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  "title": "तिब्बत में भीषण बाढ़ के बीच फंसीं भारतीय श्रद्धालु सुनीता आहूजा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगाई एयरलिفت और एग्जिट परमिट की गुहार",
  "summary": "चीन-नेपाल सीमा के पास तिब्बत के न्यालम में आए भूकंप और हिमस्खलन के बाद आई भीषण बाढ़ में दर्जनों भारतीय कैलाश मानसरोवर श्रद्धालु फंस गए हैं। जियांगडाकांग होटल में फंसी श्रद्धालु सुनीता आहूजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चीन सरकार से बात कर रेस्क्यू या एग्जिट परमिट दिलाने की गुहार लगाई है।",
  "content": "चीन-नेपाल सीमा से सटे तिब्बत के न्यालम काउंटी में आए भीषण भूकंप और हिमस्खलन के बाद स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। इस प्राकृतिक तबाही के चलते कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकले दर्जनों भारतीय श्रद्धालु वहां फंस गए हैं। आपदा के बाद आई अचानक बाढ़ से कई स्थानीय निवासियों की जान चली गई है, जबकि अनेक भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। इसी संकट के बीच न्यालम स्थित जियांगडाकांग होटल में फंसी भारतीय श्रद्धालु सुनीता आहूजा ने एक मार्मिक वीडियो संदेश जारी कर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अविलंब सहायता की गुहार लगाई है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि चीनी अधिकारियों से बातचीत करके उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू किया जाए या स्वदेश वापसी के लिए एग्जिट परमिट उपलब्ध कराया जाए।\n\nप्राकृतिक तबाही के बाद तिब्बत में बिगड़े हालात\nतिब्बत क्षेत्र में अचानक आए शक्तिशाली भूकंप के तुरंत बाद विशाल हिमस्खलन हुआ, जिससे नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया और निचले इलाकों में भीषण बाढ़ आ गई। इस तबाही ने यातायात के सभी प्रमुख साधनों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा के तहत वहां पहुंचे भारतीय श्रद्धालु विभिन्न स्थानों पर अटक गए हैं। सुनीता आहूजा अपने पति दीपक आहूजा के साथ इस धार्मिक यात्रा पर निकली थीं। घटना से तीन दिन पहले स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण सुनीता पहाड़ से नीचे किरोग आ गई थीं। हालांकि, उनके नीचे पहुंचते ही बाढ़ का प्रकोप इतना बढ़ गया कि आगे जाने और नीचे उतरने के सभी रास्ते पूरी तरह बंद हो गए।\n\nहोटल जियांगडाकांग में बुनियादी सुविधाओं का गहरा संकट\nफिलहाल सुनीता आहूजा अन्य कई यात्रियों के साथ न्यालम काउंटी के जियांगडाकांग होटल में शरण लिए हुए हैं। अत्यधिक ऊंचाई और प्रतिकूल मौसम के कारण यात्रियों को गंभीर शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुनीता को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है और उनकी सेहत तेजी से बिगड़ रही है। इसके अतिरिक्त, होटल में खाने-पीने के राशन का स्टॉक और स्वच्छ पेयजल बहुत तेजी से समाप्त हो रहा है। स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश या सहायता जारी नहीं की गई है, जिससे फंसे हुए नागरिकों को यह समझ नहीं आ रहा कि वे किस दिशा में कदम बढ़ाएं। ऊपर से अन्य प्रभावित इलाकों से भी यात्रियों के वहां पहुंचने का सिलसिला जारी है, जिससे होटल में दबाव और अव्यवस्था और अधिक बढ़ रही है।\n\nराजनयिक हस्तक्षेप और एग्जिट परमिट की मांग\nअपनी गिरती सेहत और कठिन परिस्थितियों के बीच सुनीता आहूजा ने वीडियो के माध्यम से भारत सरकार से तत्काल कूटनीतिक दखल देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि खराब मौसम या भौगोलिक परिस्थितियों के कारण तुरंत एयरलिफ्ट या रेस्क्यू ऑपरेशन संभव नहीं है, तो भी राजनयिक माध्यमों से चीनी सरकार के साथ संपर्क साधा जाए। श्रद्धालुओं की सबसे प्रमुख मांग यह है कि उन्हें चीनी प्रशासन से एग्जिट परमिट दिलवाया जाए। एग्जिट परमिट मिलने से फंसे हुए भारतीय नागरिक अपनी निजी व्यवस्था के जरिए भी सीमा पार कर सुरक्षित भारत लौट सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फंसे यात्रियों के परिजन भी सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगा रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nइस घटना का तिब्बत यात्रा पर गए भारतीय श्रद्धालुओं, उनके परिजनों और विदेश यात्रा पर जाने वाले नागरिकों पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।\n\n• भारत में परिजनों के लिए: तिब्बत में फंसे यात्रियों के रिश्तेदार विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहकर शीघ्र निकासी की मांग कर रहे हैं।\n• कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए: प्राकृतिक आपदा के कारण इस रूट पर सभी यात्रा गतिविधियां अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई हैं।\n• सीमा पार अनुमति के लिए: आपात स्थिति में बिना एग्जिट परमिट के सीमा पार करना संभव नहीं है, जिससे राजनयिक क्लीयरेंस सबसे अहम हो गई है।\n• उच्च पर्वतीय स्वास्थ्य सुरक्षा: अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में फंसे नागरिकों को तत्काल मेडिकल सहायता और ऑक्सीजन सिलेंडर की सख्त जरूरत है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. तिब्बत में भारतीय श्रद्धालु कहाँ फंसे हुए हैं?\nभारतीय श्रद्धालु तिब्बत के न्यालम काउंटी स्थित जियांगडाकांग होटल और किरोग क्षेत्र में फंसे हुए हैं।\n\n2. सुनीता आहूजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से क्या गुहार लगाई है?\nउन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से चीन सरकार से बात कर रेस्क्यू कराने या भारत लौटने के लिए कूटनीतिक एग्जिट परमिट दिलाने की अपील की है।\n\n3. तिब्बत में बाढ़ और तबाही का क्या कारण था?\nचीन-नेपाल सीमा के पास आए भूकंप और हिमस्खलन के बाद नदियों में आई अचानक बाढ़ से यह तबाही मची।\n\n4. होटल में श्रद्धालुओं को किन मुख्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?\nश्रद्धालु सांस लेने की तकलीफ, गिरती सेहत, राशन व पीने के पानी की कमी और एग्जिट परमिट न मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं।",
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  "publishedAt": "2026-08-27",
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