{
  "type": "article",
  "title": "सुल्तानपुर का ऐतिहासिक घंटाघर 34 लाख रुपये से होगा हाईटेक, दुर्गा पूजा से पहले लगेंगी डिजिटल घड़ियां और फसाद लाइटें",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में ब्रिटिशकाल के प्रसिद्ध लाल पत्थर वाले घंटाघर के कायाकल्प के लिए नगर पालिका ने 34 लाख रुपये का बजट मंजूर किया है, जिसके तहत चार नई डिजिटल घड़ियां और आधुनिक फसाद लाइटिंग लगाई जाएगी।",
  "content": "उत्तर प्रदेश का सुल्तानपुर शहर अपने मध्यकालीन इतिहास के साथ-साथ ब्रिटिश शासन के दौरान बनी ऐतिहासिक इमारतों के लिए भी विशेष पहचान रखता है। शहर के ठीक बीचों-बीच स्थित लाल पत्थर का प्रसिद्ध घंटाघर वर्षों से इस ऐतिहासिक पहचान का प्रमुख केंद्र रहा है। अब नगर पालिका प्रशासन ने इस जर्जर हो चुके घंटाघर की सूरत बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। लगभग 34 लाख रुपये की लागत से इस इमारत का व्यापक जीर्णोद्धार कराया जाएगा, जिससे शहर के मुख्य चौक की रौनक पूरी तरह बदलने वाली है।\n\nस्मार्ट तकनीक से सजेगा ऐतिहासिक चौक\nलंबे समय से रखरखाव के अभाव से जूझ रहे इस घंटाघर को अब पूरी तरह आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। जीर्णोद्धार योजना के तहत इमारत में लगी पुरानी पारंपरिक घड़ियों को हटा दिया जाएगा। उनकी जगह चार नई डिजिटल घड़ियां स्थापित की जाएंगी, जो लोगों को सटीक समय बताने के साथ इमारत को नया लुक भी प्रदान करेंगी। इसके अलावा भवन की दीवारों, पत्थरों और मुख्य संरचना की आवश्यक मरम्मत का कार्य भी शुरू किया जा रहा है।\n\nलखनऊ के विशेषज्ञों की टीम ने किया निरीक्षण\nपरियोजना को धरातल पर उतारने के लिए लखनऊ से आए तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियरों और विद्युतकर्मियों के एक विशेष दल ने बृहस्पतिवार को घंटाघर का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने भवन की मौजूदा स्थिति का आकलन करते हुए प्रस्तावित कार्यों का खाका तैयार किया है। नगर पालिका प्रशासन ने पूरे काम को पूरा करने के लिए 20 सितंबर की समय सीमा निर्धारित की है। इस समय सीमा का मुख्य उद्देश्य शहर में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध दुर्गा पूजा महोत्सव और आगामी त्योहारों से पहले सौंदर्यीकरण का काम पूरा करना है।\n\nवर्ष 2007-08 के बाद पहला बड़ा जीर्णोद्धार\nघंटाघर के इतिहास और वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए नगर पालिकाध्यक्ष प्रवीन कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस ऐतिहासिक इमारत का पिछला सुंदरीकरण वर्ष 2007-08 में कराया गया था। उसके बाद से लंबे समय तक इस दिशा में कोई बड़ा काम नहीं हुआ था, जिससे इमारत की स्थिति खराब हो रही थी और घड़ियों को बदलने की जरूरत महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि नगर पालिका ने इसे प्राथमिकता पर रखते हुए काम शुरू कराया है और सभी संबंधित अधिकारियों को तय समय में काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।\n\nसंसद भवन और हावड़ा ब्रिज की तर्ज पर होगी लाइटिंग\nइमारत को रात के समय बेहद खूबसूरत और आकर्षक रूप देने के लिए अत्याधुनिक फसाद लाइटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र सरोज ने जानकारी दी कि ये विशेष लाइटें महज कुछ ही सेकंड में अपना रंग बदल सकती हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह की आधुनिक फसाद लाइटिंग का प्रयोग दिल्ली के संसद भवन, सिग्नेचर ब्रिज और कोलकाता के प्रसिद्ध हावड़ा ब्रिज पर किया गया है। जल्द ही सुल्तानपुर का यह ऐतिहासिक घंटाघर भी इन्हीं राष्ट्रीय धरोहरों की तर्ज पर रात के अंधेरे में रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण की इस तरह की पहलों से देश भर के शहरों में स्थानीय पर्यटन और नागरिक गौरव को बढ़ावा मिलता है।\n\nसुल्तानपुर में: शहर के मुख्य चौक का कायाकल्प होने से स्थानीय नागरिकों और दुर्गा पूजा महोत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को एक नया और आकर्षक माहौल देखने को मिलेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सुल्तानपुर घंटाघर के कायाकल्प के लिए कितना बजट तय किया गया है?\nनगर पालिका प्रशासन ने घंटाघर की मरम्मत, जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण के लिए लगभग 34 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया है।\n\n2. घंटाघर में कौन-कौन से मुख्य बदलाव किए जाएंगे?\nपुराने पारंपरिक घड़ियों की जगह चार नई डिजिटल घड़ियां लगाई जाएंगी, इमारत की आवश्यक मरम्मत होगी और रंग बदलने वाली आधुनिक फсад लाइटें स्थापित की जाएंगी।\n\n3. सुल्तानपुर घंटाघर का काम कब तक पूरा होगा?\nनगर पालिका ने इस काम को 20 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है ताकि दुर्गा पूजा और त्योहारों से पहले काम संपन्न हो सके।\n\n4. घंटाघर का पिछला सुंदरीकरण कब हुआ था?\nनगर पालिकाध्यक्ष प्रवीन कुमार अग्रवाल के अनुसार घंटाघर का पिछला सुंदरीकरण वर्ष 2007-08 में कराया गया था।\n\n5. घंटाघर में लगने वाली फсад लाइटिंग की क्या खासियत है?\nयह लाइटिंग कुछ ही सेकंड में अपना रंग बदल सकती है। इसी तरह की तकनीक दिल्ली के संसद भवन, सिग्नेचर ब्रिज और कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पर इस्तेमाल की गई है।",
  "url": "https://trendkia.com/national/sultanpur-ka-aitihasika-ghntaghara-34-lakha-rupaye-se-hoga-haiteka-durga-puja-se-pahale-lagengi-dijitala-ghariyan-aura-pha-laiten-22247",
  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-08-26",
  "tags": [
    "सुल्तानपुर",
    "घंटाघर सुल्तानपुर",
    "उत्तर प्रदेश समाचार",
    "नगर पालिका",
    "सौंदर्यीकरण",
    "दुर्गा पूजा"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}