पश्चिम बंगाल में फेरीवालों को अक्टूबर तक बेदखली से छूट, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से भरोसा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भरोसा दिया है कि इस साल अक्टूबर में दुर्गा पूजा तक राज्य में कहीं भी फेरीवालों को नहीं हटाया जाएगा, जिससे लाखों फेरीवालों ने राहत की सांस ली है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को राज्य के फेरीवालों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया कि इस साल अक्टूबर में दुर्गा पूजा तक राज्य में कहीं भी फेरीवालों को उनकी दुकानों या ठेलों से नहीं हटाया जाएगा. यह भरोसा उन्होंने राज्य सचिवालय नबन्ना में फेरीवालों की संयुक्त कार्रवाई समिति के राज्य अध्यक्ष असित साहा के साथ हुई बैठक में दिया. बैठक के बाद असित साहा ने क्या कहा बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में असित साहा ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस भरोसे से राज्यभर के फेरीवालों में लंबे समय से बना बेदखली का डर आखिरकार खत्म हो गया है. साहा के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मानवीय आधार पर साफ कहा है कि इस साल दुर्गा पूजा तक किसी भी फेरीवाले को उसकी जगह से नहीं हटाया जाएगा. साहा ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशनों या रेलवे की जमीन पर कारोबार कर रहे फेरीवालों की दिक्कत को भी गंभीरता से लिया है और इस मसले को भारतीय रेलवे विभाग के सामने उठाने का भरोसा दिया है, ताकि इन फेरीवालों के लिए भी कोई हल निकाला जा सके. अगले हफ्ते होगी पुनर्वास पर अहम बैठक फेरीवालों के पुनर्वास और आगे की नीति तय करने के मकसद से फेरीवाला संगठन की अगले सप्ताह राज्य के नगर निगम विभाग के सचिव के साथ एक अहम बैठक होने वाली है. इस बैठक में फेरीवालों के पहचान पत्र जारी करने और उनके कारोबार के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बातचीत होगी. मुख्यमंत्री की तरफ से अक्टूबर तक बेदखली अभियान न चलाने के इस भरोसे के बाद राज्यभर के लाखों फेरीवाले और उनके परिवार अब राहत की सांस ले पा रहे हैं. अधिकारी सरकार बनने के बाद से चल रहे थे बेदखली अभियान गौरतलब है कि सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली नई सरकार के सत्ता संभालने के बाद से राज्य के अलग अलग रेलवे स्टेशनों पर फेरीवालों को हटाने के कई अभियान चलाए गए थे. इसके अलावा कुछ बाजारों में भी फेरीवालों को नोटिस थमाए गए थे. इन कार्रवाइयों की वजह से फेरीवालों को अपनी रोजी रोटी कमाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी और वे लगातार अपने पुनर्वास की मांग कर रहे थे. राज्य सरकार के इस ताजा ऐलान को फेरीवाला समुदाय के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है. इसका आप पर असर • देशभर में: यह फैसला दिखाता है कि फेरीवालों और छोटे कारोबारियों के हितों को लेकर सरकारें त्योहारी मौसम में नीति में कैसे बदलाव करती हैं, जो दूसरे राज्यों के फेरीवालों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है. • पश्चिम बंगाल में: राज्य के लाखों फेरीवालों को अब अक्टूबर तक बेदखली या नोटिस का डर नहीं रहेगा और वे बिना किसी रुकावट अपना रोजगार जारी रख सकेंगे. सवाल-जवाब 1. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने फेरीवालों को क्या भरोसा दिया है? मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भरोसा दिया है कि इस साल अक्टूबर में दुर्गा पूजा तक राज्य में कहीं भी किसी फेरीवाले को नहीं हटाया जाएगा. 2. यह भरोसा किसे दिया गया? यह भरोसा फेरीवालों की संयुक्त कार्रवाई समिति के राज्य अध्यक्ष असित साहा को नबन्ना में हुई बैठक में दिया गया. 3. रेलवे स्टेशनों पर कारोबार करने वाले फेरीवालों के लिए क्या आश्वासन मिला? मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशनों या रेलवे की जमीन पर कारोबार करने वाले फेरीवालों का मसला वे भारतीय रेलवे विभाग के सामने उठाएंगे. 4. फेरीवालों के पुनर्वास पर अगली बैठक कब होगी? अगले सप्ताह फेरीवाला संगठन की राज्य के नगर निगम विभाग के सचिव के साथ एक अहम बैठक होने वाली है. 5. अधिकारी सरकार बनने के बाद फेरीवालों के साथ क्या हुआ था? कई रेलवे स्टेशनों पर बेदखली अभियान चलाए गए और कुछ बाजारों में नोटिस जारी किए गए, जिससे फेरीवालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. https://trendkia.com/national/west-bengal-men-pherivalon-ko-aktubara-taka-bedakhali-se-chhuta-mukhyamntri-suvendu-adhikari-ki-ora-se-bharosa-4786 TrendKia — Har trend, sabse pehle.