# संयुक्त अरब अमीरात जाने वाले मुसाफिरों के लिए जरूरी सूचना, यात्रा से पहले अनिवार्य रूप से लें पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा

> दुबई में भारतीय मिशन ने मुसाफिरों को मेडिकल इमरजेंसी और भारी अस्पताल खर्च से बचने के लिए कैशलेस इलाज व स्वदेश वापसी कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस लेने का परामर्श दिया है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/uae-jane-vale-musaphiron-ke-lie-jaruri-suchana-yatra-se-pahale-anivarya-rupa-se-len-paryapta-svasthya-bima-52297 · **Language:** Hindi
**Tags:** संयुक्त अरब अमीरात, स्वास्थ्य बीमा, भारतीय दूतावास, दुबई यात्रा, यात्रा परामर्श, मेडिकल इंश्योरेंस

संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक अहम परामर्श सामने आया है। खाड़ी देश की उड़ान भरने से पहले अब यात्रियों को अपने पास पर्याप्त और व्यापक स्वास्थ्य बीमा रखने की हिदायत दी गई है। विदेश में अचानक तबीयत बिगड़ने या किसी अप्रत्याशित मेडिकल संकट के दौरान प्रवासियों और पर्यटकों को आने वाली भारी वित्तीय दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

## भारी अस्पताल खर्च और अचानक पैदा होने वाली परेशानियां
दुबई स्थित भारतीय राजनयिक मिशन के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं जहां भारतीय यात्रियों को गंभीर बीमारी अथवा दुर्घटना की स्थिति में लाखों रुपये के बिल भरने पड़े। संयुक्त अरब अमीरात में स्वास्थ्य सेवाएं विश्वस्तरीय हैं, लेकिन बिना बीमा के वहां अस्पताल में भर्ती होना और उपचार कराना बेहद महंगा साबित होता है। कई मौकों पर मरीजों के परिवारों को इलाज का खर्च जुटाने के लिए भारी कर्ज लेना पड़ता है या चंदा इकट्ठा करना पड़ता है। इसी संकट से बचाने के लिए मुसाफिरों को यात्रा से पूर्व ही सुरक्षा कवच तैयार रखने को कहा गया है।

## बीमा पॉलिसी में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी
जारी किए गए दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि केवल नाम मात्र का साधारण बीमा लेना ही पर्याप्त नहीं होगा। यात्रियों को ऐसी पॉलिसी चुनने की सलाह दी गई है जिसमें अस्पताल में भर्ती होते ही कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध हो, ताकि मौके पर तुरंत बड़ी रकम न चुकानी पड़े। इसके साथ ही पॉलिसी में आपातकालीन चिकित्सा निकासी और जरूरत पड़ने पर मरीज को हवाई मार्ग से सुरक्षित भारत वापस लाने का पूरा खर्च भी शामिल होना चाहिए।

## सुरक्षा प्रोटोकॉल और पूर्व परामर्शों का संदर्भ
पश्चिम एशिया के बदलते घटनाक्रम और क्षेत्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर भारतीय मिशन समय-समय पर अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी करता रहा है। इससे पहले भी क्षेत्र में उत्पन्न तनावपूर्ण हालातों के दौरान वहां रहने वाले और आने-जाने वाले भारतीयों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा स्थानीय नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य बीमा का यह नया परामर्श यात्रियों के सफर को सुरक्षित और तनावमुक्त बनाने के उद्देश्य से दिया गया है।

## इसका आप पर असर
संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा करने वाले हर भारतीय नागरिक के लिए यह परामर्श आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

- **भारत में:** यात्रा की योजना बना रहे हर नागरिक को अब टिकट और वीजा के साथ ही व्यापक ट्रेवल इंश्योरेंस खरीदना होगा। बिना बीमा के यात्रा करने पर अचानक बीमार पड़ने की दशा में पूरा परिवार गंभीर वित्तीय संकट में घिर सकता है।
- **अमीरात में:** दुबई या अबू धाबी जैसे शहरों में पहुंचने वाले आगंतुकों को अब स्थानीय अस्पतालों में कैशलेस उपचार मिल सकेगा। इससे आपात स्थिति में निजी बचत खर्च करने या दूतावास से आर्थिक मदद मांगने की नौबत नहीं आएगी।
- **बजट पर असर:** मुसाफिरों को अपने कुल यात्रा बजट में बीमा प्रीमियम के रूप में एक छोटा अतिरिक्त खर्च जोड़ना होगा। यह मामूली लागत विदेश में लाखों रुपये के आकस्मिक चिकित्सा बिलों के जोखिम को पूरी तरह खत्म कर देती है।
- **इमरजेंसी निकासी:** गंभीर रूप से अस्वस्थ होने पर मरीज को एयर एम्बुलेंस या स्ट्रेचर के जरिए भारत लाने का प्रबंध बीमा कंपनी करेगी। परिवारों को अंतरराष्ट्रीय मेडिकल ट्रांसफर के लिए लाखों रुपये अपनी जेब से नहीं भरने पड़ेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
विदेशों में अचानक सामने आने वाली चिकित्सा विपदाओं और उनके अत्यधिक वित्तीय बोझ से नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए यह परामर्श जारी किया गया है।

- **विदेशी अस्पतालों के भारी बिल:** संयुक्त अरब अमीरात में स्वास्थ्य सेवाएं महंगी हैं और निजी अस्पतालों में प्राथमिक उपचार का खर्च भी लाखों में पहुंच जाता है। बीमा के अभाव में सामान्य मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इन बिलों का भुगतान करना लगभग असंभव हो जाता है।
- **राजनयिक मिशनों के पास बढ़ते मामले:** दूतावास और वाणिज्य दूतावास में लगातार ऐसे अनुरोध आ रहे थे जहां भारतीय नागरिक गंभीर संकट में फंसे हुए थे और इलाज का खर्च नहीं उठा पा रहे थे। मिशन ने इन मामलों का संज्ञान लेते हुए सभी मुसाफिरों को यात्रा से पहले ही सुरक्षात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
- **निकासी की जटिलताएं:** गंभीर बीमारी या दुर्घटना के बाद मरीज को भारत वापस लाने में भारी प्रशासनिक और चिकित्सीय खर्च आता है। साधारण बीमा पॉलिसियों में अक्सर यह सुविधा शामिल नहीं होती, इसलिए व्यापक कवरेज पर विशेष बल दिया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. भारतीयों के लिए यूएई यात्रा को लेकर क्या सलाह दी गई है?
भारत ने अपने नागरिकों को संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा लेने की सलाह दी है।

### 2. बीमा पॉलिसी में कौन सी सुविधाएं शामिल होनी चाहिए?
पॉलिसी में कैशलेस अस्पताल उपचार और आपात स्थिति में मरीज को वापस भारत लाने का खर्च शामिल होना जरूरी है।

### 3. यह परामर्श जारी करने की मुख्य वजह क्या है?
अमीरात में अचानक बीमारी या दुर्घटना के बाद बिना बीमा वाले भारतीय नागरिकों को भारी-भरकम मेडिकल बिलों का सामना करना पड़ रहा था।

### 4. क्या सामान्य यात्रा बीमा लेना काफी है?
नहीं, सलाह दी गई है कि बीमा पर्याप्त राशि का हो और उसमें मेडिकल निकासी व कैशलेस अस्पताल भर्ती की स्पष्ट सुविधा हो।

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