# स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में 17 घंटे चली मेगा एंटी-टेरर ड्रिल 'सुदर्शन शक्ति-V', प्रमुख स्थलों पर परखा गया सुरक्षा तंत्र

> 15 अगस्त से पहले सुरक्षा चिंताओं और खुफिया जानकारियों के बीच दिल्ली पुलिस तथा एनएसजी ने राजधानी के व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में 17 घंटे तक 'सुदर्शन शक्ति-V' नाम से संयुक्त काउंटर-टेररिज्म मॉक ड्रिल का आयोजन किया।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-08-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/svatntrata-divasa-se-pahale-delhi-men-17-ghnte-chali-mega-enti-terara-drila-sudarshan-shakti-v-pramukha-sthalon-para-parakha-gaya--15162 · **Language:** Hindi
**Tags:** सुदर्शन शक्ति V, दिल्ली पुलिस, एनएसजी, स्वतंत्रता दिवस सुरक्षा, मॉक ड्रिल, एंटी टेरर ड्रिल

देश की राजधानी में 15 अगस्त को होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के बीच सुरक्षा तंत्र को सर्वोच्च सतर्कता पर रखा गया है। लाल किले पर आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम को लेकर मिले खुफिया इनपुट्स और संभावित खतरों के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारियों को कसने के लिए एक व्यापक काउंटर-टेररिज्म अभ्यास को अंजाम दिया। 'सुदर्शन शक्ति-V' नाम से आयोजित इस विशाल मॉक ड्रिल के जरिए दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में एक साथ आतंकी हमलों जैसी जटिल परिस्थितियां बनाकर विभिन्न प्रतिक्रिया बलों के बीच तालमेल और गति की पूरी समीक्षा की गई।

## सघन अभ्यास का समय और एजेंसियों का कमांड स्ट्रक्चर
यह वृहद अभ्यास 7 अगस्त की सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुआ और अगली सुबह यानी 8 August को तड़के 4 बजे तक लगातार जारी रहा। करीब 17 घंटे तक चले इस लगातार ऑपरेशन का निर्देशन गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के तहत किया गया। पूरी ड्रिल का मुख्य समन्वय राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यदि राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर एक साथ कोई आतंकी घटना घटित होती है, तो विभिन्न बल कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं और उनके बीच सूचना साझा करने का ढांचा कितना सुदृढ़ रहता है।

## सिमुलेशन का दायरा: धमाके, बंधक संकट और जैविक-रासायनिक खतरे
'सुदर्शन शक्ति-V' के तहत राजधानी में कई तरह की आपात स्थितियों को एक साथ सिम्युलेट किया गया। शहर के अलग-अलग कोनों में आईईडी बम धमाकों की खबरें बनाई गईं, जबकि कुछ प्रमुख परिसरों में अंधाधुंध गोलीबारी और लोगों को बंधक बनाए जाने जैसे गंभीर हालात पैदा किए गए। इसके अलावा सुरक्षा बलों की आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए विमान अपहरण जैसी स्थिति और केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर तथा एक्सप्लोसिव (CBRNE) से जुड़े अत्यधिक जटिल एवं विनाशकारी खतरों का मुकाबला करने के तंत्र को भी आजमाया गया। इस दौरान देखा गया कि सूचना मिलते ही किस गति से बल अपनी-अपनी यूनिट्स को तैनात करते हैं।

## संवेदनशील इलाकों और व्यस्त परिसरों को किया गया शामिल
राजधानी के उन सभी प्रमुख स्थानों को इस मॉक ड्रिल का हिस्सा बनाया गया जहां आम जनता की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है या जो रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनमें कश्मीरी गेट आईएसबीटी, कनॉट प्लेस, नेहरू प्लेस का कमर्शियल मार्केट, सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली सचिवालय तथा जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम जैसे व्यस्त स्थान शामिल रहे। इनके साथ-साथ इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डा, वी3एस मॉल, लाल किला मेट्रो स्टेशन, संस्कृति स्कूल तथा इस्कॉन और कालकाजी जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर भी कई आपात परिदृश्यों का अभ्यास किया गया।

## एनएसजी, सेना और विशेष दस्तों का संयुक्त अभियान
इस बहु-स्तरीय मॉक ड्रिल में देश की अग्रणी नागरिक, सैन्य और आपदा राहत एजेंसियों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस की ओर से स्पेशल सेल की स्वात (SWAT) टीम, जिला पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता, ट्रैफिक पुलिस, क्राइम ब्रांच, एयरपोर्ट और मेट्रो पुलिस तथा पीसीआर वैनों को मैदान में उतारा गया। इसके साथ ही भारतीय सेना, एनएसजी के कमांडो, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी), फायर सर्विस, फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल), कैट्स एम्बुलेंस तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एक साथ मिलकर इस ऑपरेशन को पूरा किया।

## 'ऑपरेशन ऑल आउट' से 'सुदर्शन शक्ति-V' तक का सफर
दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को परखने वाला यह वार्षिक अभ्यास इस बार अपने पांचवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। शुरुआती दौर में इस सुरक्षा ड्रिल को 'ऑपरेशन ऑल आउट' के नाम से जाना जाता था, जिसे अब और अधिक व्यवस्थित करके 'सुदर्शन शक्ति' का नाम दिया गया है। इस पांचवें संस्करण के दौरान न केवल हमलावरों को बेअसर करने की क्षमता मापी गई, बल्कि बम निरोधक कार्रवाइयों, घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने वाले मेडिकल रिस्पॉन्स, आग बुझाने व बचाव कार्यों तथा मेट्रो व एयरपोर्ट जैसी विशाल सार्वजनिक प्रणालियों की त्वरित सुरक्षा बहाल करने के कौशल को भी गहराई से परखा गया।

## 15 अगस्त की सुरक्षा और अभेद्य घेराबंदी की तैयारी
प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं, जिसके चलते पूरी दिल्ली में कई स्तरों वाली सुरक्षा घेराबंदी लागू की जाती है। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक सप्ताह पहले इतने बड़े पैमाने पर अभ्यास आयोजित करने से सुरक्षा एजेंसियों को अपने कमांड, कम्युनिकेशन और रिस्पॉन्स तंत्र में रहने वाली किसी भी संभावित कमी को पहचानने और सुधारने का अवसर मिलता है। इस अभ्यास का स्पष्ट संदेश यह है कि दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियां जमीन से लेकर आसमान तक हर संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले देश की प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और आपातकालीन तैयारियों का कड़ा परीक्षण हुआ है।

**दिल्ली में:** 15 अगस्त के मद्देनजर शहर के प्रमुख बाजारों, मेट्रो स्टेशनों, हवाई अड्डे और लाल किले के आसपास सुरक्षा चेकिंग और ट्रैफिक नियम कड़े रहेंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली में 'सुदर्शन शक्ति-V' अभ्यास कितने समय तक चला?
यह एंटी-टेरर मॉक ड्रिल 7 अगस्त सुबह 10 बजे से शुरू होकर 8 अगस्त सुबह 4 बजे तक यानी कुल 17 घंटे तक लगातार चली।

### 2. इस मॉक ड्रिल का आयोजन किस उद्देश्य से किया गया?
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से पहले मिले खुफिया इनपुट्स के आधार पर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था, एजेंसियों के आपसी तालमेल और आपात प्रतिक्रिया समय को जांचने के लिए यह अभ्यास किया गया।

### 3. अभ्यास में किन-किन प्रमुख एजेंसियों ने भाग लिया?
इसमें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल स्वात (SWAT), एनएसजी (NSG), भारतीय सेना, एनडीआरएफ (NDRF), सीआईएसएफ (CISF), फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और डीएमआरसी (DMRC) सहित कई एजेंसियां शामिल थीं।

### 4. दिल्ली के किन प्रमुख स्थानों पर यह ड्रिल आयोजित की गई?
यह अभ्यास कश्मीरी गेट आईएसबीटी, कनॉट प्लेस, नेहरू प्लेस, सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली सचिवालय, आईजीआई एयरपोर्ट, लाल किला मेट्रो स्टेशन और इस्कॉन मंदिर जैसी जगहों पर हुआ।

### 5. इस काउंटर-टेरर अभ्यास का पुराना नाम क्या था?
इस वार्षिक सुरक्षा अभ्यास को पहले 'ऑपरेशन ऑल आउट' के नाम से जाना जाता था, जो अब अपने पांचवें संस्करण में 'सुदर्शन शक्ति-V' के रूप में आयोजित किया गया।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._