# उपवास से बिगड़ी सेहत के बाद अब स्थिर हैं वांगचुक, ब्लड रिपोर्ट में हल्का बदलाव

> दिल्ली के वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक के जरूरी स्वास्थ्य पैमाने फिलहाल स्थिर बताए गए हैं, हालांकि उनकी ब्लड रिपोर्ट में मामूली बदलाव देखा गया है, जिसके चलते डॉक्टरों की टीम उन पर चौबीसों घंटे नजर रखे हुए है.

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-07-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/upavasa-se-bigari-sehata-ke-bada-aba-sthira-hain-wangchuk-blada-riporta-men-halka-badalava-8676 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोनम वांगचुक, भूख हड़ताल, सफदरजंग अस्पताल, वीएमएमसी, एम्स, डिहाइड्रेशन

पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत अब स्थिर हो चुकी है, हालांकि हाल की खून की जांच में कुछ आंकड़ों में मामूली उतार-चढ़ाव सामने आया है, जिसकी वजह से मेडिकल टीम पूरी तरह सतर्क है.

## वाइटल स्थिर, ब्लड टेस्ट पर नजर
दिल्ली के वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक का उपचार अब भी जारी है. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक फिलहाल उनके जरूरी स्वास्थ्य पैमाने काबू में हैं, मगर खून की जांच से जुड़े कुछ नतीजों में हल्का फर्क देखा गया है. लंबे उपवास ने शरीर पर जो दबाव डाला है, उसे देखते हुए विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उन पर लगातार निगरानी रख रही है.

## चौबीसों घंटे निगरानी क्यों जरूरी
वीएमएमसी, सफदरजंग अस्पताल और एम्स के डॉक्टरों की टीमों का कहना है कि अभी हालत भले ही संभली हुई हो, फिर भी किसी भी नई दिक्कत को समय रहते पकड़ने और उससे निपटने के लिए लगातार इलाज और चौबीसों घंटे क्लिनिकल नजर रखना जरूरी है. यही वजह है कि उन्हें हर तरह की जरूरी मेडिकल मदद मुहैया कराई जा रही है, साथ ही उनके ब्लड पैरामीटर सहित पूरी क्लिनिकल स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है.

## शनिवार रात के बयान में क्या कहा गया था
इससे एक दिन पहले शनिवार को रात करीब नौ बजे सफदरजंग अस्पताल की तरफ से एक बयान सामने आया था, जिसमें बताया गया कि वांगचुक होश में हैं और उस वक्त उनकी नाड़ी की रफ्तार, रक्तचाप और खून में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य दायरे में था. अस्पताल ने यह भी बताया था कि लंबे अनशन के चलते उनमें पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के लक्षण दिख रहे हैं, इसलिए मुंह के रास्ते या नस के जरिए तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट देना मेडिकल नजरिए से बेहद जरूरी हो गया था.

## अस्पताल तक कैसे पहुंचे वांगचुक
अपने अनशन के 21वें दिन वांगचुक को दिल्ली पुलिस जबरदस्ती सफदरजंग अस्पताल ले आई थी. वह 28 जून से बिना किसी समय-सीमा के भूख हड़ताल पर बैठे हैं. वांगचुक की जांच एम्स के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने भी की और वह भी इस बात से सहमत दिखे कि उन्हें फौरन तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट दिए जाने की जरूरत है.

## इसका आप पर असर
- सोनम वांगचुक के आंदोलन और सेहत पर नजर रखने वाले लोगों के लिए यह अपडेट साफ करता है कि फिलहाल उनकी जान को तुरंत खतरा नहीं है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी अब भी जरूरी बनी हुई है.

## सवाल-जवाब

### 1. सोनम वांगचुक का इलाज कहां चल रहा है?
दिल्ली के वीएमएमसी (वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज) और सफदरजंग अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.

### 2. उनकी मौजूदा हालत कैसी है?
अस्पताल के मुताबिक उनके जरूरी स्वास्थ्य पैमाने फिलहाल स्थिर हैं, हालांकि ब्लड टेस्ट के कुछ नतीजों में हल्का बदलाव देखा गया है.

### 3. उन्हें अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया?
लंबे अनशन के चलते डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखने पर दिल्ली पुलिस उन्हें उनके अनशन के 21वें दिन जबरदस्ती सफदरजंग अस्पताल ले आई थी.

### 4. वांगचुक कब से भूख हड़ताल पर हैं?
वह 28 जून से बिना किसी समय-सीमा के भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

### 5. उन्हें किस तरह का इलाज दिया जा रहा है?
डॉक्टर उन्हें मुंह या नस के जरिए तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट दे रहे हैं, और एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम चौबीसों घंटे उनकी क्लिनिकल स्थिति पर नजर रखे हुए है.

### 6. क्या किसी और डॉक्टर ने भी उनकी जांच की?
हां, दिल्ली के एम्स के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने भी उनकी जांच की और तुरंत तरल पदार्थ व इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी की जरूरत बताने वाली राय से सहमति जताई.

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