वापसी से पहले सक्रिय हुआ मानसून, कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में बन रही मौसमी हलचल के कारण दक्षिण भारत से लेकर राजस्थान तक भारी बारिश और तेज आंधी के आसार बने हुए हैं. देश से विदाई की तैयारी के बीच मानसून का असर एक बार फिर कई हिस्सों में गहराने लगा है. 20 सितंबर के ताजा मौसमी बदलावों को देखते हुए देश के तटीय, दक्षिणी, मध्य और पूर्वी भूभागों में जोरदार बारिश और तेज सतही हवाओं की संभावना बनी हुई है. समुद्री वातावरण में बढ़ती सक्रियता के चलते द्वीपों और मुख्य भूमि के तमाम इलाकों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की बात कही है. इस मौसमी तंत्र का प्रभाव न केवल समुद्री सीमाओं से सटे राज्यों पर नजर आ रहा है, बल्कि अंदरूनी मैदानी क्षेत्रों में भी आंधी और गरज-चमक के हालात तैयार हो रहे हैं. दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश के आसार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास बना वायुमंडलीय दबाव दक्षिण भारतीय राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ा रहा है. तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और तेलंगाना के विस्तृत इलाकों में मूसलाधार पानी गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है. इन क्षेत्रों में बादलों के घिरने के साथ-साथ हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. तटीय पट्टी पर तेज झोंकों के साथ बादलों की यह सक्रियता सामान्य जनजीवन और दैनिक आवागमन को भी प्रभावित कर सकती है. समुद्र के भीतर भी मौसमी उथल-पुथल काफी बढ़ चुकी है. अंडमान सागर तथा बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती क्षेत्रों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकते हैं. दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी पानी की स्थिति उग्र रहने की चेतावनी दी गई है, जिसके चलते वहां जाने वाले मछुआरों को गहरे पानी से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बादलों के बीच आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है. पूर्वी और मध्य भारत में गहराएगा मौसमी दबाव पूर्वी राज्यों की बात करें तो झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसमी गतिविधियां काफी व्यापक रहने का अंदेशा है. झारखंड के भीतर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सतही हवाएं चलने और बादलों की तीव्र गर्जना के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है. खुले मैदानों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा खेतों में कामकाज के दौरान चौकन्ना रहने की हिदायत दी गई है. पश्चिम बंगाल के अनेक जिलों में मौसम का रुख बेहद तल्ख रहने की आशंका जताई गई है. कोलकाता, हावड़ा, मालदा, बीरभूम, दार्जिलिंग, पुरुलिया, कालिम्पोंग, दुर्गापुर, नादिया और मुर्शिदाबाद जैसे शहरों और कस्बों में आंधी और तेज बारिश के आसार हैं. इन जगहों पर हवाओं की चाल 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है. इस दौरान कोलकाता शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है. तेज झक्कड़ों की वजह से कमजोर संरचनाओं और पेड़ों को क्षति पहुंचने का खतरा बना रहेगा. उत्तर और पश्चिमी राज्यों में बादलों की सक्रियता बिहार के कई जिलों में भी पड़ोसी राज्यों में बने चक्रवाती प्रभाव के चलते घने बादल छा सकते हैं. स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की स्थिति में खुले स्थानों और खेतों में काम कर रहे किसानों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की जरूरत बताई गई है. मध्य प्रदेश के कई संभागों में भी 20 सितंबर को हवा और गरज के साथ बारिश की स्थिति बनी रहने वाली है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी तथा मध्य इलाकों में आसपास के मौसमी सिस्टम की वजह से बादलों का जमावड़ा बना रहेगा. अचानक उठने वाली तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में किसी भीषण वर्षा का आधिकारिक बुलेटिन नहीं है, लेकिन उत्तरी व मध्य भारत में जारी हलचल के चलते स्थानीय स्तर पर बादलों की मौजूदगी और अचानक मौसमी तब्दीली की उम्मीद की जा सकती है. राजस्थान के जिलों में 70 किमी की रफ्तार से चल सकती है आंधी पश्चिमी भारत के राजस्थान में मौसमी विक्षोभ का असर सबसे तीव्र हवाओं के रूप में सामने आ सकता है. जयपुर, सवाई माधोपुर, झुंझुनू, सीकर, अजमेर, टोंक, बीकानेर, जैसलमेर, चूरू, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर और भरतपुर के जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ भीषण आंधी का अलर्ट जारी है. इन क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमा तक पहुंच सकती है. जयपुर शहर का तापमान अधिकतम 33 डिग्री तथा न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जहां सड़कों पर तेज धूल भरी आंधी और हवाओं के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी. इसका आप पर असर तेज आंधी और भारी वर्षा की चेतावनी सीधे तौर पर यात्रा, कृषि गतिविधियों और तटीय सुरक्षा को प्रभावित करती है. • भारत में: कई राज्यों में 40 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं रेल, सड़क और हवाई यातायात में अस्थायी व्यवधान पैदा कर सकती हैं. ऐसे मौसम में खुले इलाकों में बिजली गिरने और पेड़ों के गिरने की घटनाओं से बचने के लिए सतर्कता बरतें. • तटीय और समुद्री क्षेत्रों में: बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अरब सागर में 65 किमी प्रति घंटे तक के झोंके उठने के कारण मछुआरों को पानी में न जाने की सलाह दी गई है. तटीय इलाकों के निवासियों को जलभराव और समुद्री लहरों के उफान से सावधान रहना चाहिए. • राजस्थान और पश्चिम बंगाल में: राजस्थान के 13 जिलों में 70 किमी प्रति घंटे की आंधी और बंगाल के 10 जिलों में 60 किमी की हवाओं से कच्चे निर्माणों और फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. वाहन चालकों को तेज हवा और बारिश के दौरान राजमार्गों पर संभलकर चलने की हिदायत दी गई है. • किसानों और खुले में काम करने वालों के लिए: बिहार, यूपी और झारखंड के खेतों में बिजली गिरने की आशंका के चलते श्रमिकों को मौसम बदलते ही पक्के ठिकानों में जाने की सलाह है. कटी हुई या तैयार फसलों को पानी से बचाने के तुरंत उपाय करने होंगे. ऐसा क्यों हुआ मानसून की विदाई प्रक्रिया के दौरान जब मौसमी हवाएं दिशा बदलती हैं, तब बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में बनने वाली स्थानीय मौसम प्रणालियां काफी सक्रिय हो जाती हैं. • समुद्री दबाव प्रणाली: अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने वायुमंडलीय तंत्र ने भारी मात्रा में नमी खींचकर तटीय व दक्षिणी राज्यों में बादलों का घना दायरा तैयार कर दिया है. इसी के चलते समुद्र में हवा की रफ्तार 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई है. • तापमान और नमी का मिलन: विदाई के समय जमीन पर गर्म हवाओं और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के टकराने से पूर्वी और मध्य भारत में कपासी बादलों और बिजली गिरने की घटनाएं तेज हो गई हैं. यही टकराव राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में 70 किमी प्रति घंटे तक की आंधी का कारण बन रहा है. • विदाई चक्र का सामान्य असर: मानसून वापसी के चरण में अक्सर ऐसी छिटपुट लेकिन तीव्र बारिश देखने को मिलती है जो कुछ घंटों के भीतर भारी वर्षा और आंधी लाती है. यह मौसमी बदलाव आगामी दिनों में उत्तर और पश्चिमी भारत से बादलों की छंटनी से पहले की हलचल है. सवाल-जवाब 1. 20 सितंबर को किन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है? अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और तेलंगाना समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. 2. समुद्र में हवा की रफ्तार कितनी रहने का अनुमान है? अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. 3. पश्चिम बंगाल के किन प्रमुख इलाकों में आंधी और बारिश का अलर्ट है? कोलकाता, हावड़ा, मालदा, बीरभूम, दार्जिलिंग, पुरुलिया, कालिम्पोंग, दुर्गापुर, नादिया और मुर्शिदाबाद में 55 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और भारी बारिश के आसार हैं. 4. राजस्थान में मौसम को लेकर क्या चेतावनी जारी की गई है? जयपुर, जैसलमेर, बीकानेर और चूरू समेत 13 जिलों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 5. दिल्ली और एनसीआर में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा? दिल्ली-एनसीआर में किसी भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन आसपास के राज्यों में बदलाव के चलते बादल छाने और स्थानीय गरज-चमक की संभावना बन सकती है. https://trendkia.com/national/vapasi-se-pahale-sakriya-hua-monsoon-kai-rajyon-men-bhari-barisha-aura-teja-havaon-ki-chetavani-35051 TrendKia — Har trend, sabse pehle.