# सुल्तानपुर में अमहट-गभड़िया मार्ग पर गहरे गड्ढे और जलभराव, 20 हजार से ज्यादा यात्रियों का सफर हुआ जोखिम भरा

> सुल्तानपुर शहर को राष्ट्रीय राजमार्ग 731 से जोड़ने वाली अमहट-गभड़िया सड़क खस्ताहाल हो चुकी है, जहां जलभराव और गड्ढों के कारण रोजाना गुजरने वाले हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बारिश खत्म होने के बाद पैचवर्क शुरू कराने की बात कही है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/sultanpur-men-amhat-gabhariya-marga-para-gahare-gaddhe-aura-jalabharava-20-hajara-se-jyada-yatriyon-ka-saphara-hua-jokhima-bhara-40335 · **Language:** Hindi
**Tags:** सुल्तानपुर, अमहट गभड़िया रोड, एनएच 731, सड़क गड्ढे, लोक निर्माण विभाग, सड़क मरम्मत

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर शहर को राष्ट्रीय राजमार्ग 731 से जोड़ने वाला अमहट-गभड़िया संपर्क मार्ग इस समय बेहद दयनीय स्थिति में पहुंच चुका है। पूरी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं, जिससे हर दिन इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले मुसाफिरों और चालकों को भारी जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है। यह मार्ग जिला मुख्यालय को सीधे नेशनल हाईवे से जोड़ता है, इसलिए दिन-रात यहां वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। लगातार बढ़ती टूट-फूट और प्रशासनिक अनदेखी के चलते स्थानीय नागरिकों का गुस्सा बढ़ रहा है, क्योंकि लंबे समय से की जा रही शिकायतों के बावजूद मार्ग के कायाकल्प को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

## बरसात के दिनों में जलभराव से जानलेवा साबित होते हैं गड्ढे
बारिश के मौसम में इस मार्ग की दुर्दशा चरम पर पहुंच जाती है। सड़क के गहरे गड्ढों में गंदा पानी भर जाने के कारण चालकों को उनकी वास्तविक गहराई का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं लग पाता। स्थानीय राहगीर मोहम्मद यासीन के अनुसार, सड़क के पूरी तरह टूट जाने से आवाजाही बहुत कठिन हो गई है। उन्होंने रेखांकित किया कि यह अहम सड़क सुल्तानपुर मुख्यालय को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से मिलाती है और इस पर हर रोज 20 हजार से अधिक लोग सफर तय करते हैं। जलभराव के बीच गड्ढों से बचकर निकलने की कोशिश में गाड़ियां अनियंत्रित होने लगती हैं, जिससे दोपहिया चालकों के गिरने का अंदेशा बना रहता है। कई जगहों पर जलजमाव और संकरे हो चुके रास्ते के चलते दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।

## दैनिक यात्रियों और छात्रों को सफर में लग रहा अतिरिक्त समय
अमहट-गभड़िया मार्ग सुल्तानपुर के प्रमुख संपर्क तंत्र का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है। इस सड़क से स्थानीय रहवासियों के अलावा दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोग, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, व्यापारी वर्ग और मालवाहक वाहन नियमित तौर पर निकलते हैं। बदहाल सड़क के कारण लोगों को अपने गंतव्य, कार्यस्थल या शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में सामान्य से काफी अधिक समय खर्च करना पड़ रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों से बचने के लिए उन्हें लगातार गाड़ी को इधर-उधर मोड़ना पड़ता है। अचानक दिशा बदलने के कारण सामने से तेज गति में आ रहे अन्य वाहनों से सीधी भिड़ंत होने का गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन इस मार्ग की अविलंब मरम्मत कराकर लोगों को राहत प्रदान करे।

## अधिकारियों से बार-बार गुहार, पर अब तक नहीं हुआ स्थायी समाधान
क्षेत्रीय निवासियों का स्पष्ट आरोप है कि इस मार्ग की जर्जर हालत को लेकर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई टिकाऊ हल नहीं निकाला गया। नागरिकों का कहना है कि खानापूर्ति के लिए महज कुछ गड्ढों में मलबा या गिट्टी डाल देने से समस्या नहीं सुलझेगी, बल्कि पूरी सड़क का व्यवस्थित पुनर्निर्माण जरूरी है ताकि कुछ ही महीनों में डामर दोबारा न उखड़े। वहीं दूसरी तरफ, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता का कहना है कि बरसात का दौर समाप्त होने के बाद सड़कों पर पैचिंग का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस व्यस्ततम मार्ग को गड्ढामुक्त कर हजारों राहगीरों की परेशानी दूर करता है।

## इसका आप पर असर
अमहट-गभड़िया संपर्क मार्ग की जर्जर हालत के चलते सुल्तानपुर शहर और हाईवे के बीच आवागमन करने वाले हजारों मुसाफिरों की दैनिक दिनचर्या और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है।

- **उत्तर प्रदेश भर में:** अंतर-जिला और राज्य स्तरीय हाईवे से जुड़ने वाली संपर्क सड़कों के टूटने से माल ढुलाई और लंबी दूरी के सड़क परिवहन में अप्रत्याशित देरी होती है। इससे वाहनों के कलपुर्जों की टूट-फूट बढ़ती है और व्यावसायिक आपूर्ति चक्र प्रभावित होता है।
- **सुल्तानपुर में:** अमहट-गभड़िया मार्ग से रोजाना गुजरने वाले 20 हजार से अधिक स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना पड़ रहा है। गड्ढों और जलभराव के कारण दोपहिया चालकों के चोटिल होने तथा वाहनों के क्षतिग्रस्त होने का निरंतर खतरा बना हुआ है।
- **यात्रा का समय:** सड़क पर बार-बार दिशा बदलने और गति धीमी रखने की मजबूरी से सामान्य यात्रा अवधि में काफी इजाफा हो रहा है। विशेष रूप से व्यस्त घंटों के दौरान लोगों को स्कूल और दफ्तर पहुंचने में गंभीर देरी का सामना करना पड़ता है।
- **सड़क सुरक्षा:** पानी भरे गड्ढों से बचने के चक्कर में सामने से आने वाले वाहनों से आमने-सामने की टक्कर का अंदेशा बढ़ गया है। बरसात के दिनों में गड्ढों की गहराई छिप जाने से रात के समय यात्रा करना बेहद असुरक्षित साबित हो रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
अमहट-गभड़िया मार्ग की वर्तमान बदहाली सड़क पर लगातार भारी वाहनों के अत्यधिक दबाव और मानसूनी बारिश के जलजमाव के कारण हुई है, जिस पर लंबे समय से आवश्यक रखरखाव कार्य नहीं किया गया।

- **अत्यधिक यातायात का दबाव:** यह संपर्क मार्ग सुल्तानपुर जिला मुख्यालय को राष्ट्रीय राजमार्ग 731 से जोड़ता है, जिस पर प्रतिदिन 20 हजार से अधिक लोग और भारी वाहन आवाजाही करते हैं। नियमित भार की तुलना में सड़क की संरचनात्मक क्षमता कमजोर पड़ने से डामर की ऊपरी परत तेजी से उखड़ गई।
- **जल निकासी की कमी और बारिश:** मानसूनी बारिश का पानी सड़क पर जमा होने से डामर और गिट्टी की पकड़ ढीली पड़ गई। जलनिकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण गड्ढों में लगातार पानी भरा रहा, जिसने मामूली दरारों को बड़े गड्ढों में तब्दील कर दिया।
- **अस्थायी मरम्मत पर निर्भरता:** स्थानीय निवासियों के अनुसार पूर्व में की गई शिकायतों के बाद भी विभाग द्वारा कोई स्थायी सुदृढ़ीकरण नहीं कराया गया। केवल कामचलाऊ भराई किए जाने से अगली बारिश में सामग्री बह गई और मार्ग पुनः खस्ताहाल हो गया।
- **मानसून के बाद का आश्वासन:** लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट किया है कि लगातार बारिश के दौरान डामरीकरण संभव नहीं होता, इसलिए बरसात खत्म होने के बाद ही पैचिंग और मरम्मत का कार्य शुरू किया जा सकेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. सुल्तानपुर में कौन सी सड़क बदहाल स्थिति में है?
सुल्तानपुर शहर को राष्ट्रीय राजमार्ग 731 से जोड़ने वाली अमहट-गभड़िया रोड इस समय गड्ढों और जलभराव के कारण बदहाल है।

### 2. इस मार्ग से प्रतिदिन कितने लोग आवागमन करते हैं?
स्थानीय राहगीर के अनुसार इस मार्ग से रोजाना 20 हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है।

### 3. बारिश के दिनों में वाहन चालकों को क्या परेशानी होती है?
गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे वाहन असंतुलित होने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

### 4. स्थानीय नागरिकों की प्रशासन से क्या प्रमुख मांग है?
स्थानीय लोगों की मांग है कि सिर्फ गड्ढे भरने की बजाय सड़क की मजबूत और स्थायी तरीके से पूरी मरम्मत कराई जाए।

### 5. सड़क मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग का क्या कहना है?
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के अनुसार बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सड़कों के पैचिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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