सुशांत सिंह का बड़ा हमला: छात्र आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाने वालों पर पुलिस का शिकंजा छात्र आंदोलनों के नाम पर हिंसा फैलाने, पुलिस पर पथराव करने और मीडिया को निशाना बनाने वालों पर देशभर में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में राजनीति गरमा गई है और विदेशी एंगल की भी जांच जारी है। देशभर में छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनों की आड़ में हुड़दंग मचाने, हिंसा फैलाने और कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। दिल्ली से लेकर बिहार और बंगाल तक, इस तरह की हरकतों में शामिल लोगों की पहचान करके उन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों की आड़ में जो लोग कानून हाथ में ले रहे थे और पुलिसकर्मियों पर हमले कर रहे थे, उन्हें अब बख्शा नहीं जाएगा। जांच में यह बात सामने आई है कि इन प्रदर्शनों में अपराधियों तक की पैठ हो गई थी और पूरे देश में माहौल बिगाड़ने की गहरी साजिश रची जा रही थी। कोलकाता और बिहार में पुलिस की सख्त कार्रवाई कोलकाता में छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, सार्वजनिक संपत्तियों को तोड़ा गया और पुलिस के साथ-साथ मीडियाकर्मियों पर भी घातक हमले किए गए। मीडिया पर हमले के लिए भीड़ को उकसाने वाले एक मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसे नंगे पैर कोलकाता की सड़कों पर घुमाया गया। इसी तरह बिहार में भी प्रदर्शनों के दौरान जमकर हंगामा हुआ था और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया था। स्थिति से निपटने के लिए बिहार पुलिस ने डेढ़ सौ से ज्यादा उपद्रवियों की तस्वीरें प्रमुख चौराहों पर चस्पा कर दी हैं। पुलिस लगातार इनकी पहचान कर रही है और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मीडिया पर हमले और विदेशी कनेक्शन का खुलासा प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों और खासकर महिला रिपोर्टर्स को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आई थीं। दिल्ली, बिहार और बंगाल तीनों ही जगहों पर विरोध प्रदर्शनकारियों ने मीडिया को घेरकर हमले किए, जिसके विरोध में कोलकाता में पत्रकारों ने मार्च निकालकर सुरक्षा की मांग की। दूसरी ओर, महाराष्ट्र में पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों की जांच कर रही साइबर सेल ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। साइबर सेल की जांच के अनुसार, इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तान और मलेशिया से पांच सौ से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट संचालित हो रहे थे, जिनका इस्तेमाल भारत में माहौल भड़काने के लिए किया गया। असम में गिरफ्तारियां और सोशल मीडिया पर शिकंजा असम के गुवाहाटी में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ नारे लगाए जाने के मामले में SFI के छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस इस मामले में विदेशी फंडिंग के एंगल से भी गहराई से जांच कर रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ किए गए सैकड़ों आपत्तिजनक तथा AI से तैयार किए गए अपमानजनक पोस्ट्स को हटवाया है। आईटी एक्ट के तहत की जा रही यह कार्रवाई यह साफ करती है कि सोशल मीडिया के जरिए देश की फिजा खराब करने की कोशिश करने वालों पर भी कानून का शिकंजा कस चुका है। सवाल-जवाब 1. छात्र आंदोलन के नाम पर हिंसा करने वालों पर कहां-कहां कार्रवाई हो रही है? दिल्ली, बिहार और बंगाल समेत देश के कई हिस्सों में छात्र आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। 2. बिहार पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ क्या कदम उठाया है? बिहार पुलिस ने हंगामा करने वाले डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की तस्वीरें चौराहों पर चस्पा की हैं और उनकी शिनाख्त कर पूछताछ की जा रही है। 3. महाराष्ट्र में साइबर सेल की जांच में क्या खुलासा हुआ है? साइबर सेल ने पाया कि प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान और मलेशिया से पांच सौ से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भारत में माहौल भड़काया जा रहा था। 4. असम में पुलिस ने कितनी गिरफ्तारियां की हैं? गुवाहाटी पुलिस ने भीड़ को उकसाने वाले नारे लगाने के आरोप में SFI के 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। https://trendkia.com/national/sushant-sinha-slams-violent-protestors-crackdown-intensifies-across-delhi-bihar-and-bengal-11076 TrendKia — Har trend, sabse pehle.