विकसित भारत 2047 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा रोडमैप, 85,000 करोड़ रुपये के समुद्र मंथन और 100 गीगावाट न्यूक्लियर ऊर्जा का बड़ा ऐलान लाल किले से स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर निर्माण, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन और तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 10 प्रमुख प्राथमिकताओं की घोषणा की। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के भावी विकास का एक व्यापक खाका प्रस्तुत किया। यह भाषण केवल बीते वर्षों की उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें वर्ष 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने की दीर्घकालिक रणनीति भी साफ दिखाई दी। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय विकास का मुख्य आधार बताया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के संचालन के लिए पारंपरिक और आधुनिक, दोनों प्रकार के ऊर्जा स्रोतों को व्यापक रूप से विस्तार देना अनिवार्य है। इसी दिशा में सरकार ने समुद्री ऊर्जा भंडारों की खोज, न्यूक्लियर पावर की क्षमता बढ़ाने और घरेलू सेमीकंडक्टर विनिर्माण को गति देने के लिए दूरगामी कदम उठाए हैं। समुद्र मंथन योजना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए ₹85,000 करोड़ का आवंटन भारत की कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस पर विदेशी निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने समुद्र के भीतर छिपे तेल और गैस के नए भंडारों की खोज के लिए 85,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस विशेष अभियान को समुद्र मंथन नाम दिया गया है। पीएम मोदी ने पिछली नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पहले देश के 99 प्रतिशत तटीय और समुद्री क्षेत्रों को 'नो-गो एरिया' घोषित कर रखा गया था, जिससे खोज कार्य बाधित था। वर्तमान सरकार ने इस पुरानी नीति में बदलाव करते हुए इन क्षेत्रों को 'गो-अहेड एरिया' के रूप में खोल दिया है। इस बदलाव से भारतीय समुद्री सीमाओं के भीतर गहरे जल में ऊर्जा संसाधनों की व्यापक तलाश संभव हो सकेगी, जिससे भारत की आयात पर निर्भरता काफी हद तक घटेगी। 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर उत्पादन का राष्ट्रीय लक्ष्य आधुनिक दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और आधुनिक उद्योगों के विस्तार के कारण बिजली की खपत में भारी वृद्धि हो रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए केवल पारंपरिक या सौर ऊर्जा पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। परमाणु ऊर्जा का यह विस्तार स्वच्छ और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। सरकार की नीति एक बहु-आयामी ऊर्जा मॉडल पर काम करने की है, जिसमें सौर ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और समुद्री हाइड्रोकार्बन संसाधनों का संतुलित इस्तेमाल शामिल होगा। सेमीकंडक्टर निर्माण और क्रिटिकल मिनरल्स का नया इंफ्रास्ट्रक्चर ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि अगले 7 से 8 वर्षों के भीतर देश में 5 से 7 नए सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। आधुनिक चिप निर्माण और हाई-टेक उपकरण पूरी तरह से क्रिटिकल मिनरल्स पर निर्भर करते हैं। भारत अंतरराष्ट्रीय समझौतों और समर्पित क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर्स के जरिए इन जरूरी संसाधनों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटा है ताकि विदेशी आपूर्ति श्रृंखला पर भारत की निर्भरता को समाप्त किया जा सके। सौर ऊर्जा का अभूतपूर्व विस्तार और पीएम सूर्य घर योजना कच्चे तेल पर देश की निर्भरता को कम करने के लिए सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को भी लगातार मजबूत कर रही है। वर्ष 2014 से पूर्व भारत की कुल सौर ऊर्जा क्षमता मात्र 2 गीगावाट के आसपास थी, जो आज बढ़कर 160 गीगावाट के विशाल स्तर तक पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत 50 लाख से अधिक घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। इससे न केवल आम नागरिकों का बिजली बिल शून्य हो रहा है, बल्कि हजारों परिवार अपने छतों पर उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को पावर ग्रिड को बेचकर नियमित आय भी अर्जित कर रहे हैं। रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर रफ्तार सार्वजनिक परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आई क्रांति को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय रेलवे के बिजलीकरण की गति की तुलना प्रस्तुत की। भारत में रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य वर्ष 1925 में प्रारंभ हुआ था, किंतु शुरुआती 90 वर्षों में केवल 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क का ही बिजलीकरण हो सका था। इसके विपरीत, बीते एक दशक के दौरान भारत ने अपने संपूर्ण रेलवे नेटवर्क का शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। इसके साथ ही देश भर के प्रमुख शहरों में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार और आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि विकसित भारत के निर्माण के लिए सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी जा सके। सप्तधारा विजन और युवा शक्ति का कौशल विकास प्रधानमंत्री ने आगामी 5 से 7 वर्षों के लिए 'शक्ति की सप्त धारा' का व्यापक खाका प्रस्तुत किया, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग से लेकर डिफेंस सेक्टर तक आत्मनिर्भरता की रणनीति शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत को डिजाइनिंग से लेकर अंतिम उत्पादन तक पूरी वैल्यू चेन को देश के भीतर ही विकसित करना होगा। भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहचान उत्कृष्ट गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी लागत से होगी। इसके अलावा, विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए सरकार ने AI स्किल ट्रेनिंग, स्टार्टअप इनोवेशन फंड और तकनीकी शिक्षा पर निवेश बढ़ाने का फैसला किया है। राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नक्सलवाद पर नियंत्रण, डिफेंस सेक्टर में स्वदेशी विनिर्माण, नशा मुक्त भारत अभियान और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक सुधारों को भी इस 10 सूत्री एजेंडे में प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसका आप पर असर भारत में: देश में 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर, नए सेमीकंडक्टर प्लांट और 85,000 करोड़ रुपये के तेल-गैस खोज अभियान से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, जिससे उद्योगों और नागरिकों को सस्ती व निर्बाध बिजली मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। आम नागरिकों के लिए: पीएम सूर्य घर योजना के तहत 50 लाख से अधिक परिवारों की तरह छतों पर सोलर पैनल लगाकर लोग अपना बिजली बिल शून्य कर सकते हैं और बची हुई बिजली बेचकर नियमित कमाई भी कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्र मंथन योजना के लिए कितना बजट घोषित किया है? सरकार ने समुद्र के भीतर तेल और गैस के नए भंडारों की खोज के लिए 85,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। 2. वर्ष 2047 तक भारत का न्यूक्लियर पावर उत्पादन का क्या लक्ष्य है? भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट (GW) न्यूक्लियर पावर क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। 3. अगले 7-8 वर्षों में कितने नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू किए जाएंगे? अगले 7 से 8 वर्षों के भीतर देश में 5 से 7 नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू करने की योजना है। 4. रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के क्षेत्र में क्या बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है? पिछले 90 वर्षों में जहाँ सिर्फ 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क का बिजलीकरण हुआ था, वहीं बीते एक दशक में 100 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा कर लिया गया है। 5. पीएम सूर्य घर योजना से कितने घरों को जोड़ा जा चुका है? पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 50 लाख से अधिक घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। https://trendkia.com/national/vikasita-bharata-2047-ke-lie-prime-minister-narendra-modi-ne-rakha-rodamaipa-85000-karora-rupaye-ke-samudra-mnthana-aura-100-gw-ny-16851 TrendKia — Har trend, sabse pehle.