# संयुक्त राष्ट्र में शहबाज शरीफ के दावों की हवा निकालने वाली भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत की पूरी कहानी

> संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के बयानों का जोरदार जवाब देने वाली भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत अपनी तेजतर्रार कूटनीति और मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के चलते चर्चा में हैं।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/snyukta-rashtra-men-shehbaz-sharif-ke-davon-ki-hava-nikalane-vali-bharatiya-rajanayika-petal-gahlot-ki-puri-kahani-38828 · **Language:** Hindi
**Tags:** पेटल गहलोत, संयुक्त राष्ट्र, भारत पाकिस्तान, शहबाज शरीफ, भारतीय राजनयिक, विदेश मंत्रालय, राइट टू रिप्लाई

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर जब भी पाकिस्तान की तरफ से अनर्गल बयानबाजी की जाती है, भारत का राजनयिक दल तथ्यों के साथ उसका मुंहतोड़ जवाब देता है। महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण के बाद भारत ने अपने राइट टू रिप्लाई अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पड़ोसी देश के दोहरे रवैये को बेनकाब किया। इस कूटनीतिक मोर्चे पर भारत का पक्ष रखने की जिम्मेदारी प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने संभाली। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पटल पर बेहद सधे हुए और आक्रामक अंदाज में पाकिस्तान के दावों की हकीकत दुनिया के सामने रखी।

## संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन के दौरान सिंधु जल समझौते और अन्य द्विपक्षीय मसलों को लेकर बयानबाजी की थी। भारत की ओर से जवाब देते हुए राजनयिक पेटल गहलोत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर घेरा। 26 सितंबर 2026 को दिए अपने संबोधन में उन्होंने दुनिया को याद दिलाया कि 9/11 आतंकी हमलों का मुख्य षड्यंत्रकारी ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की प्रमुख सैन्य अकादमी के ठीक पास शरण लिए हुए था। उन्होंने इस्लामाबाद पर आतंकी संगठनों को खुला संरक्षण देने, धार्मिक कट्टरता फैलाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोगलापन दिखाने का सीधा आरोप लगाया।

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यह पहला मौका नहीं था जब पेटल गहलोत ने महासभा में पाकिस्तान के झूठे नैरेटिव को ध्वस्त किया हो। इससे पहले सितंबर 2025 में भी उन्होंने राइट टू रिप्लाई के तहत पाकिस्तानी दावों का जोरदार खंडन किया था। उस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया था कि सैन्य टकराव रोकने के लिए पाकिस्तानी फौज ने स्वयं भारत से संघर्षविराम की गुहार लगाई थी। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के कथित जीत के दावों पर तंज कसते हुए टिप्पणी की थी कि यदि बर्बाद रनवे और खाक हुए हैंगर जीत का प्रतीक लगते हैं, तो पाकिस्तान इस भ्रम में खुश रह सकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच के तमाम अनसुलझे मुद्दे केवल द्विपक्षीय बातचीत से हल होंगे और इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई गुंजाइश नहीं है।

## कौन हैं भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत
पेटल गहलोत भारत की एक बेहद काबिल और अनुभवी राजनयिक हैं। वर्तमान में वह न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने जुलाई 2023 में न्यूयॉर्क मिशन में यह अहम जिम्मेदारी संभाली थी। संयुक्त राष्ट्र में तैनाती से पहले उन्होंने विदेश मंत्रालय के यूरोप वेस्ट डिवीजन में अंडरसेक्रेट्री के रूप में महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व निभाए हैं। इसके अतिरिक्त वह पेरिस और सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय राजनयिक मिशनों में भी विभिन्न पदों पर कार्य कर चुकी हैं।

## मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि और संगीत में रुचि
कूटनीति के गलियारों में अपनी धारदार शैली के लिए पहचानी जाने वाली पेटल गहलोत का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी काफी शानदार रहा है। उन्होंने मुंबई के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और फ्रेंच साहित्य में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में परास्नातक यानी मास्टर्स की डिग्री हासिल की। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भाषाओं के महत्व को देखते हुए उन्होंने अमेरिका के मिडिलबरी इंस्टीट्यूट से लैंग्वेज इंटरप्रिटेशन और ट्रांसलेशन में भी मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की।

गंभीर कूटनीतिक जिम्मेदारियों के बीच पेटल गहलोत कला और संगीत के प्रति भी गहरा लगाव रखती हैं। वह एक कुशल गिटार वादक हैं और अपने खाली समय में संगीत साधना करती हैं। 20 मार्च 2025 को अंतरराष्ट्रीय फ्रैंकोफोनी दिवस के अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ला वी एन रोज गीत का एक विशेष फ्यूजन प्रस्तुत करते हुए वीडियो साझा किया था। बहुमुखी प्रतिभा की धनी यह युवा राजनयिक वैश्विक मंच पर नए भारत की प्रखर और अडिग आवाज बनकर उभरी हैं।

## इसका आप पर असर
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की प्रखर कूटनीति से देश की विदेश नीति और वैश्विक साख पर सीधा असर पड़ता है।

- **वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति:** अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तथ्यपरक जवाब देने से सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का पक्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होता है। इससे वैश्विक बिरादरी में भारत की कूटनीतिक विश्वसनीयता लगातार बढ़ती है।
- **द्विपक्षीय वार्ता का सिद्धांत:** संयुक्त राष्ट्र में भारत द्वारा तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को खारिज करने से शिमला समझौते और द्विपक्षीय बातचीत के बुनियादी सिद्धांत की पुष्टि होती है। इससे किसी भी बाहरी दखल की संभावनाओं पर पूर्ण विराम लगता है।
- **युवा प्रतिभाओं के लिए अवसर:** युवा राजनयिकों की प्रभावी भूमिका से भारतीय प्रशासनिक और विदेश सेवा की कार्यप्रणाली के प्रति युवाओं का आकर्षण बढ़ता है। यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने में नई पीढ़ी पूरी तरह सक्षम है।
- **कूटनीतिक विमर्श की दिशा:** सोशल मीडिया और वैश्विक मीडिया में ऐसे बयानों से भारत के सुरक्षा सरोकारों को व्यापक जनसमर्थन मिलता है। इससे देशवासियों को राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े मसलों पर स्पष्ट जानकारी मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी नेतृत्व द्वारा भारत विरोधी बयानों के बाद भारत द्वारा अपने विधिक प्रत्युत्तर अधिकार का प्रयोग करने के कारण सामने आया।

- **पाकिस्तानी भाषण का तात्कालिक कारण:** पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में सिंधु जल समझौते और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों को उठाकर भारत पर आरोप लगाए थे। इसके जवाब में भारत ने नियमों के तहत राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड दुरुस्त किया।
- **आतंकवाद पर पुराना रिकॉर्ड:** भारत ने वैश्विक मंच पर याद दिलाया कि ओसामा बिन लादेन जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी पाकिस्तान में सैन्य प्रतिष्ठानों के निकट सुरक्षित ठिकाना पाए हुए थे। इस पृष्ठभूमि के जरिए भारत ने आतंकवाद पर पाकिस्तान के दावों के अंतर्विरोध को उजागर किया।
- **द्विपक्षीय मामलों का अंतरराष्ट्रीयकरण रोकने की रणनीति:** पाकिस्तान बार-बार कश्मीर और अन्य द्विपक्षीय मसलों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की कोशिश करता रहा है। भारत हर बार त्वरित और तथ्यपरक जवाब देकर यह स्पष्ट करता है कि इन मुद्दों में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।

## सवाल-जवाब

### 1. पेटल गहलोत कौन हैं?
पेटल गहलोत एक भारतीय राजनयिक हैं, जो वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव के रूप में कार्यरत हैं।

### 2. पेटल गहलोत ने न्यूयॉर्क में अपना पद कब संभाला था?
उन्होंने जुलाई 2023 में न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन में प्रथम सचिव की जिम्मेदारी संभाली थी।

### 3. संयुक्त राष्ट्र में पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को लेकर क्या मुख्य बातें कहीं?
उन्होंने याद दिलाया कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सैन्य अकादमी के पास छिपा था और पाकिस्तान आतंकवाद, दोहरे रवैये तथा धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देता है।

### 4. पेटल गहलोत की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज मुंबई, लेडी श्रीराम कॉलेज और अमेरिका के मिडिलबरी इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा प्राप्त की है।

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