तमिलनाडु के 21 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, उत्तरी अंडमान सागर में बने चक्रवाती तंत्र से बदलेगा मौसम उत्तरी अंडमान सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से तमिलनाडु के 21 जिलों में जोरदार वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी चेन्नई सहित तटीय क्षेत्रों में बिजली गिरने और जलभराव का खतरा देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है। उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर विकसित हुआ कम दबाव का मौसमी तंत्र अब दक्षिण भारत के मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। इस सिस्टम की सक्रियता के चलते क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को तमिलनाडु राज्य के 21 जिलों में व्यापक स्तर पर बादलों के बरसने और कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम तंत्र के प्रभाव से पहाड़ी घाटियों से लेकर तटीय और मैदानी भूभागों तक तेज बौछारों की गतिविधियां शुरू होने जा रही हैं, जिसे देखते हुए संवेदनशील बस्तियों और ढलानों पर रहने वाले नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने का परामर्श दिया गया है। इन 21 जिलों में भारी बारिश का खतरा मौसम वैज्ञानिकों द्वारा चिन्हित किए गए क्षेत्रों में पश्चिमी घाट और मध्य तमिलनाडु से जुड़े जिले प्रमुख रूप से शामिल हैं। नीलगिरि, कोयंबटूर, डिंडीगुल, धर्मपुरी और कृष्णागिरि में बादलों की तेज गर्जना के साथ जोरदार बौछारें पड़ने के आसार हैं। इसके अतिरिक्त कावेरी डेल्टा और मध्य अंचल के पुदुक्कोट्टई, पेरम्बलुर, अरियालुर, तिरुवरूर, नागपट्टिनम और मयिलादुथुराई में भी रुक-रुक कर मूसलाधार पानी गिर सकता है। उत्तर और मध्य क्षेत्र के विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची और तिरुवन्नामलाई सहित दक्षिणी एवं पश्चिमी बेल्ट के मदुरै, शिवगंगा, तंजावुर, कुड्डालोर, तिरुपत्तूर, वेल्लोर और तिरुचिरापल्ली में भी मौसम का ऐसा ही आक्रामक रूप देखने को मिल सकता है। इन सभी जगहों पर कुछ समय के लिए बहुत तेज बारिश की आशंका बनी हुई है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने का संकट पैदा हो सकता है। चेन्नई और आसपास के शहरों में 23 और 24 सितंबर को भी असर राजधानी चेन्नई के लिए जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि सोमवार को आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम श्रेणी की वर्षा दर्ज की जाएगी। शहर तथा उसके उपनगरीय इलाकों में अचानक तेज बौछारें पड़ सकती हैं। आगे बढ़ते हुए 23 और 24 सितंबर को चेन्नई के अलावा तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट जिलों में भी मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। लगातार हो रही वर्षा से उत्तरी तटीय क्षेत्रों में कई दिनों से परेशान कर रही उमस और पसीने वाली चिपचिपी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। दूसरी ओर, बारिश के दौरान दृश्यता काफी कम रहने और सड़कों पर जलजमाव होने की संभावना के मद्देनजर वाहन चालकों को संभलकर चलने को कहा गया है। प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा परामर्श संभावित जलभराव और आपदा से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को पूरी तरह तैयार स्थिति में रहने को कहा गया है, ताकि भारी बारिश होने पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके। तूफानी पानी की निकासी वाली नालियों की सफाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ जलमग्न होने वाले स्थानों पर पानी निकालने के पंपिंग उपकरण पहले से तैनात रखने के आदेश हैं। मछुआरों और नदियों या जलाशयों के किनारे बसे ग्रामीणों से मौसम के ताजा बुलेटिन पर लगातार ध्यान देने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अलग-अलग स्थानों पर बारिश की तीव्रता भिन्न हो सकती है, इसलिए आंधी और वज्रपात के दौरान किसी भी हाल में पेड़ों या कमजोर निर्माणों के नीचे शरण न लें। इसका आप पर असर तमिलनाडु के 21 जिलों में भारी वर्षा के चलते जनजीवन, सड़क यातायात और जल निकासी व्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। • भारत में: दक्षिण भारत के तटीय मौसम में आए बदलाव से अंतरराज्यीय परिवहन और क्षेत्रीय उड़ानों के समय पर आंशिक प्रभाव पड़ सकता है। चेन्नई जाने वाले यात्री और मालवाहक परिवहन अपनी समय सारिणी देखकर ही यात्रा शुरू करें। • तमिलनाडु में: 21 चिन्हित जिलों में जलभराव और तेज गरज-चमक के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों और दैनिक कामकाजी लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षा के लिए जरूरी सामान सुरक्षित रखें और नगर निगम के पंपिंग सहायता नंबर पास रखें। • वाहन चालकों के लिए: सड़कों पर जमा पानी और अचानक कम होने वाली दृश्यता के कारण प्रमुख राजमार्गों पर दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है। चालक गति नियंत्रित रखें और भारी बारिश के दौरान वाहन को जलमग्न रास्तों पर ले जाने से बचें। • तटीय और ग्रामीण क्षेत्रों में: जलाशयों और नहरों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से स्थानीय स्तर पर कटान या जलभराव हो सकता है। मछुआरे और जलस्रोतों के पास बसे लोग मौसम की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखें और असुरक्षित जलधाराओं में न जाएं। ऐसा क्यों हुआ उत्तरी अंडमान सागर के वायुमंडल में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण हवाओं का चक्रवाती प्रवाह तेज हो गया है, जो बंगाल की खाड़ी के रास्ते तमिलनाडु तट की ओर नमी खींच रहा है। इसी मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से पूरे प्रायद्वीपीय क्षेत्र में भारी बारिश की अनुकूल परिस्थितियां तैयार हुई हैं। • सीधा कारण: उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर एक संगठित कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिससे समुद्र से भारी मात्रा में नमी का प्रवाह तमिलनाडु की ओर बढ़ रहा है। इस चक्रवाती तंत्र ने हवा में अस्थिरता पैदा कर दी है, जिससे घने बादल विकसित हो रहे हैं। • अनुकूल परिस्थितियां: उत्तरी तटीय क्षेत्रों में पहले से अत्यधिक गर्मी और नमी का माहौल बना हुआ था, जिसने बादलों के बनने की प्रक्रिया को और तेज कर दिया। जब समुद्री नम हवाएं इस गर्म वातावरण से टकराईं, तो आंधी-तूफान और गरज-चमक की तीव्रता बढ़ गई। • आगे क्या होगा: जैसे-जैसे यह कम दबाव की प्रणाली आगे की ओर खिसकेगी, 23 और 24 सितंबर को चेन्नई, कांचीपुरम और तिरुवल्लुर जैसे पड़ोसी जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश जारी रहेगी। पश्चिमी घाट के पास के इलाकों में भी रुक-रुक कर बौछारें पड़ने की संभावना है। सवाल-जवाब 1. तमिलनाडु के कितने जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है? क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार के लिए राज्य के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 2. मौसम में इस बड़े बदलाव का मुख्य कारण क्या है? उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके प्रभाव से यह मौसमी बदलाव आया है। 3. चेन्नई में बारिश का क्या पूर्वानुमान है? चेन्नई में सोमवार को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 23 और 24 सितंबर को भी मध्यम बारिश का अनुमान है। 4. 23 और 24 सितंबर को किन जिलों में मध्यम वर्षा होने की संभावना है? इन दो दिनों में चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट जिलों में मध्यम बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। 5. प्रशासन ने जलभराव से निपटने के लिए क्या दिशा-निर्देश दिए हैं? अधिकारियों को तूफानी पानी की नालियां साफ रखने, पंपिंग मशीनें तैयार रखने और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं। https://trendkia.com/national/tamil-nadu-ke-21-jilon-men-musaladhara-barisha-ka-alarta-north-andaman-sea-men-bane-chakravati-tntra-se-badalega-mausama-35677 TrendKia — Har trend, sabse pehle.