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  "type": "article",
  "title": "उत्तर और मध्य भारत पर गहराया मौसमी दबाव, कल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत 15 राज्यों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश की चेतावनी",
  "summary": "दक्षिण ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर बने डिप्रेशन के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से मौसम का मिजाज बदल रहा है। 26 सितंबर को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और दिल्ली समेत कई राज्यों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।",
  "content": "दक्षिण ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर केंद्रित मौसमी डिप्रेशन उत्तर और मध्य भारत के एक बड़े हिस्से में मौसम को पूरी तरह बदलने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सहित देश के करीब 15 राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश का व्यापक असर देखने को मिलेगा। इस मौसमी तंत्र के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के दौरान कई क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि कुछ जगहों पर तेज हवाओं के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकते हैं।\n\nदक्षिण ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ रहा मौसमी दबाव\nमौसम में आ रहे इस व्यापक बदलाव की मुख्य वजह एक मजबूत वेदर डिप्रेशन है, जो दक्षिण ओडिशा और उससे सटे छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय बना हुआ है। यह दबाव तंत्र पिछले छह घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 25 सितंबर की सुबह 0830 बजे भारतीय मानक समय पर दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में केंद्रित दर्ज किया गया था। यद्यपि आगे बढ़ते हुए इस वेदर सिस्टम के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है, लेकिन इसके प्रभाव से वातावरण में भरपूर नमी पहुंच रही है, जिसके चलते 26 सितंबर को देश के मध्य, उत्तरी और पूर्वी भागों में व्यापक बारिश की स्थितियां बन चुकी हैं।\n\n \n\nउत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को मूसलाधार बारिश और आंधी\n26 सितंबर को मौसमी बदलाव का सबसे तीखा असर उत्तर प्रदेश में महसूस होने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के पश्चिमी अंचल में बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 25 और 26 सितंबर को अत्यंत भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों जैसे वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, गोरखपुर, बस्ती और देवरिया में मौसम का कड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में 27 से 30 सितंबर तक लगातार बारिश का दौर खिंचने के संकेत हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 26 सितंबर को गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और तेज झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। पूरे राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जबकि कई स्थानों पर आंधी के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।\n\nउत्तराखंड और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और भारी बारिश का खतरा\nपहाड़ी राज्यों में भी 26 सितंबर को स्थितियां संवेदनशील रहने का अनुमान है। उत्तराखंड में बेहद भारी बारिश की स्पष्ट चेतावनी दी गई है, जिससे पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी खिसकने और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी रहेगी। वहीं हिमाचल प्रदेश में भी मौसम के प्रतिकूल रहने का अनुमान लगाया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों की ओर यात्रा करने वाले लोगों के लिए मौसम के इन बदलावों के चलते विशेष सावधानी बरतना जरूरी बताया गया है।\n\nदिल्ली और एनसीआर में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके\nदेश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी 26 सितंबर को मौसम में बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा। दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गुरुग्राम जैसे महत्वपूर्ण उपनगरीय शहरों में 26 और 27 सितंबर को व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है। पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी कई स्थानों पर बारिश होगी। 26 सितंबर को इन मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की निरंतर हवाएं चल सकती हैं, जबकि तेज झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। ऐसे में अचानक तेज आंधी और बारिश से आवागमन प्रभावित होने की संभावना है।\n\nबिहार में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी\nबिहार के मौसम में भी 26 सितंबर को बादलों का भारी जमावड़ा और तेज हवाओं का जोर रहेगा। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को राज्य के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले 25 सितंबर को भी राज्य के कुछ भागों में अत्यंत भारी वर्षा का अलर्ट रहा, जिसका सीधा असर 26 सितंबर के पूरे वातावरण पर दिखेगा। मौसम के इस तीव्र बदलाव से प्रभावित होने वाले प्रमुख जिलों में पटना, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, सीतामढ़ी, मधुबनी और सुपौल शामिल हैं। गरज-चमक और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए नागरिकों को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और असुरक्षित ढांचों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।\n\nझारखंड और ओडिशा में थंडरस्क्वॉल के बाद भी बारिश जारी\nपूर्वी भारत के झारखंड और ओडिशा में भी मौसमी उथल-पुथल बनी रहेगी। झारखंड में 25 और 26 सितंबर को व्यापक स्तर पर बरसात की संभावना बनी हुई है। राज्य में 26 सितंबर को कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तूफानी हवाओं का दौर चलेगा। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और हजारीबाग जैसे बड़े शहरों में मौसम काफी सक्रिय रहेगा। झारखंड में 25 सितंबर को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज आंधी और थंडरस्क्वॉल की चेतावनी जारी की गई थी, जिसके बाद 26 सितंबर को भी वातावरण में तेज हवाओं और अचानक होने वाली तेज बौछारों का प्रभाव बरकरार रहेगा। ओडिशा में भी 25 सितंबर की परिस्थितियों के बाद 26 सितंबर को वर्षा का असर बना रहेगा।\n\nमध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर में मौसमी सक्रियता\nमध्य भारत में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का संकट बना हुआ है, क्योंकि डिप्रेशन का केंद्र इन्हीं क्षेत्रों के करीब सक्रिय रहा है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 26 सितंबर को बारिश का दौर अनवरत जारी रहेगा। गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के जिलों में व्यापक बारिश का अनुमान है। विशेष रूप से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बरसात का पूर्वानुमान है, जिसके कारण दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और कलिम्पोंग में मौसम की सक्रियता बहुत अधिक रहेगी। इसके अतिरिक्त पूर्वोत्तर भारत में असम और मेघालय समेत कई राज्यों में झमाझम बारिश होगी, जबकि दक्षिण भारत के भी कई हिस्सों में 26 सितंबर को बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। कुल मिलाकर देश के 15 राज्यों में घर से निकलते समय छाता और रेनकोट साथ रखना बेहद जरूरी साबित होगा।\n\nइसका आप पर असर\n26 सितंबर को 15 राज्यों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली आंधी और मूसलाधार बारिश के चलते दैनिक आवागमन, स्कूल और परिवहन सेवाएं सीधे तौर पर प्रभावित हो सकती हैं।\n\n• भारत में: उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के 15 राज्यों में तेज आंधी और बारिश के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात में देरी की संभावना रहेगी। यात्रा करने वाले नागरिकों को छाता, रेनकोट साथ रखने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की जरूरत है।\n• उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में: पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने और पहाड़ी मार्गों पर मलबा गिरने का बड़ा जोखिम रहेगा। स्थानीय निवासियों और यात्रियों को 26 सितंबर को गैर-जरूरी आवागमन टालने तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।\n• दिल्ली और एनसीआर में: दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बौछारों से व्यस्त समय में जाम लग सकता है। वाहन चालकों को कमजोर पेड़ों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों के पास गाड़ियां पार्क न करने की हिदायत दी जाती है।\n• बिहार और झारखंड में: गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका के कारण ग्रामीण व खुले इलाकों में जान-माल का खतरा बढ़ सकता है। किसानों और आम लोगों को आंधी-तूफान के समय खुले खेतों या पेड़ों के नीचे जाने से पूरी तरह बचना चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nदक्षिण ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बने चक्रवाती डिप्रेशन के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से यह व्यापक मौसमी संकट पैदा हुआ है। यह दबाव प्रणाली अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी खींच रही है, जिससे मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भारी वर्षा हो रही है।\n\n• डिप्रेशन का सक्रिय होना: दक्षिण ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र डिप्रेशन में तब्दील होकर 15 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। इसी मौसमी तंत्र के प्रभाव से हवा में भारी नमी का संचार हुआ है।\n• हवाओं की तीव्र गति: दबाव प्रणाली के उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के कारण मैदानी इलाकों में वायुदाब का अंतर बढ़ गया है, जिससे 40 से 50 किमी प्रति घंटे की निरंतर हवाएं और 60 किमी प्रति घंटे तक के तेज झोंके उत्पन्न हो रहे हैं।\n• मौसम तंत्र का क्रमिक फैलाव: यह सिस्टम भले ही धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा, लेकिन इसका असर पूर्वी भारत से बढ़कर मध्य और उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों तक गहरा रहा है। आगामी दिनों में इसके प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 सितंबर तक लगातार बरसात का दौर बने रहने का अनुमान है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 26 सितंबर को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?\nउत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत करीब 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है।\n\n2. इस मौसमी बदलाव का मुख्य कारण क्या है?\nदक्षिण ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे यह मौसमी बदलाव हुआ है।\n\n3. दिल्ली-एनसीआर में हवाओं की रफ्तार क्या रहने का अनुमान है?\nदिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।\n\n4. उत्तर प्रदेश में बारिश का यह दौर कब तक चलेगा?\nपश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बेहद भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला 27 से 30 सितंबर तक जारी रह सकता है।\n\n5. बिहार के कौन-से जिले इस मौसम से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं?\nपटना, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, सीतामढ़ी, मधुबनी और सुपौल जिलों में तेज हवा और भारी बारिश की संभावना है।\n\n6. उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी है?\nउत्तराखंड में 26 सितंबर को बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे भूस्खलन और जलभराव का खतरा पैदा हो सकता है।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-09-25",
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