# वजीराबाद में दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल फिजिकल टेस्ट में फर्जीवाड़े की साजिश बेनकाब, असली अभ्यर्थी पकड़ा गया

> दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के फिजिकल टेस्ट में दूसरे युवक से दौड़ लगवाने वाले 19 वर्षीय अभ्यर्थी अक्षित को पकड़ लिया गया है। दौड़ पूरी होने के बाद शरीर पर पसीना न दिखने से पुलिस को शक हुआ था।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/wazirabad-men-delhi-police-constable-physical-test-men-pharjivare-ki-sajisha-benakaba-asali-abhyarthi-pakara-gaya-38005 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली पुलिस, कॉन्स्टेबल भर्ती, वजीराबाद, फिजिकल टेस्ट, सोनिया विहार, सोनीपत, धोखाधड़ी

वजीराबाद स्थित दिल्ली पुलिस अकादमी में आयोजित कॉन्स्टेबल एग्जीक्यूटिव भर्ती के फिजिकल एंड्योरेंस एंड मेजरमेंट टेस्ट में धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला पकड़ा गया है। हरियाणा के सोनीपत निवासी 19 वर्षीय अभ्यर्थी अक्षित की जगह एक फर्जी युवक ने दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद पूरी की। इसके बाद शारीरिक माप के समय असली अभ्यर्थी सामने आ गया, लेकिन उसके चेहरे और शरीर पर थकावट व पसीने का कोई निशान न होने से पुलिस सतर्क हो गई और इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया।

## 1600 मीटर दौड़ के बाद भी न पसीना था और न धूल के निशान
भर्ती प्रक्रिया के नियमों के तहत अभ्यर्थियों को सबसे पहले 1600 मीटर दौड़, हाई जंप और लॉन्ग जंप जैसी कठिन शारीरिक गतिविधियों को पास करना होता है। इसके सफल समापन के बाद ही अभ्यर्थियों को ऊंचाई और सीने की माप के लिए आगे भेजा जाता है। जब अक्षित शारीरिक माप केंद्र पर पहुंचा, तो वह पूरी तरह से तरोताजा और सामान्य नजर आ रहा था। कठिन दौड़ और कूद के बावजूद उसके शरीर पर न तो पसीने की एक बूंद थी और न ही मैदान की धूल-मिट्टी का कोई अंश दिखाई दे रहा था। इस असामान्य स्थिति को देखकर वहां तैनात पुलिसकर्मियों के मन में गंभीर संदेह पैदा हुआ। साथ ही मौके पर मौजूद कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने भी पुलिस को संकेत दिया कि शारीरिक स्पर्धाओं में दौड़ने वाला युवक यह नहीं था, बल्कि कोई दूसरा व्यक्ति था।

## टैम्पर्ड एडमिट कार्ड और चेस्ट नंबर की हेराफेरी का खुलासा
संदेह गहराने पर पुलिस अधिकारियों ने अक्षित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। गहन पूछताछ के दौरान अक्षित ने कबूल किया कि उसके भाई ने उसकी जगह फिजिकल टेस्ट देने के लिए किसी अन्य युवक की व्यवस्था की थी। वह फर्जी उम्मीदवार छेड़छाड़ किए गए एडमिट कार्ड के जरिए परीक्षा केंद्र के भीतर दाखिल हुआ था। उसने अक्षित के बदले 1600 मीटर की रेस, लॉन्ग जंप और हाई जंप की औपचारिकताएं सफलतापूर्वक पूरी कीं। इसके बाद योजना के अनुसार नकली उम्मीदवार ने केंद्र से बाहर निकलते समय अपना चेस्ट नंबर अक्षित को थमा दिया। अक्षित का इरादा आगे के बायोमेट्रिक मिलान और शारीरिक माप के चरण में खुद को असली अभ्यर्थी के तौर पर पेश करने का था।

## सोनिया विहार थाने को सौंपा गया आरोपी, गिरोह की तलाश जारी
इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश होने के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी अक्षित को कानूनी कार्रवाई के लिए सोनिया विहार थाने की पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में विधिवत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब पुलिस इस नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अक्षित की जगह दौड़ लगाने वाला छद्म उम्मीदवार कौन था, उसने फर्जी एडमिट कार्ड किस तरह तैयार किया और भर्ती प्रक्रिया में हेराफेरी कराने वाले इस पूरे सिंडिकेट में किन-किन अन्य लोगों की संलिप्तता थी।

## इसका आप पर असर
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े पर कड़ी निगरानी और बायोमेट्रिक तथा शारीरिक जांच के नियमों को और अधिक सख्त किया जा रहा है।

- **प्रतियोगी छात्रों के लिए:** अनुचित साधनों या फर्जी उम्मीदवार का इस्तेमाल करने पर न केवल जेल हो सकती है, बल्कि भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाओं से हमेशा के लिए निष्कासित किया जा सकता है। परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर अब शारीरिक जांच और बायोमेट्रिक सत्यापन बेहद कड़ा कर दिया गया है।
- **दिल्ली और एनसीआर में:** दिल्ली पुलिस भर्ती केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने से वास्तविक और मेहनती युवाओं के लिए चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी। फर्जीवाड़े में शामिल दलालों और फर्जी उम्मीदवारों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष जांच दल सक्रिय किए गए हैं।
- **सुरक्षा और सत्यापन पर असर:** परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश पत्र के साथ-साथ एडमिट कार्ड की डिजिटल जांच और चेस्ट नंबर वितरण को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा रहा है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एफआईआर और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- **नागरिकों और अभिभावकों के लिए:** भर्ती कराने का झांसा देने वाले ठगों और फर्जी गिरोहों से सावधान रहने की सख्त जरूरत है। किसी भी शॉर्टकट या अनैतिक माध्यम का सहारा लेने पर सीधा आपराधिक मुकदमा दर्ज होता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना परीक्षा केंद्र पर विभिन्न चरणों के बीच मौजूद व्यवस्थागत अंतर का फायदा उठाने और सरकारी नौकरी पाने के लिए किए गए अनैतिक प्रयास के कारण घटी।

- **शारीरिक अक्षमता और अनैतिक मार्ग:** 19 वर्षीय अभ्यर्थी स्वयं शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने में सक्षम नहीं था, जिसके चलते उसने छद्म उम्मीदवार का सहारा लिया। उसके भाई ने फर्जी उम्मीदवार और छेड़छाड़ किए गए एडमिट कार्ड का प्रबंध कर उसे परीक्षा में बैठाया।
- **चरणबद्ध जांच के बीच की खामी भुनाने की कोशिश:** शारीरिक स्पर्धाओं और शारीरिक माप के बीच चेस्ट नंबर बदलने की योजना बनाई गई थी ताकि दौड़ दूसरा व्यक्ति करे और बायोमेट्रिक में असली अभ्यर्थी पहुंच जाए। हालांकि, पसीना न आने और साथी अभ्यर्थियों की सूचना ने इस पूरी योजना को उजागर कर दिया।
- **जांच और आगे की कार्रवाई:** पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सोनिया विहार थाने में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब जांच में फर्जी अभ्यर्थी की पहचान और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह की पड़ताल की जा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह मामला किस परीक्षा और किस केंद्र का है?
यह मामला वजीराबाद स्थित दिल्ली पुलिस अकादमी में आयोजित दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल एग्जीक्यूटिव के फिजिकल टेस्ट का है।

### 2. पकड़े गए असली अभ्यर्थी का नाम और निवास कहां का है?
पकड़े गए 19 वर्षीय अभ्यर्थी का नाम अक्षित है और वह हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है।

### 3. पुलिसकर्मियों को अभ्यर्थी पर शक किस वजह से हुआ?
1600 मीटर दौड़, हाई जंप और लॉन्ग जंप पूरा होने के दावे के बावजूद अक्षित के शरीर पर न पसीना था और न धूल के निशान, जिससे पुलिस को संदेह हुआ।

### 4. फर्जी उम्मीदवार ने केंद्र में प्रवेश कैसे किया था?
फर्जी उम्मीदवार ने अक्षित की जगह दूसरे टैम्पर्ड यानी छेड़छाड़ किए गए एडमिट कार्ड का उपयोग करके टेस्ट सेंटर में प्रवेश किया था।

### 5. शारीरिक स्पर्धाओं के बाद दोनों के बीच क्या अदला-बदली हुई थी?
फर्जी उम्मीदवार ने दौड़ और कूद पूरी करने के बाद अपना चेस्ट नंबर अक्षित को सौंप दिया ताकि वह माप परीक्षण में शामिल हो सके।

### 6. आरोपी के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जा रही है?
अक्षित को सोनिया विहार थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां एफआईआर दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

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