आज का मौसम: बंगाल की खाड़ी में 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं, दिल्ली और पंजाब समेत कई राज्यों में भारी बारिश से गिरेगा पारा भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है और मानसून की विदाई से ठीक पहले देश के विस्तृत भूभाग पर बादलों ने अपना डेरा फिर से मजबूत कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार सत्रह सितंबर को उत्तर पश्चिम भारत से लेकर मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर के तमाम राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने वाला है। कई चुनिंदा इलाकों में बादलों की गरज और चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा मंडरा रहा है, जिसे लेकर प्रशासन और नागरिक सतर्कता बरत रहे हैं। इस झमाझम और लगातार हो रही मानसूनी बौछारों के प्रभाव से दिन के तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को लंबे समय से परेशान कर रही चिपचिपी और उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। हालांकि इसके विपरीत दक्षिण भारत के अंदरूनी इलाकों और पश्चिमी राजस्थान में बारिश के सुस्त बने रहने के कारण उमस का प्रकोप अभी भी बरकरार रह सकता है। दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के समुद्री क्षेत्रों में पैंतीस से पैंसठ किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से उठने वाले तूफानी झोंकों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र की तरफ न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में बदरा मेहरबान उत्तर भारत के मैदानी भागों तथा ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में मानसूनी तंत्र पूरी तरह से सक्रिय और असरदार दिखाई दे रहा है। मैदानी हिस्सों की बात करें तो दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के तमाम इलाकों में गरज चमक के साथ मध्यम से लेकर भारी स्तर की वर्षा होने की पूरी संभावना है। दूसरी तरफ पहाड़ी राज्यों का हाल देखें तो जम्मू कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के अनेक जिलों में व्यापक रूप से पानी बरसने और आकाशीय बिजली कड़कने का आधिकारिक अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के मोर्चे पर स्थिति यह है कि पूर्वी राजस्थान में अच्छी बारिश का दौर बदस्तूर जारी रहेगा, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से उन्नीस सितंबर के आसपास मानसून की विदाई होने के लिए पूरी तरह अनुकूल परिस्थितियां बनती हुई नजर आ रही हैं। मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में जोरदार पानी बरसने के आसार मध्य भारत के अंतर्गत पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की मजबूत संभावना जताई गई है, जबकि विदर्भ और छत्तीसगढ़ के इलाकों में छिटपुट बौछारें पड़ने से मौसम काफी सुहावना बना रहेगा। पूर्वी भारत की स्थिति पर नजर डालें तो उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का दौर मजबूती से डटा रहेगा। इसके साथ ही बिहार और झारखंड में हल्की से लेकर मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की जाएगी, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का सिलसिला लगातार बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के तमाम क्षेत्रों में गरज और चमक के साथ व्यापक रूप से पानी बरसने के आसार जताए गए हैं। पश्चिम और दक्षिण भारत के मौसम का हाल पश्चिमी तटीय क्षेत्रों की बात करें तो कोंकण और गोवा में मध्यम से लेकर भारी स्तर की बारिश की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दर्ज की जाएंगी। इसके विपरीत मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात के पूरे क्षेत्र में छिटपुट बौछारें पड़ने और आसमान में बादलों की आवाजाही लगातार बनी रहेगी। दक्षिण भारत के मोर्चे पर केरल, माहे और लक्षद्वीप में रुक रुक कर वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और आंतरिक कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की फुहारें पड़ने के पूरे आसार हैं। समुद्र में तेज उफान और हवाओं का तांडव मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक समुद्री तटों और खुले समुद्र में मौसमी हलचल बेहद तेज और खतरनाक बनी रहेगी। बंगाल की खाड़ी के उत्तरी और मध्य हिस्सों में पैंतालीस से पचपन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनके उग्र झोंके पैंसठ किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकते हैं। इसके अलावा अरब सागर के मोर्चे पर गुजरात तट से सटे उत्तर पूर्वी अरब सागर और सोमालिया तट के पास पैंतीस से पैंतालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की आशंका है और इनके झोंके पचपन किलोमीटर प्रति घंटे तक उठ सकते हैं। समुद्र में बेहद ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को इन खतरनाक इलाकों में भूलकर भी न जाने की सख्त चेतावनी जारी की गई है। इसका आप पर असर मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर रोजमर्रा की गतिविधियों, यात्रा योजनाओं और तापमान पर पड़ेगा। • भारत में: देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों में जलभराव या यातायात में बाधा आ सकती है। • दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में मध्यम से भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे आवागमन प्रभावित हो सकता है। • तटीय और समुद्री क्षेत्रों में: बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में 65 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और ऊंचे उठने वाले ज्वार के कारण मछुआरों को समुद्र में उतरने से पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। • खेती किसानी पर असर: इस मानसूनी सक्रियता से फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक पानी भरने से खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका भी बन सकती है। ऐसा क्यों हुआ देश के बड़े हिस्से में अचानक सक्रिय हुए इस मौसमी तंत्र के पीछे मानसूनी हवाओं की स्थिति और बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र मुख्य कारण हैं। • सक्रिय मानसूनी सिस्टम: उत्तर-पश्चिम से लेकर मध्य और पूर्वोत्तर भारत तक मानसूनी हवाओं का रुख फिर से मजबूत हुआ है, जिसके कारण बादलों का घनत्व बढ़ गया है। • समुद्री हलचल और हवाएं: बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से तेज हवाएं और तूफानी झोंके पैदा हो रहे हैं। • तापमान में गिरावट के कारण: बादलों की लगातार मौजूदगी और सघन बारिश के चलते सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे पारे में गिरावट दर्ज हो रही है। • मानसून की विदाई के संकेत: पश्चिमी राजस्थान जैसे कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां आकार ले रही हैं, जो इस मौसमी बदलाव के चक्र का हिस्सा हैं। सवाल-जवाब 1. आज के मौसम बुलेटिन के अनुसार देश में मुख्य बदलाव क्या है? उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है और तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आएगी। 2. दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में कैसा मौसम रहेगा? दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। 3. समुद्र में मछुआरों के लिए क्या चेतावनी जारी की गई है? बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में 35 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को समुद्र से दूर रहने को कहा गया है। 4. राजस्थान से मानसून कब विदा हो सकता है? पश्चिमी राजस्थान से 19 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। 5. पहाड़ी राज्यों में कौन सा अलर्ट जारी किया गया है? जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के कई जिलों में व्यापक वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। 6. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौसम का हाल कैसा रहेगा? पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है, जबकि विदर्भ और छत्तीसगढ़ में छिटपुट बौछारें पड़ेंगी। https://trendkia.com/national/today-weather-update-winds-at-65-km-h-in-bay-of-bengal-heavy-rains-from-delhi-and-punjab-to-madhya-pradesh-set-to-drop-temperature-32815 TrendKia — 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