# छह सीटों पर हुए उपचुनाव में भारी मतदान, बंगाल और तमिलनाडु में टकराव के बीच डले वोट

> पांच विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मतदान के दौरान पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में राजनीतिक तनातनी और हंगामे की घटनाएं सामने आईं।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/voters-turn-out-in-large-numbers-across-six-bypoll-seats-as-bengal-and-tamil-nadu-witness-political-friction-44344 · **Language:** Hindi
**Tags:** उपचुनाव 2026, विधानसभा उपचुनाव, नगांव लोकसभा सीट, नंदीग्राम चुनाव, रेजीनगर उपचुनाव, मदुरंतकम उपचुनाव, धारापुरम उपचुनाव, मतदान प्रतिशत

देश के अलग-अलग राज्यों में पांच विधानसभा क्षेत्रों और एक संसदीय क्षेत्र के लिए मतदान मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को संपन्न हो गया। सुबह सात बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया के दौरान विभिन्न केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं और कुल मिलाकर भारी मतदान दर्ज किया गया। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों के भविष्य को तय करने वाले इन मतों की गिनती 9 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। मतदान के दौरान अधिकांश स्थानों पर प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, हालांकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में राजनीतिक दलों के बीच तीखी नोकझोंक, हंगामे और प्रशासनिक शिकायतों की खबरें सामने आईं।

## तमिलनाडु के मदुरंतकम और धारापुरम में जमकर पड़े वोट
तमिलनाडु की दो रिक्त विधानसभा सीटों पर जनता ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मदुरंतकम (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट पर शाम के समय मतदान प्रतिशत 85.98 फीसदी तक पहुंच गया। वहीं धारापुरम विधानसभा क्षेत्र में 80.30 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इन दोनों क्षेत्रों में पूर्व के चुनावों में भी जोरदार भागीदारी रही थी। अप्रैल 2026 में संपन्न हुए मुख्य विधानसभा चुनाव के दौरान धर्मपुरम सीट पर 89.90 प्रतिशत और मदुरंतकम में 93.20 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इन दोनों सीटों पर उपचुनाव की नौबत तब आई जब तत्कालीन अन्नाद्रमुक विधायकों के. मरगथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा ने इस्तीफा दे दिया था। दोनों नेताओं ने सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल होने से ठीक पहले अपनी सदस्यता छोड़ी थी और अब वे इसी दल के टिकट पर दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं।

मतदान के दिन मदुरंतकम सीट पर विभिन्न दलों के उम्मीदवारों ने जनता के मूड पर अपनी राय रखी। अन्नाद्रमुक उम्मीदवार कनिथा संपत और द्रमुक प्रत्याशी आई. परांथामेन ने अपने-अपने दावे किए। द्रमुक उम्मीदवार आई. परांथामेन ने कहा कि जनता को लगता है कि यह उपचुनाव उन पर बेवजह थोपा गया है और लोगों के चेहरों पर दिखने वाला यह गुस्सा सीधे तौर पर द्रमुक के पक्ष में जा रहा है। इसी सीट पर माकपा प्रत्याशी पी. सुगंधी भी मैदान में डटी रहीं। वहीं नाम तमिलर काची के उम्मीदवार जानकीरामन ने वोट डालने के बाद आरोप लगाया कि टीवीके कार्यकर्ताओं ने वोट के बदले नकदी बांटी है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और धनबल के बीच का मुकाबला है और विजय धोखेबाजी कर रहे हैं।

## धारापुरम में बूथ पर हंगामा और 31 करोड़ के कथित वीडियो पर विवाद
धारापुरम में उपचुनाव के दिन कई व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रहीं। मतदान केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई, लेकिन कावुंडाचीपुदूर केंद्र के एक बूथ पर तीखा विवाद खड़ा हो गया। टीवीके के पोलिंग एजेंट सरवणन की मौजूदगी पर द्रमुक कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया, जिससे लगभग एक घंटे तक मतदान बाधित रहा। द्रमुक का तर्क था कि सरवणन पहले द्रमुक में थे और वे धारापुरम नगर पालिका के उस विशिष्ट वार्ड से ताल्लुक नहीं रखते हैं। स्थिति को संभालने के लिए चुनाव अधिकारी और धारापुरम के राजस्व मंडल अधिकारी फेलिक्स राजा मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम के मुताबिक उम्मीदवार द्वारा फॉर्म 10 आवेदन के जरिए नियुक्त किए गए पोलिंग एजेंट को निर्वाचन क्षेत्र के किसी भी बूथ पर तैनात करने पर कोई रोक नहीं है।

मतदान दोबारा शुरू होने के बाद द्रमुक समर्थकों ने फिर से आपत्ति जताई और एजेंट को हटाने की मांग की। इसके बाद पूर्व मंत्री और टीवीके पदाधिकारी के.वी. रामलिंगम ने व्यक्तिगत रूप से राजस्व मंडल अधिकारी से मुलाकात कर दखल की मांग की। आखिरकार प्रशासन ने सरवणन को उसी बूथ पर बतौर एजेंट काम जारी रखने की अनुमति दे दी। इस बीच धारापुरम की चुनावी फिजा में एक वीडियो को लेकर भी कानूनी जंग शुरू हो गई। टीवीके उम्मीदवार पी. सत्यभामा का एक वीडियो सामने आया जिसमें वे चुनाव में 31 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कहती सुनाई दे रही हैं। वीडियो में हवाई किराए, ठहरने और अन्य खर्चों का जिक्र किया गया था, हालांकि यह साफ नहीं था कि यह खर्च अप्रैल के विधानसभा चुनाव का था या वर्तमान उपचुनाव का। द्रमुक विधायक एस. ऑस्टिन ने चेन्नई स्थित सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक से मिलकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इसमें चुनाव खर्च का ब्योरा न देने और आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। दूसरी तरफ, पी. सत्यभामा ने निर्वाचन आयोग को साक्ष्य सौंपते हुए दावा किया कि यह वीडियो उनके राजनीतिक विरोधियों की साजिश है।

## पुडुचेरी के थट्टांचावडी में 80.81 प्रतिशत मतदान
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की थट्टांचावडी विधानसभा सीट पर भी मतदाताओं का भारी उत्साह देखने को मिला। आधिकारिक डैशबोर्ड के अनुसार मतदान समाप्ति तक यहां 80.81 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के बाद से ही केंद्रों पर महिलाओं और बुजुर्गों की कतारें लग गई थीं। समय के साथ मतदान में लगातार तेजी आई। सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच जहां 19.20 फीसदी वोट पड़े थे, वहीं 11 बजे तक यह आंकड़ा 39.16 प्रतिशत पर पहुंच गया। दोपहर 1 बजे तक मतदान 56.27 फीसदी, दोपहर 3 बजे तक 68.91 फीसदी और शाम 5 बजे तक 78.83 प्रतिशत दर्ज किया गया। अंततः यह आंकड़ा 80.81 प्रतिशत पर बंद हुआ। सत्तारूढ़ एआईएनआरसी के प्रत्याशी अशोक आनंद ने सुबह के समय ही अपने बूथ पर पहुंचकर वोट डाला। प्रशासन ने केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए रैंप और व्हीलचेयर के विशेष प्रबंध किए थे।

## बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर में भारी मतदान, हुमायूं कबीर गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल की दो चर्चित सीटों नंदीग्राम और रेजीनगर में सुरक्षा बलों की कड़ी तैनाती के बीच मतदान संपन्न हुआ। नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में 79.39 प्रतिशत और मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर में 78.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों क्षेत्रों के 5.24 लाख मतदाताओं में से करीब 79 फीसदी ने मताधिकार का प्रयोग किया। दोपहर एक बजे तक नंदीग्राम में 60.32 प्रतिशत और रेजीनगर में 56.435 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो दोपहर तीन बजे तक क्रमशः 71.79 प्रतिशत और 69.29 प्रतिशत तक पहुंच गया था। शाम 6 बजे निर्धारित समय पर मतदान समाप्त घोषित किया गया और कतार में खड़े सभी मतदाताओं को पर्ची देकर वोट डालने दिया गया।

मतदान के दौरान रेजीनगर में भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और नवदा से विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस से तीखी बहस के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक सचिन मक्कर ने बताया कि हुमायूं कबीर इस चुनाव में न तो उम्मीदवार थे और न ही किसी के अधिकृत पोलिंग एजेंट, इसलिए उन्हें इस तरह से घूमने की अनुमति नहीं थी। उन पर मतदाताओं को प्रभावित करने और भड़काने के प्रयास का आरोप लगा। नंदीग्राम में वोट डालने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी को भी इसका उल्लंघन करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। दूसरी ओर, रेजीनगर से पार्टी प्रत्याशी और हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में पुलिस छापों, तोड़फोड़ और धमकियों के जरिए वोटरों को डराया गया। उन्होंने कहा कि अगर लोग वोट डाल पाते तो वे नतीजा स्वीकार करते, लेकिन जब मताधिकार ही छीना जा रहा हो तो ऐसे चुनाव का क्या औचित्य है।

## कांग्रेस का दोबारा मतदान कराने का दबाव, भाजपा का पलटवार
पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने दोनों सीटों पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा मतदान कराने की मांग उठाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कोलकाता स्थित प्रदेश मुख्यालय विधान भवन में संवाददाता सम्मेलन कर आरोप लगाया कि रेजीनगर में कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों को 100 से अधिक बूथों से जबरन बाहर निकाल दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। रेजीनगर से कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहील काफ़ी ने इन अनियमितताओं के खिलाफ स्थानीय थाने के बाहर धरना दिया। वहीं नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि चक्रबेरिया में मतदाताओं पर लाठीचार्ज किया गया और कांग्रेस एजेंटों को बूथों में घुसने से रोका गया। मिलन प्रधान जब मतदान केंद्रों का जायजा लेने पहुंचे तो भाजपा समर्थकों ने उनका घेराव भी किया।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने रेजीनगर का दौरा करने के बाद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस के नेतृत्व में मूक आतंक फैलाया गया है। उनके शब्दों में, रेजीनगर उपचुनाव में मूक आतंक और फर्जी मतदान हुआ; कोई बम नहीं फेंका गया, कोई गोली नहीं चली और कोई खून नहीं बहा, लेकिन पुलिस ने बिना किसी बाधा के आतंक फैलाया, फर्जी वोट डलवाए और पर्चियां तक बांटीं। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को वोट के नाम पर तमाशा करार दिया। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्ष के इन दावों को खारिज करते हुए पलटवार किया। राज्य भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि विपक्षी दल हार के डर से माहौल खराब करने और चुनावी नतीजों को चुनौती देने की जमीन तैयार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता 70:30 अनुपात, बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर तनाव भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

## असम की नगांव लोकसभा सीट पर 76 प्रतिशत मतदान
असम की नगांव संसदीय सीट पर हुआ उपचुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। इस लोकसभा सीट के तहत आने वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों में कुल 19.05 लाख मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 76 प्रतिशत लोगों ने अपने वोट डाले। सुबह 7 बजे शुरू हुए मतदान में 9 बजे तक 17.68 प्रतिशत, 11 बजे तक 37.82 प्रतिशत, दोपहर 1 बजे तक 56.35 प्रतिशत और दोपहर 3 बजे तक 70.25 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी। शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, समागुरी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 80.22 प्रतिशत और राहा विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 70.27 प्रतिशत मतदान हुआ।

यह संसदीय सीट तब खाली हुई थी जब कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था और इस वर्ष की शुरुआत में भाजपा के टिकट पर दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि मतदान के दौरान किसी भी केंद्र से बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में मामूली तकनीकी खराबी आई थी, लेकिन चुनाव कर्मियों ने तत्काल नई मशीनें लगाकर प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया।

## इसका आप पर असर
उपचुनाव संपन्न होने से संबंधित क्षेत्रों के मतदाताओं को नई सरकार या प्रतिनिधित्व की स्पष्ट दिशा मिलेगी।

- **राष्ट्रीय स्तर पर:** असम की नगांव संसदीय सीट पर हुए मतदान से संसद में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व तय होगा, जिसका असर राष्ट्रीय विधायी समीकरणों पर पड़ेगा। 9 अक्टूबर 2026 को मतगणना के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस सीट का प्रतिनिधित्व किस दल के पास जाता है।
- **पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में:** विधानसभा सीटों पर होने वाले नतीजों से क्षेत्रीय राजनीतिक संतुलन और स्थानीय विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। संबंधित क्षेत्रों के निवासियों को नए निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी प्रशासनिक समस्याओं के समाधान की उम्मीद बंधेगी।
- **मतदाताओं की भागीदारी:** भारी मतदान प्रतिशत यह दर्शाता है कि स्थानीय मुद्दों और राजनीतिक बदलाव को लेकर नागरिकों में गहरी जागरूकता है। चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद निर्वाचन क्षेत्रों में रुके हुए नागरिक कार्य और योजनाएं पुनः गति पकड़ेंगी।
- **सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था:** शिकायतों और झड़पों के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा की जाने वाली समीक्षा से भविष्य के चुनावों में मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी की जाएगी। नागरिकों के लिए यह सुनिश्चित करना आसान होगा कि आने वाले चुनावों में निष्पक्ष प्रक्रिया लागू रहे।

## सवाल-जवाब

### 1. उपचुनाव के मतों की गिनती किस तारीख को होगी?
सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों और एक लोकसभा क्षेत्र के लिए मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।

### 2. तमिलनाडु की किन सीटों पर उपचुनाव आयोजित किए गए?
तमिलनाडु में मदुरंतकम (अनुसूचित जाति) और धारापुरम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए गए।

### 3. असम की नगांव लोकसभा सीट पर कितने प्रतिशत मतदान हुआ?
असम की नगांव संसदीय सीट पर 19.05 लाख मतदाताओं में से 76 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

### 4. पश्चिम बंगाल के रेजीनगर में किस नेता को पुलिस ने हिरासत में लिया?
रेजीनगर में मतदान के दौरान पुलिस के साथ बहस के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को गिरफ्तार किया गया।

### 5. पुडुचेरी के थट्टांचावडी क्षेत्र में कुल कितना मतदान दर्ज किया गया?
पुडुचेरी की थट्टांचावडी विधानसभा सीट पर मतदान संपन्न होने तक 80.81 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._