रदूषण का बढ़ता स्तर और हवा की खराब गुणवत्ता
बढ़ता हुआ प्रदूषण इस समय दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार 27 अक्टूबर को दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 197 के आसपास दर्ज किया गया था जो कि मध्यम श्रेणी के अंतर्गत आता है। हालांकि शहर के कई अलग-अलग हिस्सों में बने निगरानी केंद्रों पर स्थिति इससे भी बदतर नजर आई और वहां एक्यूआई सीधे खराब श्रेणी में पहुंचकर 250 से 280 के उच्च स्तर तक दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार खराब श्रेणी में बनी हुई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय प्रदूषण के मुख्य कारणों में सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों से निकलने वाला जहरीला धुआं और स्थानीय स्तर की अन्य गतिविधियां मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।

## स्मॉग और कम दृश्यता के बीच स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी
आज यानी 28 अक्टूबर को सुबह के समय छाई हल्की धुंध और स्मॉग के कारण दृश्यता पर भी साफ असर पड़ा है, जिससे आवागमन में लोगों को थोड़ी परेशानी उठानी पड़ी। भारत मौसम विज्ञान विभाग और वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुमान के अनुसार आज हवा की गुणवत्ता के एक बार फिर खराब श्रेणी में फिसलने की पूरी आशंका है। हवा की रफ्तार काफी कम रहने और प्रदूषक तत्वों के वायुमंडल में फैलने की क्षमता सीमित होने की वजह से स्मॉग की यह गंभीर स्थिति आने वाले समय में और अधिक विकट हो सकती है। इस बिगड़ते हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम वैज्ञानिकों ने संवेदनशील लोगों, छोटे बच्चों तथा बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सलाह दी गई है कि ऐसे लोग बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें और यदि बाहर जाना पड़े तो मास्क का उपयोग जरूर करें ताकि जहरीली हवा से बचा जा सके।

## अगले दो दिनों में मौसम में बदलाव के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों यानी 29 और 30 अक्टूबर के दौरान मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से क्षेत्र में हल्की बारिश होने और साथ ही गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना है, जिससे तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस बारिश के होने से शहर के प्रदूषण के स्तर में कुछ हद तक सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि बारिश प्रदूषक कणों को जमीन पर बैठा देती है। हालांकि फिलहाल मौजूदा समय में साफ आसमान रहने के बावजूद प्रदूषण की भारी चुनौती दिल्ली और नोएडा के लोगों के सामने जस की तस बनी हुई है और हर कोई राहत का इंतजार कर रहा है।

## इसका आप पर असर
दिल्ली और नोएडा में बढ़ते प्रदूषण और गिरते तापमान का सीधा असर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

- **दिल्ली-एनसीआर में:** हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के कारण वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, जिससे सांस के मरीजों को दिक्कत हो रही है। बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील लोगों को बाहर निकलते समय सावधानी बरतने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
- **तापमान में गिरावट:** न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस रहने से ठंड का अहसास बढ़ने लगा है। सुबह के समय छाई धुंध और स्मॉग के कारण दृश्यता कम हो गई है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
दिल्ली और एनसीआर के मौसम में आए इस बदलाव और प्रदूषण के बढ़ने के पीछे कई मौसमी तथा स्थानीय कारण जिम्मेदार हैं।

- **स्थानीय गतिविधियां और वाहन:** वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय प्रदूषण के मुख्य स्रोतों में वाहनों से निकलने वाला धुआं और स्थानीय स्तर की अन्य गतिविधियां शामिल हैं, जो हवा को लगातार गंदा कर रही हैं।
- **हवा की कम गति:** कम हवा की गति और प्रदूषक तत्वों के वायुमंडल में फैलने की सीमित क्षमता के कारण स्मॉग की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
- **पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव:** मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से तापमान में और गिरावट आ सकती है और हल्की बारिश हो सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली-एनसीआर में आज न्यूनतम तापमान कितना रहने का अनुमान है?
आज न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

### 2. आज अधिकतम तापमान कितना दर्ज किया जा सकता है?
आज अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

### 3. दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक किस श्रेणी में दर्ज किया गया?
दिल्ली का एक्यूआई मध्यम से खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है, जहां कुछ निगरानी केंद्रों पर यह 250 से 280 तक पहुंच गया था।

### 4. क्या आज बारिश होने की कोई संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है।

### 5. प्रदूषण के बढ़ने का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
वैज्ञानिकों के अनुसार वाहनों से निकलने वाला धुआं और स्थानीय गतिविधियां प्रदूषण के मुख्य स्रोत हैं।

### 6. किन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है?
संवेदनशील लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को बाहरी गतिविधियों में सावधानी बरतने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है।

### 7. आने वाले दिनों में मौसम में क्या बदलाव हो सकता है?
अगले दो दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ तापमान में और गिरावट आ सकती है।

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