# वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने INS विक्रमादित्य से MiG-29KUB में भरी उड़ान, नौसेना में शामिल हुआ घातक INS मालवण

> वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने देश के विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रमादित्य से लड़ाकू विमान MiG-29KUB में उड़ान भरकर दोनों सेनाओं के तालमेल को दर्शाया, वहीं भारतीय नौसेना में नया एंटी-सबमरीन युद्धपोत INS मालवण शामिल हुआ है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-07-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/vayusena-pramukha-ap-singh-ne-ins-vikramaditya-se-mig-29kub-men-bhari-urana-nausena-men-shamila-hua-ghataka-ins-malvan-10469 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना, INS मालवण, एपी सिंह, INS विक्रमादित्य, कोचीन शिपयार्ड, आत्मनिर्भर भारत

भारतीय वायुसेना और नौसेना के बीच गहराते समन्वय का एक शानदार नजारा देखने को मिला, जब वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने देश के विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रमादित्य के डेक से MiG-29KUB लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। यह रोमांचक उड़ान भारतीय नौसेना के नए और आधुनिक युद्धपोत INS मालवण को बेड़े में शामिल किए जाने के ऐतिहासिक अवसर पर हुई। अपनी इस यात्रा के दौरान वायुसेना प्रमुख ने एयरक्राफ्ट कैरियर के नेतृत्व, प्रमुख अधिकारियों और नौसैनिकों के साथ विस्तृत चर्चा की और उनका हौसला बढ़ाया।

## वायुसेना और नौसेना के बीच मजबूत होता आपसी तालमेल
वायुसेना और नौसेना का यह संयुक्त प्रयास केवल एक सामान्य उड़ान नहीं है, बल्कि यह दोनों सेनाओं के बीच गहरे रणनीतिक और सामरिक तालमेल को दर्शाता है। एक नौसैनिक एयरक्राफ्ट कैरियर से लड़ाकू विमान का संचालन करके वायुसेना प्रमुख ने यह साबित किया कि भारतीय रक्षा बल किसी भी परिस्थिति में मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के विशाल समुद्री हितों की रक्षा करने और समुद्री सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए इस तरह का आपसी तालमेल बेहद जरूरी माना जाता है। इस सफल प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए देश की सेनाएं लगातार अपनी क्षमताओं को आधुनिक बना रही हैं।

## नौसेना के बेड़े में शामिल हुआ INS मालवण
तटीय सुरक्षा को नई मजबूती देने के उद्देश्य से भारतीय नौसेना ने अपने बेड़े में एक नए और अत्यंत घातक युद्धपोत INS मालवण को शामिल किया है। इस विशेष कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने की, जिसमें भारतीय नौसेना और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस नए युद्धपोत का नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवण के नाम पर रखा गया है, जो इस जहाज को छत्रपति शिवाजी महाराज की महान और गौरवशाली समुद्री विरासत से सीधे जोड़ता है। इस युद्धपोत के बेड़े में शामिल होने से भारत की समुद्री रक्षा क्षमता में एक नया अध्याय जुड़ गया है।

## स्वदेशी ताकत और पनडुब्बी रोधी क्षमता
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत निर्मित INS मालवण में 80 प्रतिशत से भी अधिक स्वदेशी उपकरणों और तकनीक का उपयोग किया गया है। यह जहाज भारत की घरेलू रक्षा निर्माण क्षमता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस युद्धपोत के प्रतीक चिह्न में 'बाघ नख' को दर्शाया गया है, जो वीरता, साहस और फुर्ती का प्रतीक माना जाता है। इसका आधिकारिक आदर्श वाक्य 'साइलेंट क्लॉज' यानी शांत पंजे है। पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं से लैस इस युद्धपोत को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह समुद्र के भीतर बिना कोई आवाज किए दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाकर उन पर सटीक निशाना साध सके। इसकी बेहतरीन स्टील्थ तकनीक इसे पानी के नीचे एक बेहद खतरनाक शिकारी बनाती है।

## वैश्विक अनिश्चितता के बीच समुद्री सुरक्षा का महत्व
कमीशनिंग समारोह को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में समुद्री सुरक्षा को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखना देश की आर्थिक और रणनीतिक प्रगति के लिए आवश्यक है। नौसेना की आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए उन्होंने इस बात की प्रशंसा की कि नौसेना अपने अधिकारियों को जहाज निर्माण की शुरुआती प्रक्रिया से ही जोड़कर रखती है। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा क्षेत्र के अन्य विंगों को भी आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए इसी सफल मॉडल को अपनाना चाहिए। बड़े युद्धपोतों, पनडुब्बियों और नौसैनिक विमानों के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार INS मालवण अब हर परिस्थिति में देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** INS मालवण के नौसेना में शामिल होने से देश की समुद्री सुरक्षा और तटीय रक्षा प्रणाली अत्यधिक मजबूत होगी, जिससे समुद्री व्यापारिक मार्ग सुरक्षित रहेंगे।
- **कोचीन में:** स्थानीय शिपयार्ड द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित इस युद्धपोत की सफलता से स्थानीय रक्षा निर्माण और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने INS विक्रमादित्य से उड़ान क्यों भरी?
भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना के बीच आपसी तालमेल और संयुक्त परिचालन क्षमताओं को प्रदर्शित करने और मजबूत करने के लिए वायुसेना प्रमुख ने यह उड़ान भरी।

### 2. INS मालवण नाम का क्या महत्व है?
इसका नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवण के नाम पर रखा गया है, जो इस युद्धपोत को छत्रपति शिवाजी महाराज की महान नौसैनिक विरासत से जोड़ता है।

### 3. INS मालवण की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
यह एक एंटी-सबमरीन युद्धपोत है जिसे बिना कोई आवाज किए समुद्र के भीतर दुश्मन की पनडुब्बियों पर सटीक और घातक हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

### 4. INS मालवण में कितनी स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल हुआ है?
यह युद्धपोत पूरी तरह आत्मनिर्भरता का उदाहरण है, जिसके निर्माण में 80 प्रतिशत से भी अधिक स्वदेशी उपकरणों और घरेलू तकनीक का उपयोग हुआ है।

### 5. INS मालवण का आदर्श वाक्य और प्रतीक चिह्न क्या है?
इसका प्रतीक चिह्न 'बाघ नख' है जो वीरता और फुर्ती का प्रतीक है, और इसका आधिकारिक आदर्श वाक्य 'साइलेंट क्लॉज' (शांत पंजे) है।

## प्रेरणा और सबक
- **आत्मनिर्भरता पर ध्यान:** 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक का उपयोग दर्शाता है कि आत्मनिर्भरता से ही देश को सशक्त बनाया जा सकता है।
- **समन्वय की शक्ति:** वायुसेना और नौसेना का एक साथ काम करना सिखाता है कि टीम वर्क और बेहतर तालमेल से बड़े से बड़े लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
- **ऐतिहासिक जड़ों से जुड़ाव:** छत्रपति शिवाजी महाराज की नौसैनिक विरासत से प्रेरणा लेकर आधुनिक तकनीक का निर्माण करना हमारे गौरवशाली इतिहास और भविष्य की दिशा को जोड़ता है।

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