पश्चिम बंगाल में चक्रवात मुरासु ने बढ़ाई उमस, पांच नवंबर से पारा लुढ़कने के आसार आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचे चक्रवाती सिस्टम के असर से बंगाल में बादल छाए हुए हैं, जिससे ठंड की दस्तक टल गई है। बुधवार के बाद आसमान साफ होने पर तापमान में कमी आएगी। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी हलचल ने इस बार शुरुआती सर्दी के मिजाज को पूरी तरह बदल दिया है। सामान्य तौर पर नवंबर की शुरुआत में जब हल्की ठंड पैर पसारने लगती है, उस समय पश्चिम बंगाल के ज्यादातर शहरों में पारा ऊपर चढ़ा हुआ है और लोग पसीने छुड़ाने वाली नमी से परेशान हैं। आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाके में पहुंचे चक्रवाती तूफान मुरासु के दूरगामी प्रभाव ने बंगाल के वायुमंडल में भारी मात्रा में नमी धकेल दी है, जिसकी वजह से पारे की सामान्य गिरावट रुक गई है। तटीय राज्यों में भीषण बारिश का संकट इस मौसमी तंत्र का केंद्र भले ही आंध्र प्रदेश के समुद्री इलाके पर केंद्रित रहा हो, लेकिन इसने प्रायद्वीपीय भारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। पड़ोसी तटीय राज्यों ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में मूसलाधार वर्षा को लेकर हाई अलर्ट बना हुआ है, जहां कई संवेदनशील इलाकों के लिए रेड अलर्ट भी प्रभावी किया गया है। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल पर इसका कोई सीधा प्रहार नहीं होने जा रहा है, लेकिन इसके बाहरी बादलों का घेरा पूरे राज्य के मौसम चक्र को प्रभावित कर रहा है। मंगलवार के दौरान राज्य भर में बादलों की आवाजाही जारी रहने और छिटपुट बौछारें पड़ने की स्थितियां बनी हुई हैं। उत्तर और दक्षिण बंगाल के जिलों का हाल राज्य के भौगोलिक क्षेत्रों पर नजर डालें तो उत्तर बंगाल के पहाड़ी और तराई वाले जिलों में मिला-जुला असर दिख रहा है। दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की फुहारें गिर सकती हैं। इसके विपरीत, उत्तर बंगाल के अन्य तीन जिलों में मौसम पूरी तरह सूखा बने रहने की उम्मीद है। दक्षिण बंगाल के मैदानी इलाकों में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति देखी जा रही है। विशेषकर कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा में बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। दक्षिण के शेष इलाकों में हालात ज्यादातर शुष्क ही रहेंगे। बुधवार पांच नवंबर से शनिवार के बीच समूचे राज्य में बारिश की गतिविधियों में तेजी से कमी दर्ज की जाएगी और वातावरण सूखने लगेगा। कोलकाता में पारे और आर्द्रता के आंकड़े महानगर में पिछले चौबीस घंटों के दौरान मौसम का मिजाज खासा असहज करने वाला दर्ज किया गया। शहर का अधिकतम तापमान 31.04 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य स्तर 31 डिग्री सेल्सियस से थोड़ा अधिक रहा। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 25.02 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो सामान्य के मुकाबले 2.03 डिग्री ज्यादा था। हवा में नमी का पैमाना 67 से 95 प्रतिशत के बीच बना रहा। इतनी अधिक आर्द्रता और बादलों के अवरोध की वजह से रात के समय भी उमस का भारी दबाव महसूस किया जा रहा है। काली पूजा तक ठंड की वास्तविक शुरुआत की आस मौसम के जानकारों के अनुसार जैसे ही चक्रवात के बादल छंटेंगे, वायुमंडल की नमी समाप्त होने लगेगी। बुधवार पांच नवंबर से आसमान साफ होते ही रात के पारे में लगातार गिरावट देखने को मिलेगी। यह क्रमिक बदलाव आठ नवंबर को होने वाली काली पूजा के उत्सव से ठीक पहले वातावरण में गुलाबी ठंडक का अहसास कराने लगेगा। ठंड की यह चाल पूरी तरह से इस बात पर टिकेगी कि अगले कुछ दिनों में बादलों का आवरण कितनी तेजी से खत्म होता है और ठंडी हवाओं का रास्ता साफ होता है। इसका आप पर असर पश्चिम बंगाल में चक्रवाती प्रभाव के चलते उमस भरी गर्मी बनी हुई है, लेकिन सप्ताह के अंत तक मौसम साफ होकर सुहावना होने जा रहा है। • पश्चिम बंगाल में: बुधवार तक कई जिलों में छिटपुट बारिश और भारी उमस के कारण दैनिक कामकाज में असहजता रहेगी। पांच नवंबर के बाद आसमान साफ होने से रात का तापमान गिरेगा, जिससे आठ नवंबर की काली पूजा के दौरान त्योहार का माहौल सुहावना रहेगा। • तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में: चक्रवात और भारी बारिश के चलते समुद्र तटों के पास रेड अलर्ट प्रभावी है। मछुआरों और तटीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि जलभराव और तेज हवाओं से स्थानीय यातायात बाधित हो सकता है। • आम नागरिकों के लिए: फिलहाल रात में पंखे और एसी की जरूरत बनी रहेगी क्योंकि कोलकाता में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.03 डिग्री अधिक है। पांच नवंबर के बाद पारा लुढ़कने पर सर्दी के कपड़े निकालने की तैयारी शुरू की जा सकती है। • त्योहारी खरीदारी पर असर: मंगलवार को दक्षिण बंगाल के दस जिलों में हल्की बारिश से बाजारों में खरीदारी प्रभावित हो सकती है। बुधवार से शनिवार तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने से काली पूजा और दिवाली की खरीदारी बिना रुकावट की जा सकेगी। ऐसा क्यों हुआ बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान मुरासु के कारण तटीय और पूर्वी भारत में समुद्री हवाओं का भारी जमावड़ा हो गया, जिससे सामान्य मौसम प्रणाली बाधित हो गई। • चक्रवात का अप्रत्यक्ष असर: चक्रवात मुरासु ने आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी, जिससे व्यापक समुद्री बादलों की शाखाएं पश्चिम बंगाल के ऊपर फैल गईं। इन बादलों ने धरती की गर्मी को वायुमंडल में ही रोक लिया, जिसके चलते रात का तापमान सामान्य से ऊपर चढ़ गया। • उच्च आर्द्रता और बादलों का अवरोध: कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में सापेक्ष आर्द्रता 95 प्रतिशत तक पहुंच गई। उच्च नमी और घने बादलों के आवरण ने उत्तर से आने वाली शुष्क व ठंडी हवाओं का प्रवेश रोक दिया। • आगे का मौसमी घटनाक्रम: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवाती प्रणाली के कमजोर पड़ने के बाद बुधवार से बादलों का घेरा हटेगा। बादल छंटते ही सतह की ऊष्मा तेजी से अंतरिक्ष में विकिरित होगी, जिससे पांच नवंबर से तापमान में लगातार गिरावट शुरू हो सकेगी। सवाल-जवाब 1. पश्चिम बंगाल में इस समय सर्दी की शुरुआत में देरी क्यों हो रही है? आंध्र प्रदेश तट पर आए चक्रवात मुरासु के अप्रत्यक्ष असर से बंगाल में बादल छाए हुए हैं और भारी नमी जमा हो गई है, जिससे तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। 2. पश्चिम बंगाल में मौसम कब से सुधरने और तापमान गिरने की उम्मीद है? मौसम विभाग के अनुसार पांच नवंबर से राज्य में मौसम शुष्क होने लगेगा और रात के तापमान में क्रमिक गिरावट शुरू हो जाएगी। 3. काली पूजा के दौरान बंगाल में मौसम कैसा रहने का अनुमान है? पांच नवंबर के बाद बादल हटने से आठ नवंबर को काली पूजा के आसपास राज्य में हल्की ठंड का अहसास बढ़ने की उम्मीद है। 4. चक्रवात के कारण किन राज्यों में भारी बारिश और रेड अलर्ट जारी किया गया है? चक्रवात मुरासु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जहां कुछ हिस्सों में रेड अलर्ट घोषित है। 5. कोलकाता में सोमवार को तापमान और आर्द्रता का स्तर क्या दर्ज किया गया? कोलकाता में अधिकतम तापमान 31.04 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.03 डिग्री अधिक यानी 25.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सापेक्ष आर्द्रता 67 से 95 प्रतिशत रही। 6. मंगलवार को दक्षिण बंगाल के किन प्रमुख जिलों में बारिश और गरज की संभावना है? कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर व दक्षिण 24 परगना, पूर्वी व पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा और पुरुलिया में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। https://trendkia.com/national/west-bengal-men-chakravata-murasu-ne-barhai-umasa-pancha-navnbara-se-para-lurhakane-ke-asara-55623 TrendKia — Har trend, sabse pehle.