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  "type": "article",
  "title": "सोनम वांगचुक के संस्थान HIAL को लद्दाख प्रशासन ने भेजा सख्त कानूनी नोटिस, स्कूल संचालन पर जताई आपत्ति",
  "summary": "लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक के संस्थान HIAL को अदालती आदेशों के तहत यथास्थिति बनाए रखने और बिना मंजूरी स्कूल न चलाने का कानूनी नोटिस जारी किया है.",
  "content": "पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के संस्थान हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) को स्थानीय केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने एक औपचारिक कानूनी नोटिस भेजा है. इस आधिकारिक कदम के बाद प्रशासन और वांगचुक के बीच चल रहा गतिरोध एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है. नोटिस में संस्थान प्रबंधन को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में विचाराधीन कानूनी कार्यवाही को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल न हो.\n\nडेजर्ट फ्लावर स्कूल के संचालन पर उठा विवाद\nइस पूरे प्रशासनिक विवाद का मुख्य केंद्र संस्थान परिसर में संचालित हो रहा डेजर्ट फ्लावर स्कूल है. प्रशासन का कहना है कि संस्थान को दी गई जमीन के आवंटन को निरस्त किए जाने की याचिका इस समय उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है. इस कानूनी स्थिति के बावजूद, संबंधित विभागों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र और वैधानिक स्वीकृतियां लिए बिना ही स्कूल का दैनिक संचालन जारी रखा जा रहा था, जिस पर प्रशासन ने कड़ा ऐतराज दर्ज कराया है.\n\nसीईओ गीतांजलि जे. आंगमो को मिला नोटिस\nप्रशासन की ओर से यह कानूनी नोटिस सीधे तौर पर HIAL की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो को प्रेषित किया गया है. नोटिस के जरिए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप संबंधित भूमि पर पूर्ण रूप से यथास्थिति (स्टेटस को) बहाल रखी जानी चाहिए. इसके अतिरिक्त संस्थान को ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी गई है, जिससे अदालत में चल रहे इस संवेदनशील मामले की सुनवाई या निर्णय पर कोई प्रतिकूल असर पड़े.\n\nइसका आप पर असर\nसंस्थान और प्रशासन के इस नए कानूनी टकराव से स्कूल में नामांकित छात्रों और स्थानीय शैक्षणिक गतिविधियों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है.\n\n• छात्रों और अभिभावकों के लिए: डेजर्ट फ्लावर स्कूल की कानूनी मान्यता और नियमित संचालन को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है. अभिभावकों को अदालत के अगले रुख और प्रशासनिक स्वीकृतियों की स्थिति पर निरंतर नजर रखनी होगी.\n• लद्दाख में: केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और स्थानीय सामाजिक-पर्यावरण कार्यकर्ताओं के बीच प्रशासनिक और कानूनी तनातनी और अधिक गहरी हो सकती है. इससे संस्थान की अन्य विकास परियोजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में प्रशासनिक अड़चनें पैदा हो सकती हैं.\n• शैक्षणिक संस्थानों के लिए: भूमि विवादों में उलझे ट्रस्टों और शैक्षणिक केंद्रों के लिए जरूरी विभागीय मंजूरियों के बिना संचालन जारी रखना कठिन हो जाएगा. सभी गैर-सरकारी संगठनों और स्कूलों को अपने वैधानिक दस्तावेजों और न्यायालयी आदेशों का पूरी तरह पालन करना पड़ेगा.\n• न्यायिक प्रक्रिया पर: उच्च न्यायालय के तहत यथास्थिति के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा. किसी भी अनधिकृत गतिविधि की स्थिति में न्यायालय की अवमानना या कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का जोखिम बढ़ जाता है.\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह कानूनी कदम तब उठाया गया जब प्रशासन ने पाया कि भूमि आवंटन निरस्तीकरण के लंबित मामले के बावजूद परिसर में बिना औपचारिक मंजूरी के स्कूल का संचालन जारी था.\n\n• जमीन आवंटन का विवाद: संस्थान की भूमि का आवंटन रद्द किए जाने की प्रक्रिया पहले से ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में चुनौती के अधीन है. प्रशासन का रुख है कि जब तक न्यायालय अंतिम फैसला नहीं सुनाता, तब तक उस भूमि पर कोई नई गतिविधि शुरू नहीं की जा सकती.\n• वैधानिक मंजूरी का अभाव: डेजर्ट फ्लावर स्कूल को संचालित करने के लिए आवश्यक विभिन्न सरकारी विभागों के अनापत्ति प्रमाण पत्र और क्लीयरेंस हासिल नहीं किए गए थे. संबंधित मंजूरियों के बिना परिसर का उपयोग जारी रखने को प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन माना.\n• अदालती यथास्थिति का निर्देश: न्यायालय के आदेश के अनुसार विवादित क्षेत्र पर यथास्थिति बनाए रखने का नियम लागू था. प्रशासन का मानना है कि स्कूल का नियमित संचालन इस अदालती निर्देश के विपरीत था और इससे लंबित मामले पर असर पड़ सकता था.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. प्रशासन ने सोनम वांगचुक के किस संस्थान को नोटिस भेजा है?\nलद्दाख प्रशासन ने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) को यह कानूनी नोटिस जारी किया है.\n\n2. इस प्रशासनिक नोटिस की मुख्य वजह क्या है?\nसंबंधित विभागों की वैधानिक मंजूरी के बिना और जमीन आवंटन के कोर्ट केस के बीच 'डेजर्ट फ्लावर स्कूल' चलाने को लेकर यह नोटिस भेजा गया है.\n\n3. यह नोटिस किसे संबोधित करके भेजा गया है?\nयह कानूनी नोटिस HIAL की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो को भेजा गया है.\n\n4. प्रशासन ने संस्थान प्रबंधन को क्या स्पष्ट निर्देश दिया है?\nप्रशासन ने कोर्ट के आदेशों के तहत जमीन पर पूरी तरह यथास्थिति बनाए रखने और केस को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचने की हिदायत दी है.",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-11-03",
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